हमें धर्म, राष्ट्र, विश्व गुरु जैसे शब्दों के मायाजाल में कुछ इस कदर जकड़ा गया कि मूल विषय रोजगार, शिक्षा, अर्थव्यस्था,चिकित्सा आदि की तरफ हम कभी आकृष्ट हुए ही नहीं,अंधानुगमिता में कुछ पढ़े लिखे लोग इस कदर मोहित है कि कभी कभी तो लगता है पार्टियां भी ISIS के माफिक एजेंट तैयार करती
लड़के बाप को गले नहीं लगाते
ना कभी बाप की गोद में सर रखकर सोते हैं
बाहर में रहने वाले लड़के
जब घर फ़ोन करते हैं
तो मां से बात करते हैं
और बाप पीछे से दबी आवाज़ में कहता है
उससे कहदो टेंशन ना ले
मैं अभी ज़िंदा हूं!
एक आखिरी समझ है—सब कुछ व्यर्थ था, फिर भी सब कुछ था। अब मैं सिर्फ देखती हूँ। न रोती हूँ, न हँसती हूँ। बस एक साक्षी बनकर रह गई हूँ, जिसमें ज़िंदगी का सारा नाटक समाप्त हो चुका है..
कैसा जुल्म है ये जो बातें मुझे तुमसे अकेले में कहनी चाहिए थी उसे मैं सरेआम अज्ञात के रूप मे लिख रहा हूँ और तो और उसपे भी बड़ा जुल्म ये है कि मुझे मालूम भी नही कि तुम यह सब पढ़ती भी हो या नही...!
पिताजी हम शायद कभी आपको गले लगाकर यह नहीं कह पाए कि हम आपसे कितना प्यार करते हैं। न जाने क्यों, आपके सामने आते ही शब्द कम पड़ जाते हैं और भावनाएँ चुप हो जाती हैं।लेकिन सच तो यह है कि हमारे मन में आपके लिए जितना सम्मान और स्नेह है, उसे शब्दों में बाँध पाना आसान नहीं।1/2
असल में जो ये सब लिखता है,वो मैं नहीं हूँ मेरे अंदर कोई और इंसान है,ये सिर्फ उसकी चेतना है और ये जो कुछ भी बयान है,यह उसी अंतर्मन का द्वंद्व है,सब उसी का है मैं सामने से मिलूँगा तो एकदम अलग होऊँगा,क्योंकि तब मैं अपने उस किरदार में रहूँगा जो खुद मुझे पसंद नहीं1/2
जब किसी की भावनाएँ मर जाती हैं,तो फिर उसे किसी की भावनाओं से फ़र्क नहीं पड़ता वह न आपकी शिकायतें सुनता है, आपके द्वारा की गई बुराइयाँ,और न ही आपकी तारीफ़ों से प्रभावित होता है वह बस अपनी दुनिया में ख़ुश रहना चाहता है...!
भरत तिवारी का फेक एनकाउंटर हुआ है, सम्राट चौधरी को माफ़ी माँगनी चाहिए और तो और भरत के माता-पिता पर कैसे FIR किया कर दिया, ये कैसा न्याय है:- तेजस्वी यादव (RJD नेता)
तेजस्वी यादव को आज रात या कल ही भरत तिवारी के घर जाना चाहिए।
जाति के जंजाल को तोड़ते हुए एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए पूरे बिहार में आरोपियों पर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन करना चाहिए।
एक आवाज़ है,जो दिनभर की सारी थकान को पल भर में मिटा देती है एक चेहरा है,जिसे देखते ही मन के भीतर जमी उदासी कहीं खो जाती है बुरे से बुरा दिन भी अचानक थोड़ा बेहतर लगने लगता है,जैसे सब कुछ उतना कठिन था ही नहीं शायद तुम्हारे लिए मेरी भावनाओं की इतनी सी व्याख्या है...!
देश के किसी दूसरे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने ऐसा वक्तव्य योग दिवस पर दिया है ? निशांत कुमार ने जो बयान दिया है वो किसी परिपक्व नेता से भी बेहतर बयान था!
@Nishantjdu#YogaDiwas2026
भाजपा के कद्दावर नेता R K सिंह ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर सम्राट चौधरी सरकार से गंभीर सवाल करते हुए पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया
BJP दो भागों में बंट गई है
सम्राट चौधरी को सख्त एक्शन लेना होगा
अन्यथा बिहार में यह BJP का अंतिम सरकार होगा
बचपन से अनेक धारणाएँ, भय, अपराधबोध और निषेध थोप दिए जाते हैं। जब व्यक्ति इन विचारों को परखकर छोड़ देता है तब वह पहली बार स्वयं के अनुभव से जीवन को देखना शुरू करता है। वह स्वयं से प्रेम करता है, स्वयं को सम्पूर्ण रूप से स्वीकार करता है।
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कभी ऐसा भी होगा,जब तुम सब समझते हुए भी मौन हो जाओगे, न किसी से प्रश्न करोगे, न उत्तर देना आवश्यक लगेगा..जो मिला उसे प्रसाद मानकर और जो न मिला,उसे महज़ एक कहानी समझकर तुम मुस्कुरा दोगे..
और यह ठहराव तुम्हें अकेला नहीं करेगा अपितु यह तुम्हें खुद का सबसे अच्छा दोस्त बना देगा...!!!
न च सीतां विना स्वर्गं, न च लक्ष्मणमृते सुखम्।
भाई को खोकर युद्ध जीत भी लिया, तो वह विजय किस काम की?
आसान नहीं होता किसी के ऊपर गुजर रही स्थिति को समझना। कुछ दर्द समय के साथ नहीं मिटते , अमर हो जाते हैं।💔