कल एक वीडियो से बिचलित होकर #नालन्दा के करायपरशुराय में बूढ़ी अम्मा के पास पहुंच कर ग्रामीण से अग्रहकर उन्हें सुरक्षित बगल के घर मे शिफ्ट कराया एवं छोटी बच्ची से आगे की पढ़ाई जारी रखने हेतु मुफ्त शिक्षा का पेशकश भी किया। @iamNavKP @Mukesh_journo@Ideaz_90@dmnalanda@Shubhrastha
दोस्तों, थोड़ा समय निकाल कर फ़िल्म #दीक्षा अवश्य देखें..!
मुख्य विषय:
जाति व्यवस्था और धार्मिक कट्टरता
महिलाओं के प्रति अन्याय और उत्पीड़न
सामाजिक सुधार
धार्मिक प्रथाओं में पाखंड
फिल्म दीक्षा स्वतंत्रता-पूर्व भारत पर आधारित है और एक गुरु (मनोहर सिंह द्वारा अभिनीत) और उनके आश्रम की सख्त ब्राह्मण परंपराओं के इर्द-गिर्द घूमती है।
निर्देशक: अरुण कौल
कलाकार: नाना पाटेकर, मनोहर सिंह, विजय कश्यप, के.के. रैना, सुलभा आर्य, राजश्री सावंत
शैली: नाटक
रिलीज़ वर्ष: 1991
पुरस्कार: सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (1992)
दीक्षा 1992 में अकादमी पुरस्कार के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि थी।
फिल्म को इसके संवेदनशील निर्देशन और उत्कृष्ट अभिनय के लिए समीक्षकों द्वारा सराहा गया।
दीक्षा को भारतीय सिनेमा की एक क्लासिक फिल्म माना जाता है और इसके विषय और संदेश आज भी प्रासंगिक हैं।
यदि आप ऐसे विषयों पर आधारित अन्य फिल्मों के नाम जानते हैं तो कृपया हमें कमेंट बॉक्स में बताएं।
At Central University of South Bihar, Gaya for International Conference organized by @indfoundation
Tribute to Pandit Deendayal Upadhyaya ji on his Punyatithi 🙏
AO THROWBACK - Nalanda Monastery in India was founded in the 5th century AD and educated generations of students from various countries until it was destroyed 700 years later. https://t.co/DWsPRl0Zmx
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संघ के पंच परिवर्तन में आज बात परिवार प्रबोधन की
आज के समाज में परिवार प्रबोधन पर जोर देने की क्यों आवश्यकता पड़ी? सुनिए
- मा. आलोक कुमार जी, सह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
#RSS l #संघ l #AlokKumar Ji
भारत के भाग्य के उदय के लिए एक सेवा कार्य प्रत्येक स्वयंसेवकों को अवश्य करना चाहिए।
- डॉ मोहन भागवत जी, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
#RSS l #संघ l #DrMohanbhagwat Ji
सत्य स्थापित करने के लिए भी शक्ति चाहिए, विश्व को सत्य बताने के लिए हमें शक्तिशाली होना पड़ेगा
- डॉ मोहन भागवत जी, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
#RSS l #संघ l #DrMohanbhagwat Ji
हमारी मातृभूमि भारत सुरक्षित और समृद्ध थी, इसलिए हमारे लोग जीने के लिए संघर्ष करने के बजाय ज्ञान की खोज में लगे रहते थे।
- डॉ मोहन भागवत जी, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
#RSS l #संघ l #DrMohanbhagwat Ji
आज आद्यजगद्गुरु शंकराचार्य जी के प्राकट्य दिवस के पावन अवसर पर हरिद्वार में परम श्रद्धेय जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर स्वामी श्री @AvdheshanandG गिरि जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
