मैं मुसलमान हूँ, अगर कोई मुझसे कहे कि हिन्दू से नफरत करो,
तो मैं मुसलमान नहीं हूँ, क्योंकि मेरा धर्म किसी से नफरत करना नहीं सिखाता, मेरा धर्म भाईचारा और मोहब्बत का पैगाम देता है..!!
हिंदुस्तान छोड़कर हम कहीं नहीं जा रहे, हमने इसी मिट्टी में जन्म लिया था, और मरने के बाद भी इसी मिट्टी में दफन हो जाएंगे- @UmarKhalidJNU#UmarSixYearsWithoutTrial
वेज चिकन पार्टी थी शायद...
कल तक गंगा में इफ्तार करने से जिनकी भावनाएँ आहत हो रही थीं, आज उसी गंगा में चिकन और शराब की पार्टी से किसी की भावनाएँ आहत क्यों नहीं हो रही हैं? शायद इसलिए कि इस बार पार्टी करने वाले दूसरे समुदाय के हैं।
हैदराबाद, तेलंगाना: AIMIM प्रमुख बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी साहब कहते हैं, "...जिनके छह बच्चे हैं - जैसे मेरे हैं - उनसे कहा जा रहा है कि लिस्ट में पांच से ज़्यादा बच्चों के नाम नहीं होने चाहिए। कृपया इस बात पर खास ध्यान दें। अगर कोई गड़बड़ी है, तो उसे गलत तरीके से दर्ज करने के बजाय गड़बड़ी के तौर पर ही दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि 2002 की वोटर लिस्ट हाथ से तैयार की गई थी... अगर किसी के छह बच्चे हैं, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, और छह बच्चे होने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति वोट नहीं दे सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छह भाई-बहन हैं (खुद उन्हें मिलाकर), अमित शाह के भी छह भाई-बहन हैं (खुद उन्हें मिलाकर), और योगी आदित्यनाथ के परिवार में भी छह सदस्य हैं..."
ज्ञात हुआ है कि सैयद सालार मसूद ग़ाज़ी R.A की दरगाह पर अक़ीदतमन्दों (ज़ायरीन)को दरगाह पर जाने से @bahraichpolice द्वारा रोका जारहा है,जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है@Uppolice@dgpup@myogiadityanath जी क्या इसका कारण बताया जासकता है,आपने मेले की परमिशन नहीं दी,इसका यह मतलब तो नहीं दरगाह पर किसी को आने जाने पर रोक लगाई जाए,क्या यह संवैधानिक तरीका है,जो बहराइच पुलिस द्वारा किया जारहा है@asadowaisi@warispathan@shadab_chouhan1
आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या मामले का दोषी संजय रॉय है। जिसे अदालत ने उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है। लेकिन यह जाहिल नफ़रती जोकर मुसलमानों पर दोष मढ़ रहा है। @KolkataPolice@WBPolice इस नफ़रती जोकर ज़रा बंगाली रसगुल्ला टेस्ट कराएं।
“मैं @ECISVEEP को चुनौती देता हूँ कि वह दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक काउंटिंग सेंटरों की CCTV फुटेज जारी करे। अगर ऐसा किया जाता है, तो हम जनता के जनादेश को पूरी तरह स्वीकार करेंगे।” – @abhishekaitc
भले ही बंगाल में करारी शिकस्त मिली हो लेकिन फिर भी अभिषेक बनर्जी जो कह रहे हैं उसे सुना जाना चाहिए। बनर्जी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने से इनकार करने वाली ममता बनर्जी के भतीजे है।
ऐसा ही हिंदुस्तान चाहिए,
पश्चिम बंगाल में BJP के जीत का जश्न मनाते लोगों के सामने जब एक मुस्लिम का जनाज़ा पहुँचा तो सभी ने उन्हें रास्ता दिया। किसी ने बीच में धार्मिक नारा लगाने कि कोशिश कि तो बाक़ी लोगों ने उसे शांत कराया। जीत हार अलग चीज़ है लेकिन ऐसी चीजें दिल जीतती हैं…
I hope the Railway Minister @AshwiniVaishnaw will take action against the perpetrators which led to the killing and death of Maulana Tousif Raza on a Train.
