पंचायत सहायकों को मोहरा बनाकर खुद को स्वघोषित प्रदेश अध्यक्ष बताकर गंदे कमेंट करने वाले बृजेश मिश्रा प्रतापगढ़ से पंचायत सहायक जो कुछ समय पंचायतीराज मंत्री जी को भी गाली दे रहा था उसके साथ क्या होना चाहिए ? @dmpratapgarh@oprajbhar@CMOfficeUP@UPGovt@uppanchayatiraj
पंचायत सहायकों का उनके पास है क्या🤔
कुछ नहीं😁
मानदेय ग्राम निधी से
अनुबंध ग्राम पंचायत से
अगर 9000 रु मानदेय हमारा हो भी जाय तो क्या फायदा जब तक हमारा मानदेय ��र अनुबंध ग्राम पंचायत से नहीं हटेगा तब तक तुम कर्मचारी नहीं कहलाओगे!
#अनुबंधन_तो_हटवाओ_पहले_ग्राम_पंचायत_से
@PSKS_UP
सेवा में, @myogioffice
माननीय मुख्यमंत्री जी, @myogiadityanath
उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।
माननीय मंत्री जी, @oprajbhar
पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।
@CMOfficeUP
माननीय मुख्य सचिव जी, @UPGovt
पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश।
*विषय: उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों की न्यायोचित मांगों के शीघ्र निराकरण, सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन एवं पंचायत सहायकों का स्था��ांतरण व महिला विशेष अवकाश नीति लागू किए जाने के संबंध में।*
महोदय,
सविनय निवेदन है कि उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायक विगत कई वर्षों से ग्राम पंचायत स्तर पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल सेवाओं, अभिलेखों एवं ग्रामीण प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
शासन की योजनाओं को ग्रामीण जनता एवं अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में पंचायत सहायकों की महत्वपू���्ण भूमिका है।
इसके बावजूद पंचायत सहायक आज भी सीमित मान��ेय, अनुबंध व्यवस्था, सेवा असुरक्षा तथा स्पष्ट सेवा नियमावली के अभाव में कार्य कर रहे हैं।
अतः पंचायत सहायकों की निम्नलिखित न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है—
*1. सेवा सुरक्षा एवं स्थायीकरण"*
वर्तमान अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर पंचायत सहायकों को
*समूह ‘ग’ (Group-C) के राज्य कर्मचारी के रूप में स्थायी किया जाए।*
*2. सरकारी भर्तियों में आरक्षण/विशेष वरीयता*
पंचायत सहायकों के अनु���व एवं ग्रामीण प्रशासन में योगदान को देखते हुए,
*राज्य स्तरीय सरकारी भर्तियों में 50% आरक्षण अथवा विशेष वरीयता प्रदान की जाए।*
*3. सम्मानजनक वेतन एवं सेवा लाभ"*
पंचायत सहायकों को अति-कुशल/क्लेरिकल श्रेणी के अनुरूप सम्मानजनक वेतन प्रदान किया जाए।
अति-कुशल : ₹1,035 प्रतिदिन
कुशल/क्लेरिकल श्रेणी का मासिक वेतन (26 कार्यदिवस के आधार पर) ₹26910 प्रति माह बनता है।
तथा महंगाई भत्ता, वार्षिक वेतनवृद्धि, PF, चि���ित्सा सुविधा, बीमा एवं अन्य आवश्यक ��ेवा लाभ प्रदान किए जाएँ।
*4. समायोजन एवं स्थानांतरण नीति"*
नगर पंचायत अथवा अन्य स्थानीय निकायों में समायोजन की स्थिति में पंचायत सहायकों को पद के अनुरूप कार्य एवं पदस्थापन दिया जाए।
पंचायत सहायकों, विशेषकर महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण नीति लागू की जाए तथा विवाह के पश्चात ससुराल के निकट स्थानांतरण का प्रावधान किया जाए।
*महिला पंचायत सहायकों हेतु विशेष अवकाश नीति"*
महिला पंचाय��� सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश एवं गर्भावस्था संबंधी विशेष अवकाश नीति लागू की जाए,
ताकि वे सम्मानजनक एवं सुरक्षित परिस्थितियों में अपनी सेवा जारी रख सकें।
*अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि उपरोक्त मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक एवं न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें,*
जिससे उत्तर प्रदेश के हजारों पंचायत सहायकों की सेवा, सम्मान, आर्थिक सुरक्षा एवं भविष्य सुनिश्चित हो सके।
*हम पंचायत सहायक सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं एवं सरकारी सेवाओं को ग्रामीण जनता और अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने वाले सहयोगी हैं।*
हमें पूर्ण विश्वास है कि आपकी संवेदनशील एवं न्यायप्रिय सरकार पंचायत सहायकों की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उनके हितों की रक्षा करेगी।
@uppanchayatiraj @mopr_goi
फिर आयेंगे..!
