A bank cannot be valued by its sale price alone.
What about its public purpose, its employees, its customers and the trust built over decades?
@FinMinIndia@DFS_India#idbinotforsale
Quick question on the #IDBI sale👇
If a bank can turn from double digit #NPA to multi thousand crore profits while under #LIC and public backing......
Why is private management still being sold as the only solution?
Shouldn't a performing institution remain a national asset?
Your take? 👇
#IDBINotForSale
भाग 1: पहले दो शब्द समझ लीजिए, फिर कहानी शुरू करेंगे
पिछले कुछ दिनों से एक सवाल मेरे मन में घूम रहा है। जवाब ढूँढने बैठा तो कई परतें खुलती गईं।
रिसर्च अभी जारी है, इसलिए सब एक साथ नहीं लिखूँगा। थोड़ा-थोड़ा करके रखूँगा, ताकि आप भी साथ चलें और खुद नतीजे तक पहुँचें।
और ये सिर्फ़ मेरी रिसर्च नहीं रहेगी। आपकी भी होगी। उसकी बात नीचे करता हूँ।
शुरुआत दो शब्दों से।
पहला है स्ट्रैटेजिक सेक्टर।
2021 में सरकार ने "आत्मनिर्भर भारत के लिए नई PSE नीति" बनाई और चार क्षेत्रों को रणनीतिक माना: परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और रक्षा; परिवहन और दूरसंचार; बिजली, पेट्रोलियम, कोयला और खनिज; और बैंकिंग, बीमा व वित्तीय सेवाएँ। आधार था राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर। सीधी भाषा में, वो क्षेत्र जिनके हिलने से देश हिल जाए।
दूसरा है पब्लिक यूटिलिटी।
Industrial Disputes Act, 1947 में उन सेवाओं की सूची है जिनके रुकने से आम आदमी की ज़िंदगी रुक जाती है। परिवहन, बैंकिंग, अस्पताल, कोयला, सीमेंट जैसी कई सेवाएँ इसमें हैं। हवाई यात्रा और टेलीफ़ोन भी इसी दायरे में आते हैं।
अब होमवर्क: दोनों सूचियों को साथ रखकर देखिए। कुछ सेवाएँ दोनों में हैं। सरकार की नज़र में रणनीतिक भी, जनता के लिए ज़रूरी भी।
अब आपकी बारी।
आप टेलीकॉम, एयरलाइन, एयरपोर्ट, बैंक, बीमा या किसी सरकारी उपक्रम में काम करते हैं, या कर चुके हैं? कमेंट में अपना अनुभव लिखिए कि पिछले 10-15 सालों में आपके क्षेत्र में क्या बदलते देखा। बस एक शर्त है: सिर्फ़ वही लिखिए जो गोपनीय न हो और जो पहले से सार्वजनिक हो। किसी का नाम नहीं, कोई अंदरूनी दस्तावेज़ नहीं।
और अगर आप इन क्षेत्रों में नहीं हैं, तो आपका अनुभव और भी कीमती है। पिछले कुछ सालों में आपका मोबाइल रिचार्ज कितना बदला? आख़िरी हवाई टिकट कितने का पड़ा? आपके गाँव या मोहल्ले की बैंक शाखा का क्या हाल है? एक लाइन भी चलेगी।
अगली बार एक ऐसी कहानी लाऊँगा जिसका असर हर महीने आपकी जेब पर पड़ता है। आपके कमेंट उस कहानी का हिस्सा बनेंगे।
कबीर ने कहा था,
धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय॥
पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया। जुड़े रहिए, और इसे उन तक पहुँचाइए जो सवाल पूछना जानते हैं।
#पढ़ेगा_इंडिया_तभी_बढ़ेगा_इंडिया #PadhegaIndiaBadhegaIndia
WE, THE EMPLOYEES OF IDBI BANK, OPPOSE PRIVATISATION!
IDBI Bank is not just a financial institution,it is our livelihood, our professional identity, and a legacy built through decades of dedicated service...
@rashtrapatibhvn
A legacy built by its people cannot simply be auctioned off. From safeguarding employee futures to protecting public trust, public institutions are not for private takeover.Stand up for workers, transparency, and the nation’s economic backbone. #IDBINotForSale
PSU बिके,
रेलवे बिका,
BPCL और LIC बिके,
एयरपोर्ट और एयर इंडिया भी बिके,
और अब बैंकों के निजीकरण की तैयारी है...
देश की संपत्ति का इस तरह सौदा करना उचित नहीं है !!
#SaveIDBI
Nationalisation of losses and privatisation of profit is not nationalism.
When it's time to recover AGR dues from idea cellular, then it's get converted into govt investment and when IDBI gives profit, goi sell it.
Demand is of selling idea not IDBI here
#IDBINotForSale