@VakilAh60249105 दुनियां के दूसरे धर्म वाले खामखा मुसलमानों के पीछे पड़ा हैं। यह तो आपस में ही लड़ कर खत्म हो ने जाएंगे।
और अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा मानो और आपस में न झगड़ो, अन्यथा हिम्मत हार बैठोगे और तुम्हारी हवा उखड़ जाएगी। और धैर्य से काम लो। निश्चय ही, अल्लाह धैर्यवानों के साथ है। 8:46
@TheSyedBaba दुनियां के दूसरे धर्म वाले खामखा मुसलमानों के पीछे पड़ा हैं। यह तो आपस में ही लड़ कर खत्म हो ने जाएंगे।
और अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा मानो और आपस में न झगड़ो, अन्यथा हिम्मत हार बैठोगे और तुम्हारी हवा उखड़ जाएगी। और धैर्य से काम लो। निश्चय ही, अल्लाह धैर्यवानों के साथ है। 8:46
@VakilAh60249105 आज अगर मुसलमानों के उलेमा कुरआन में दी गई परिभाषा के मुताबिक होते और हर मुस्लिम प्रकृति विज्ञान की जानकारी होती तो आज मुसलमान ऐसे नहीं होते।
@55MTQ_ अफ़सोस मुसलमानों के पास वक्त नहीं है अन्यथा।
ऐ ईमान वालो! जो #तैयब चीज़ें हमने तुम्हें दी हैं, उनमें से खाओ और अल्लाह का शुक्र अदा करो, अगर तुम उसी की इबादत करते हो।
#तैयब का अर्थ है वह जो दिखने, स्वच्छता, स्वास्थ्य और गुणवत्ता के लिहाज़ से शुद्ध, साफ़-सुथरा और फ़ायदेमंद हो।
@KarishmaAziz_ मोहतरमा पढ़ने दे क्यों किसी को परेशान कर रहे हो।
मैंने तो एकाग्र होकर अपना मुख उसकी ओर कर लिया है, जिसने आकाशों और धरती को पैदा किया। और मैं साझी ठहरानेवालों में से नहीं।" (क़ुरान 6:79)
@DimahKousar इस आयात के बारे में आपकी क्या राई है
क्या वह व्यक्ति जो पहले मुर्दा था, फिर हमने उसे ज़िन्दगी दी और उसके लिए एक रौशनी बना दी जिसके सहारे वह लोगों के बीच चलता है...सूरह अल-अनआम (6:122)
@VakilAh60249105 इनमें से कितने लोग हैं जिन्हो ने रोजा रखा है?
सहीह मुस्लिम 1162
हज़रत अबू क़तादा अल-अंसारी (रज़ि.) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (ﷺ) से सोमवार के रोज़े के बारे में पूछा गया, तो आपने फ़रमाया:
“यह वह दिन है जिस दिन मैं पैदा हुआ और इसी दिन मुझ पर वही (नुबूवत) नाज़िल की गई।”
@VakilAh60249105 फ़िरके यानी जिनके पास जो है उसमें वह खुश है 30:32 ओर 23:53, यही वजह है की हारून अ. स. उनकी कौम को शिर्क से रोका नहीं की कही यह लोग फ़िरको में ना बंट जाए 20:94, फ़िरको में बंट जाना यानी अधर्मी हो जाना 3:100
@55MTQ_ तौहीद की बात कहना गुनाह कब से हो गया?
जबसे अपने आप को मुस्लिम कहने वालों ने #तौहीद से हट कर अपनी #इच्छा को अपना रब बना दिया है। (25:43)
देखें कैसे अपनी इच्छा को अपना रब बना दिया है।
95% बे नमाज़ी!!!!
@VakilAh60249105 आज मुसलमान आपस में अपने अपने फ़िरको के हिसाब से लड़ते हैं।
सही बुखारी 6632 में कहां गया है की
"तुम्हारा ईमान तब तक पूरा नहीं होगा जब तक मैं तुम्हें तुम्हारी अपनी जान से भी ज़्यादा प्यारा न हो जाऊँ।"
और 6:159 में है की जो फ़िरको में बंट गया उसका रसूलल्लाह (ﷺ) से कोई संबंध नहीं।