एक प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला लड़का नवी मुंबई के एक रेस्टोरेंट में थोड़ा खाना खाया और बिल ₹468 रूपये आ गया...
लेकिन मामला तब जाकर ख़राब हुआ, जब वो बिल पेमेंट कर रहा था, बिल में LPG गैस फ़ीस भी ₹40 रूपये एक्स्ट्रा जोड़ दिया
लड़का रेस्टोरेंट वाले को मैं... Read news
@dhruv_rathee EWS के माध्यम से 10 %कोटा हडप गये इससे तसल्ली नहीं मीली महिला कोटे के नाम से 33 % सीटे भी हड़पना चाहते हैं ।
बहुजन समाज से राजकिय पार्टीया बहुत गहरी उम्मीद लगाते हैं।
अब जमाना बदल गया है।
सभीको हिस्सा देना चाहिए।
अगर ऐसा ही चलता रहा तो तो आपको बहुजन समाज माफ नहीँ करेगा!!!
1938 में जर्मनी के वैज्ञानिक Otto Hahn ने Nuclear Fission की खोज की, Atoms को तोड़कर चैन रिएक्शन से ढेर सारी एनर्जी रिलीज कर सकते हैं.
इस डिस्कवरी ने पूरी साइंटिस्ट कम्युनिटी को हिला कर रख दिया.
1939 में यहूदी अल्बर्ट आइंस्टीन को जैसे ही पता चला नाज़ी इस नई वैज्ञानिक खोज से नाजी जर्मनी हथियार बना सकते हैं तो उन्होंने तत्काल अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt को चिट्ठी लिखी.
अमेरिका ने अपनी GDP का 1% परमाणु हथियार बनाने के खोज पर खर्च किया. प्रोजेक्ट का हेड यहूदी J Robert Oppenheimer को बनाया.
जुलाई 1945 में अमेरिका ने परमाणु हथियार बना लिया. जापान पर बम गिराने के बाद अमेरिका सुपरपावर बन गया. नाजी जर्मनी कभी परमाणु बम नही बना पाया.
अगर हिटलर ने यहूदियों के खिलाफ नरसंहार नीति नही चलाई होती तो शायद नाजी जर्मनी परमाणु बम बना लेता ?
यह दुनिया में इकलौती ऐसी कौम है जिसके पास दो पासपोर्ट और दोहरी नागरिकता होती है। इसीलिए यह एक जगह खतरा हुआ तो दूसरी जगह भागते फिरते हैं......
,
,
इज़राइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर यहूदी लोगों की भारी भीड़ है। वह अपना देश छोड़कर भाग रहे हैं... ऐसे ही 1942 में जर्मनी छोड़ कर भागे थे।
इज़राइल में रहे सारे यहूदी दरअसल दोहरी नागरिकता लिए होते हैं, उनके पास दो पासपोर्ट होता है। ज्यादातर के पास इज़राइल के साथ साथ अमेरिकी पासपोर्ट भी होता है और अमेरिकी कानून इन्हें ड्यूल नेशनैलिटी की मान्यता देता है।
इज़राइल के कानून Law of Return (1950) के तहत कोई भी यहूदी इज़राइल में आकर ऑटोमैटिक नागरिकता ले सकता है। इज़राइल ड्यूल सिटिजनशिप को स्पष्ट रूप से अनुमति देता है, खासकर उन यहूदियों के लिए जो विदेश से आते हैं।
इसलिए, बहुत से अमेरिकी यहूदी के पास अमेरिकी पासपोर्ट + इज़राइली पासपोर्ट दोनों होते हैं। इसके अतिरिक्त जर्मनी, पोलैंड, यूके इत्यादि तमाम जगहों की नागरिकता भी इनके पास होती है।
जर्मनी में हिटल₹ ने मारना शुरू किया तो इधर फिलिस्तीन भाग आए और कब्ज़ा करके इज़राइल बना लिया, इज़राइल में ईरान ने ठोकना शुरू किया तो फिर वापस जर्मनी और अमेरिका भाग रहें हैं।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए जर्मनी सबसे सुरक्षित जगह है जहां वह पनाह लिए हुए है , वहीं से कभी यह हिटल₹ के ठोकने के कारण भागे थे।
कहने का अर्थ यह है कि इन्हें अपने देश से कोई मुहब्बत नहीं, वर्ना ईरान से तो कोई नहीं भागा जहां अमेरिका कहता है कि 2000 जगह हमला किया, इराक से भी कोई नहीं भागा था, अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया यहां तक कि गाज़ा से भी कोई नहीं भागा...
काश्मीर से भी कोई नहीं भागा था जहां एक आधिकारिक आंकड़े के अनुसार 1.25 लाख लोग पिछले 20-25 सालों में मार दिए गए।😉
यह होती है वतन से मुहब्बत......
क्या आपको अगर Amazon जंगल मे 40 दिन छोड़ दिया जाये तो Survive कर सकते हैं?
1 मई 2023 कोलंबिया के अमेज़न जंगल के ऊपर
एक छोटा propeller विमान उड़ रहा था.प्लेन में थे
एक मां और उसके चार बच्चे
(13 साल, 9 साल, 4 साल और 11 महीने)
अचानक इंजन फेल हुआ
और विमान घने जंगल में क्रैश हो गया✈️
क्रैश के बाद मां और पायलट की मौके पर ही मौत हो गई,चारों बच्चे जिंदा थे.