9000 में दम नहीं..!
18000 से बिल्कुल कम नहीं.✊
हमें भी पता है पहली बार में कोई भी सैलरी सीधा 30 या 25 हजार नहीं की जा सकती लेकिन इतनी भी नहीं कि जाती कि कर्मचारी की स्थिति में कोई अंतर ही ना आए
9000 कोई भी तरह अगले 5 साल प्रभावी राशि नहीं है 18 से कम मंजूर नहीं
उत्तर प्रदेश में हर कर्मी को 16 न्यूनतम सैलरी की प्रकिया जारी है लेकिन 6000 पाने वाले पंचायत सहायकों को
9000 या 10000 मानदेय से उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा .! हमे न्यूनतम 18000 वेतन दिया जाए हम हर लड़ाई हर तरीके से ल��़ेगे भले इसके लिए कुछ भी खोना पड़ जाए।
#पंचायत_सहायक
"हर जोर जुल्म की टक्कर से संघर्ष हमारा नारा है"
लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार तुम्हारा है,
तुम झूठ को सच लिख दो अख़बार तुम्हारा है!
पीड़ित पंचायत सहायक जायें तो कहां जायें
कानून तुम्हारा है, दरबार तुम्हारा है !! 🔥
#पीड़ित_पंचायत_सहायक#अल्प_मानदेय_6000
🙏 @myogiadityanath जी
🙏 @oprajbhar जी
उत्तर प्रदेश के हजारों पंचायत सहायकों की पीड़ा और जायज़ मांगों की ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं।
माननीय मुख्यमंत्री जी, @CMOfficeUP
दिनांक 18.07.2026 को अमरोहा में पंचायत सहायक संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा आपको ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के पंचायत सहायकों की वास्तविक समस्याओं एवं जायज़ मांगों से अवगत कराया गया था। @mopr_goi@uppanchayatiraj@UPGovt
इसके पश्चात दिनांक 20.07.2026 को लखनऊ स्��ित इको गार्डन में पंचायत सहायक संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
इस दौरान पंचायतीराज विभाग के उपनिदेशक महोदय को ज्ञापन सौंपकर पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों को शासन तक पहुंचाने का अनुरोध किया गया।
माननीय जी,
उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायक वर्षों से ग्राम पंचायतों में पूरी निष्ठा, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं ���ेवाओं को ग्रामीण जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
हम पंचायत सहायक सरकार और ग्रामीण जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ऐसे में उत्तर प्रदेश के समस्त पंचायत सहायक केवल मामूली मानदेय वृद्धि के किसी प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं।
हमारी वास्तविक एवं जायज़ मांगें निम्नलिखित हैं—
�� पंचायत सहायकों का ग-श्रेणी के राज्य कर्मचारी के रूप में स्थायीकरण किया जाए।
🔹 पंचायतीराज विभाग की आगामी भर्तियों/नौकरियों में पंचायत सहायकों को 50% आरक्षण प्रदान किया जाए।
🔹 कुशल श्रमिक के अनुरूप पंचायत सहायकों के लिए सम्मानजनक वेतन/मानदेय निर्धारित किया जाए।
🔹 पंचायत सहायकों के लिए सेवा सुरक्षा नियमावली लागू की जाए।
🔹 महिला पंचायत सहायकों के लिए महिला अवकाश एवं मातृत्व अवकाश की उचि��� व्यवस्था की जाए।