पहली बार महाराज जी का दिव्य सानिध्य प्राप्त हुआ।
अस्थावां क्षेत्र में राष्ट्रहित एवं जनहित को ध्यान में रखकर अपने अपने मतदान करने की अपील किया.....आपका अमूल्य वोट श्रेष्ठ, सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगा।
राष्ट्र के हित में करेंगे #मतदान...... 1 जून
भारत माता की जय
#nalanda#vote
अपनी शाखाओं में बाल और तरुण स्वयंसेवक रहते हैं। वैसे ही विद्यार्थी, शिक्षक, वकील, डॉक्टर, किसान व अन्य कई व्यवसाय क्षेत्रों के लोग भी आते हैं। इन स्वयंसेवकों की दृष्टि से शाखा प्रमुख का कार्य क्या है? हम समझते हैं कि शिक्षक अथवा मुख्य शिक्षक का कार्य केवल संध-स्थान तक ही सीमित है
आज से शुरू हो रहा है डॉक्टर जी के विराट जीवन का संक्षिप्त परिचय -
भाग - 1
1889 की 1 अप्रैल प्रतिपदा का दिन था। परंपरागत ढंग से हिंदू घरों में भगवा ध्वज फहराया जा रहा था। वर्ष प्रतिपदा को महाराष्ट्र में 'गुड़ीपड़वा' के नाम से जाना जाता है।
यदि किसी घर में इस शुभ दिन की शुभ वेला में किसी बालक का जन्म हो तो इसे प्रकृति की महान कृपा ही कहा जाएगा। ऐसा ही खुशी का अवसर इस दिन नागपुर के गरीब ब्राह्मण बलिराम पंत हेडगेवार के परिवार में था।
उनके सबसे छोटे (तीसरे) पुत्र एवं पांचवीं संतान का जन्म हुआ था।
बचपन का केशव आधुनिक में से सचमुच भारत के निर्माण की संकेत-रेखा था, जो आगे चलकर डा. केशव बलिराम हेडगेवार के रूप में यशस्वी हुआ।
व्यक्ति के जीवन में उसके कर्मों से उसे यश मिलता है और मृत्युपरांत उसकी यशोगाथा इतिहास के पन्नों में सिमटकर रह जाती है। परंतु हेडगेवार वर्तमान एवं भविष्य के साथ जुड़े हैं। यही कारण है कि उनकी प्रसिद्धि जीवनकाल से अधिक मृत्युपरांत हुई।
आदर्श राष्ट्रवाद एवं कर्मयोग को अमूर्त से मूर्त्त बनाने का जो कार्य उन्होंने किया, वह संभवतः भारतीय राष्ट्र के भाग्य की योजना ही कहा जा सकता है।
राष्ट्र के नव सृजन, नव संगठन, नव रचना का उनका संदेश जितना कल प्रासंगिक था, उतना ही आज प्रबल है और भविष्य में भी उत्तरोत्तर प्रभावकारी एवं प्रासंगिक होता जाएगा।
#IVSKonDrHedger
Hare Krishna 🙌🏼
Prabhu Krishnajanambhoomi and Shahi idgah mosque (build by Invader) has been declared to be a monument of national importance therefore as per places of worship act, 1991 itself; will not apply in this case. Journey begins to take back it. Let’s Prabhu bless us.
काशी का ज्ञानवापी और मथुरा का ईदगाह हिंदुओं के मंदिरों को तोड़कर बनाया गया है यह स्पष्ट दिखाई देता है मुसलमानो को चाहिए की इन्हे हिन्दुओं को सौंपकर भाईचारे का परिचय दें।
- के के मोहम्मद ( भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व अधिकारी, एवं पद्मश्री)
संघ के स्वयंसेवक गमले के पुष्प नहीं, बल्कि वन के फूल हैं जो अपने पोषण की व्यवस्था स्वयं करता है. हम लोगों को समाज ने सम्मान दिया है. स्वयंसेवकों को नहीं भूलना चाहिए कि हमारी दशा बदली है, लेकिन दिशा नहीं. हमें विनम्रता और शील नहीं छोड़ना चाहिए.
- प.पू. सरसंघचालक जी, (पटना)