:@myogiadityanath जी को कठमुल्ला की परिभाषा बताना चाहिए,क्योंकि मुसलमानों की डिक्शनरी में कहीं कठमुल्ला नहीं है,ना ही यह संवैधानिक भाषा है,इस तरह की भाषा बोलकर किसे चिढ़ाना चाहते हैं,अगर जवाब दिया जाएगा तो हमपर केस बुक करेंगे।
,,@INCIndia ने पिछले विधानसभा इलेक्शन वेस्ट बंगाल में एक भी सीट नहीं जीत सकी थी,अगर एक नई पार्टी बंगाल में कुछ सीटों पर लड़ने के लिए 1000 की डील कर सकती है,वो भी कुछ सीटों के लिए,अब सोचिए बूढ़ी कांग्रेस बंगाल की सभी सीटों पर लड़ने के लिए कितनी लंबी डील की होगी,कांग्रेसी नेताओं का सौदेबाजी का इतिहास पुराना है।
धनबाद में मुसलमानों को बांधकर पुलिस ने करवाया बीच सड़क पर परेड, गुस्से में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता @AadilHasanAdv1 साहब ने @HemantSorenJMM से पूछा सवाल, क्या यही है झारखंड का महागठबंधन राज?
बलियापुर | धनबाद | झारखंड
बिहार के राज्यसभा चुनाव ने बहुत कुछ साफ कर दिया है।
अक्सर All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) को “B-Team” कहकर बदनाम किया जाता था। लेकिन आज सच्चाई सबके सामने है। बिहार में AIMIM के 5 विधायक मजबूती से विपक्ष के साथ खड़े रहे और अपना समर्थन दिया।
इसके बावजूद हार इसलिए हुई क्योंकि Rashtriya Janata Dal और Indian National Congress के ही कुछ विधायक वोटिंग के वक्त टूट गए या गायब हो गए।
अब ज़रा बताइए — B-Team कौन है और A-Team कौन?
यहाँ तो हालात ऐसे हैं कि आपके अपने ही घर में पूरी की पूरी Bharatiya Janata Party की टीम बैठी हुई है।
मुसलमानों की सियासी आवाज़ को बदनाम करना आसान है, लेकिन आज बिहार ने दिखा दिया कि कौन अपने वादे पर डटा रहा और कौन मौके पर साथ छोड़ गया।
Jio की शुरुआत मुफ्त सेवाओं से हुई, जिससे जनता को धीरे-धीरे आदत डलवाई गई और उन्हें इस नए डिजिटल युग की सुविधा का भरोसा दिलाया गया। लेकिन यही आदत धीरे-धीरे जनता के लिए जाल बन गई। ₹49, ₹99, ₹149, ₹199… और अब ₹720 तक की कीमत, सिर्फ़ 5 साल में 1400% से ज़्यादा बढ़ोतरी, यह कोई सामान्य या बाजार आधारित मूल्य वृद्धि नहीं है, बल्कि जनता की जेब काटने की सोची-समझी साज़िश का स्पष्ट उदाहरण है। सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने खुले तौर पर पूंजीपतियों को फायदा पहुँचाया, जबकि जनता महंगी सेवाओं की बढ़ती कीमतों के बोझ तले दब गई। इतिहास गवाह है कि ऐसी नीतियाँ जनता को कमजोर करती हैं और अगर इन्हें समय रहते नहीं रोका गया, तो जनता के हित हमेशा नुकसान में रहते हैं।
Gaza’s genocide will be remembered forever. The fact that India’s Prime Minister chose to visit Israel at this time and embrace a war criminal with a warrant against him, betrays India’s own longstanding support for the Palestinian people. Maybe the US will attack Iran after the PM’s visit is over. Zionism Murdabad.