🔹 पंचायत सहायकों के लिए पारदर्शी एवं व्यवहारिक स्थानांतरण नीति लागू की जाए।
माननीय जी,
पंचायत सहायक वर्षों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अब हमें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सम्मानजनक वेतन, सेवा सुरक्षा और सुरक्षित भविष्य चाहिए।
👉 हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या अधिकारी के विरुद्ध नहीं है।
👉 हमारा संघर्ष अपने अधिकार, सम्मान और सुरक्��ित भविष्य के लिए है।
🙏 माननीय मुख्यमंत्री जी एवं माननीय मंत्री जी, आपसे विनम्र निवेदन है कि उत्तर प्रदेश के हजारों पंचायत सहायकों की वास्तविक पीड़ा एवं जायज़ मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक और गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लेने की कृपा करें।
🙏 पंचायत सहायक संगठन उत्तर प्रदेश
संघर्ष • अधिकार • सम्मान
@PSSAllUP @psunionup @PSKS_U
माननीय मुख्यमंत्री जी,
@myogiadityanath
चाहे कृषि विभाग हो, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग या कोई अन्य विभाग आज पंचायत सहायकों से लगभग हर विभाग के तकनीकी एवं क्षेत्रीय कार्य कराए जा रहे हैं।
विडंबना यह है कि बिना किसी संसाधन, यात्रा भत्ता, सुरक्षा या अतिरिक्त मानदेय के पंचा��त सहायक अपने निजी मोबाइल, इंटरनेट और खर्च पर दूसरे विभागों के कार्य भी संपादित कर रहे हैं।
पंचायत सहायकों को केवल जन सेवा संचालक या ग्राम सचिवालय खोलने वाले कर्मचारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आज वे शासन की ��धिकांश योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
समान कार्य, समान वेतन के सिद्धांत के अनुसार पंचायत सहायकों को भी न्याय मिलना चाहिए।
₹9,000 मानदेय हमारे सभी पंचायत सहायकों को स्वीकार नहीं है।
कम से कम ₹18,000 तो किया ही जाए।
माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र आग्रह है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार कर पंचायत सहायकों को सम्मानजनक वेतनमान एवं उचित अधिकार प्रदान किए जाएँ।
@uppanchayatiraj @oprajbhar @ChiefSecyUP @CLCMOLE @yadavakhilesh @INCUttarPradesh @Mayawati @BhimArmyChief @UPGovt
वीडियो क्रेडिट @batangarh ♥️🙏
माननीय मुख्य सचिव जी @ChiefSecyUP
उक्त प्रकरण के मामले में एक पत्र में इतने बेबुनियादी आरोप लगाए गए है जो समस्त 57000+ पंचायत सहायक के आत्मसम्मान , मौलिकता और स्वाभिमान की गरिमा भंग करते है
> अतः हम जवाब चाहते है सभी आरोपों का किस आधार पर किस साक्ष्य के अंतर्��त कार्यवाही की गई।
1. पहला आरोप : हमारे मीडिया प्रभारी पर यह आरोप लगाया गया कि वह अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, पंचायत सहायकों को भड़काते हैं और कार्य में बाधा डालते हैं।
महोदय, ज़रा यह बताइए
यदि कार्य में वास्तविक कठिनाइयाँ न होतीं, तो क्या 57,000 पंचायत सहायक एक साथ विरोध करते, बहिष्कार करते, अपनी समस्याएँ गिनाते?
क्या सभी 57,000 कर्मचारी फालतू हैं?