आसपास कोई सड़क, गांव या नेटवर्क नहीं
हजारों किलोमीटर तक सिर्फ जंगल
यहीं से असल संघर्ष शुरू हुआ?
👉उन्होंने क्या सही किया (Survival Decisions)
क्रैश साइट नहीं छोड़ी,बच्चे पहले कई दिनों तक
प्लेन के मलबे के पास ही रहे क्योंकि
Search teams हमेशा
crash location से खोज शुरू करती है
👉यह एक critical survival decision था
उन्होंने क्या खाया प्लेन से मिला खाना
क्रैश के बाद
प्लेन से मिला Cassava flour (आटा) कुछ बिस्किट्स एक पानी की बोतल
13 साल की लड़की लेस्ली ने,
इन्हें ration की तरह इस्तेमाल किया दिन में सिर्फ एक बार बहुत कम मात्रा में, छोटे बच्चों को पहले
👉पानी कैसे पिया
जंगल की नदी का पानी
सीधा पीना खतरनाक था
वे बारिश का पानी पत्तों पर जमा करते, प्लेन के टूटे हिस्सों में पानी भरते
बारिश उनका सबसे बड़ा सहारा बनी?
🚁 Search operation
कोलंबिया की सेना और स्थानीय आदिवासी
मिलकर तलाश कर रहे थे
40वें दिन Search team को
छोटे पैरों के निशान मिले थोड़ी दूरी पर
चारों बच्चे जिंदा मिले बहुत कमजोर लेकिन होश में
Doctors के अनुसार 40 दिन जंगल में रहना, 11 महीने के बच्चे का बचना
बिना adult के survival
यह pure discipline + सही फैसलों का नतीजा था कोई जादू नहीं.
अमेज़न के जंगल में फंसे बच्चों ने दिखा दिया कि
अगर हिम्मत, समझ और हौसला साथ हों,
तो घना जंगल, भूख और डर भी
ज़िंदगी को हराने के लिए काफी नहीं होते।
गुजरात के कच्छ भुज जिले के रापर तहसील के फुलपरा और भीमदेवका गाँव की 800 एकर यानी 2000 बिघा जमीन किशानो को खबर तक नहीं रही वो समझते रहे की सोलर प्लांट का किराया आयेगा ।
मीलीभगत से धोके से बेच दी।
यह अब गुजरात में आम बात है।
@Anuj_etawah हमारा क्षेत्र में कच्छी में पछेडीं डालना बोलते हैं।
पंजाब हरियाणा में इसे चदर डालना कहते हैं।
बात दोनो की एक ही है।
ये रश्म सामजिक एकता के लिए बहुत अच्छी है।
@NCIBHQ@RailMinIndia मेरे ख्याल से यह मामला पेंचिदा तब बनता है!
पहले समोसे दिये ही नहीं थे।
पहले पेमेंट मांगा नही हुआ तो लडाई झगड़े के डर से जबर्दस्ती खरीदारी करवाई
समोसे तो लास्ट में दिया ।
यह कानुन अपराध का मामला बनता है।
यदि महिष कोई भैंसा था तो शीशे और ताँबे के कोंडापुर से मिले महिष वंश के सिक्के किनके हैं?
भैंसा तो सिक्के जारी करते नहीं हैं?
महिष वंश मिथक नहीं, इतिहास है।
तेलंगाना सरकार का आँकड़ा है कि महिष वंश के कोई 18 राजाओं ने 383 साल शासन किए।
आश्चर्य कि लगभग चार सौ साल तक दक्कन में हुकूमत करने वाले महिष के वंशज इतिहास में गायब हैं।
✍️ इतिहासकार डॉ राजेन्द्र प्रसाद सिंह
वाह कॉलेजियम वाह 🙏
कभी गाड़ी से कुचलकर मार देने पर निबंध लिखवाकर छोड़ देना तो कभी हत्या के आरोपी को 10 पेड़ लगाकर छोड़ देना ये सब न्याय है?
जज का नाम - आनंद पाठक और पुष्पेंद्र यादव
दोषी का नाम - महेश शर्मा
दोषी का जुर्म -मर्डर करना
सजा - 10 पेड़ लगाना
भारत में न्याय नहीं फैसले होने लग गए है।
देश की न्याय व्यवस्था पर हम शर्मिंदा है।
अगर कॉलेजियम न होता तो इन जजों पर एक्शन हो जाता मगर अब जजों के खिलाफ कार्यवाही करेगा कौन? उत्तर है कोई नहीं। सरकार इसमें कुछ नहीं कर सकती।
ज्ञानेश गुप्ता जी और परिवार
बेटी: मेधा रूपम DM
बेटी: अभि श्री, IRS
दामाद: मनीष बंसल, DM
दामाद: अक्षय लाबरू, DM
भाई: मनीष कुमार, IRS
बहनोई: उपेंद्र जैन, IPS
दैनिक जागरण के अनुसार परिवार ने 28 डॉक्टर है इनके पिता जी डॉक्टर थे
दुनिया का सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा परिवार