अगर राजद हीना शहाब को लेकर ईमानदार रहती तो तो जब अमरेंद्रधारी सिंह को राज्यसभा भेजा गया था उसी समय भेज देती। अगर उस समय नहीं भेजी तो जब संजय यादव को भेजा गया था उसी समय भेज देती। लेकिन राजद हीना शहाब को राज्यसभा भेजने को लेकर कभी ईमानदार नहीं रही है।
हद तो तब हो गया जब 2024 लोकसभा चुनाव में टिकट तक से भी वंचित कर दिया गया और अवधबिहारी चौधरी को टिकट दिया गया। अगर अवध बिहारी नहीं लड़ते तो इसबार सिवान में हीना शहाब सांसद होती। केवल हीना शहाब ही नहीं बल्कि राजद की कुछ सीटें बढ़ जाती।
राजद द्वारा टिकट बँटवारे को लेकर मुसलमानों के साथ की जा रही लगातार भेदभाव के कारण मुसलमानों में राजद को लेकर उत्साह कम होना लोकसभा चुनाव में ही शुरू हो गया था। जिसका अहसास राजद को हुआ और ओसामा को विधानसभा का टिकट दिया गया। लेकिन जबतक बहुत देर हो चुका था।
अब चूँकि राजद के पास नहीं नंबर है और नहीं उसके प्रति मुसलमानों में उत्साह है। इसलिए भाई वीरेंद्र के जरिये हीना शहाब का नाम उछालकर राजद AIMIM को मजबूर करना चाहती और मुसलमानों को साधने की कोशिश कर रही है। लेकिन मैं अभी भी बोल रहा हूँ की अगर राजद के पास राज्यसभा के लिए अपना नंबर होता तो कभी भी हीना शहाब को राज्यसभा भेजने का चर्चा नहीं करती।
दूसरा पक्ष यह भी है की AIMIM एक इंडिपेंडेंट पार्टी है। यह उसको तय करना है, भाई वीरेंद्र को नहीं। आज भी यह पार्टी भले ही पूरे बिहार में पैर पसारने की कोशिश करे लेकिन यह बिहार में अभी एक सीमांचल सेंट्रिक पार्टी है। पार्टी लाइन से अलग हटकर अगर हम इस पार्टी के अध्यक्ष होते तो इमोशनल कार्ड से ज़्यादा सीमांचल के मुद्दों पर सत्ताधारी दल से बार्गेन करते। क्योंकि छोटे दलों के हितों को कभी भी सरकार ही पूरी कर सकती है।
मैं इसबार विधानसभा का पूरा बजट सेशन देख रहा हूँ। मुसलमानों की तरफ़ से सदन में इनके विधायकों की उपस्थिति और सीमांचल के मुद्दों पर सरकार से सवाल किसी भी दूसरे विधायकों से अधिक कर रहे है। इस लिए अगर हम अध्यक्ष होते तो इमोशनल कार्ड की जगह शुद्ध राजनीति करते और जदयू से बार्गेन करते। क्योंकि राजद बार्गेनिंग के बदले कुछ देने के पोजीशन में नहीं है। अगर जदयू मेवात डेवलपमेंट अथॉरिटी के तर्ज पर सीमांचल डेवलपमेंट अथॉरिटी की माँग मान लेती है तो इस AIMIM को इस तरफ़ सोचना चाहिए।
लेकिन दुर्भाग्य यह है की हम मुसलमान राजनीति में बार्गेन करने से ज़्यादा इमोशनल बातों में उलझ जाते है जिसका नुक़सान उठा रहे है।
@uttarakhandcops इस मामले को गंभीरता से ले, दीपक भाई कि सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करना चाहिए, और जो लोग भी माहौल ख़राब करें उनपर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। @ukcmo
यह घटना अत्यंत निंदनीय है और जिले और राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ी करती है. ऐसे असामाजिक और आपराधिक मानसिकता के लोग पुलिस के लिए चुनौती हैं.
इसकी जांच कर और इस घटना के पीछे सभी अपराधियों पर कड़ी कारवाई होनी चाहिए.
@PoliceRajasthan@BarmerDm@Barmer_Police@RajCMO
राजस्थान: मुस्लिम बुज़ुर्ग की प्रताड़ना!