हमारे मीडिया प्रभारी केवल समस्याओं को सामने रखकर कर्मचारियों को एकजुट कर रहे हैं, और यह हमारा मौलिक अधिकार है।
संगठित होना और अपनी कठिनाइयाँ बताना संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है, अपराध नहीं।
यहां पर यह भी ध्यान दिलाना ज़रूरी है कि
सभी डीएम महोदय द्वारा आए हुए समस्त आदेशों का सभी 75 जिलों में पालन किया जाता है जिसमें फैमिली ID, आयुष्मान कार्ड और अन्य सभी कार्य अपने निजी फोन इंटरनेट का प्रयोग करते हुए पंचायत सहायकों ने बिना किसी बहिष्कार के पूरे किए हैं।
लेकिन क्रॉप सर्वे फील्ड वर्क है, इसमें वास्तविक खतरे हैं—दुर्घटनाएँ हो सकती हैं, जंगली जीव काट सकते हैं।
तो ऐसे में कौन जिम्मेदार होगा?
इलाज का खर्च कौन देगा?
बीमा और संसाधनों की आपूर्ति कौन करेगा?
तभी तो आवाज उठाई जा रही की हमारी समस्याओं का समाधान किया जाए या सर्वे से पृथक रखा जाए
इन जायज़ प्रश्नों के समाधान की मांग करना अभद्रता नहीं, बल्कि लोकतंत्र में नागरिक का अधिकार है।
महोदय, कृपया बताइए कि इन सवालों को उठाना कैसे अभद्रता और बाधा कहलाता है?
@IASEverester
@dmazamgarh
2. दूसरा आरोप जन्म-मृत्यु ID हैकिंग का लगाया गया सवाल यह है कि जब तक व्यक्ति के मोबाइल पर OTP न पहुँचे, तब तक कोई ID हैक कैसे हो सकती है?
फिर भी आदेश था कि पंचायत सहायकों की अलग से ऑपरेटर ID बनाई जाए, लेकिन किसी ग्राम पंचायत में यह आदेश लागू ही नहीं किया गया। यह तो स्वयं अपर मुख्य सचिव का आदेश था। और जब यही सचिवगण प्राइवेट संचालकों को ID देकर कार्य कराते हैं, तब आपकी जांच कहाँ चली जाती है? @IASEverester
@dmazamgarh
3. तीसरा आरोप :
जिस पंचायत सहायक ने ग्राम पंचायत में डिजिटल सेवाएं पहुँचाकर 400 लोगों को लाभान्वित किया, उसी को गबन का आरोपी बना दिया गया।
जब OSR खाते में कोई लेन-देन ही न हुआ, तो सवाल सचिव से क्यों नहीं?
वित्तीय मामलों का जिम्मा सचिव का है, न कि पंचायत सहायक का।
यह कार्रवाई लापरवाह सचिव की ढाल बनाकर ईमानदार सहायकों पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश है।
जब 57000 ग्राम पंचायत में यह नियम अभी तक लागू नहीं हुआ तो आप इसे गबन का नाम कैसे दे सकते है ?? @uppanchayatiraj
@DirectorUPPR @dmazamgarh
ये सभी सवाल आरोप बहुत बड़े प्रश्न खड़े करते यदि आपकी आपके ब्लॉक की कार्यप्रणाली इतनी ही पारदर्शी है तो आपने अभी तक क्यों सचिवों को OSR खाते में धनराशि जमा कराने हेतु निर्देशित किया क्यों आपके द्वारा सिर्फ पंचायत सहायक के कंधे से बंदूक चलाई जा रही है ।।।
महोदय हम शांत नहीं रहेंगे आपने हमारे स्वाभिमान, मौलिकता,और समस्त पंचायत सहायक साथियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है यह कतई बर्दाश्त नहीं है।
#JusticeForMediaPrabhari
#लखनऊ के काकोरी ब्लाक ���ें BDO द्वारा पंचायत सहायकों से अभद्र भाषा #महिला पंचायत सहायकों के कपड़ों पर अभद्र टिप्पणी भिखारी जैसे #नीच मानसिकता के शब्दों के उत्पीड़न के खिलाफ काकोरी ब्लॉक के पंचायत सहायकों द्वारा मुख्य विकास अधि0महोदय को उत्पीड़न विषयक पत्र दिया गया @cdolucknow