बाड़मेर जिले के उतरबा में 31 जनवरी को शेरू खान जब ज़मीन पर बैठे थे, तो एक हिन्दू युवक ने जूते से सिर पर लात मारी! जब खान पानी पीने की कोशिश कर रहे थे, तो उसे गालियां दी गई, उसके साथ मारपीट की गई और फिर उसे उसके घर से बाहर निकाल दिया गया!
⚠️TW: Distrubing Media & Abusive Language⚠️
@abuasimazmi साहब 37 सांसद से कुछ नहीं होता अवाम बादशाह है,जिसको चाहती है तख़्त पर बैठाती है,जिसको चाहती है,तख़्त पर लेटा देती है,हमारे एक सांसद आपके 37 पर भारी पड़ गए अल्हमदुलिल्लाह,आपसे उम्मीद है के आप 2027 में उत्तर प्रदेश आयेंगे और ऊल जलूल बोलेंगे @aimim_national और @asadowaisi के ख़िलाफ़ जिसका जिसका बेहतर जवाब उत्तर प्रदेश की जानता देगी इंशा अल्लाह।
‘अब्दुल’ की ग़लती यह नहीं है कि उनके स्कूल के तमाम काग़ज़ात मौजूद हैं। ग़लती यह है कि वे भारतीय मुसलमान हैं और अपने ग़रीब, ग़ैर-मज़हबी हमवतन के लिए उनके दिल में हमदर्दी है।
#Bulldozer#MP
"ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा! "
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील अंतर्गत ढाबा गांव में अब्दुल नईम ने लगभग 20 लाख रुपये खर्च करके एक स्कूल भवन बनवाया।
गांव की आबादी करीब दो हजार है, जिसमें केवल चार मुस्लिम परिवार हैं। सबसे करीब स्कूल पांच किलो मीटर दूर है।
चुकी बच्चों को शिक्षा की भारी कमी है, इसलिए नईम ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू करने की योजना बनाई।
लेकिन तीन दिन पहले एक अफवाह फैलाई गई कि नईम ने "अवैध मदरसा" बनवाया है और यहां बच्चों को "अनधिकृत रूप" से शिक्षा दे रहे हैं।
गाँववालों के अनुसार, एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी जांच करने आए और क्लीन चिट् देकर गए। साथ ही पंचायत से NOC लेने को भी कहा।
अगले दिन पंचायत ने 11 जनवरी को नईम को नोटिस जारी कर भवन गिराने का आदेश दिया।
जब नाईम पंचायत भवन गए तो कथित रूप से उनसे आवेदन न लेकर सोमवार को आने को कहा गया।
नईम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि भूमि के सारे कागजात पूरे हैं और 30 दिसंबर को स्कूल शिक्षा विभाग में संचालन अनुमति के लिए आवेदन जमा किया गया था।
लेकिन भवन तोड़ने का आदेश दिया जा चुका था।
जब गांव वालों ने स्कूल तोड़े जाने के नोटिस का विरोध किया, तो पंचायत ने आनन-फानन में भवन को NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दिया।
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शाम को एसडीएम साहब ने नईम को बताया कि "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा।"
गांव वालों ने कहा कि यदि कोई कानून उल्लंघन हुआ है, तो जुर्माना भरकर उसकी भरपाई की जा सकती है। भवन तोड़ने पर उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे।
जब NOC के बाद भी सोमवार को भवन तोड़ने का आदेश वापिस नहीं हुआ तब गाँव वालों ने 80 किलोमीटर दूर कलेक्टर की जनता दरबार से मिलने की का प्लान बनाएं।
आज (मंगलवार) को जैसे ही सैकड़ों ग्रामीण नईम के साथ बैतूल कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे, उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया।
घंटो बाद जब उन्हें छोड़ा गया और वह जनता दरबार में पहुँचे और अपनी बात रखी। तब कलेक्टर साहब ने जांच की बात कही।
जब कलेक्टर साहब जांच की बात कर रहे थे इस बीच एसडीएम साहब कथित रूप से भवन तोड़ रहे थे।
सर्व शिक्षा अभियान की आपको शुभकामनाएं !