never went to any gurudwara but my office being near sisganj sahib have seen many times these RAB DE BANDE beating some rickshaw pullers for the traffic which wasn't coused by them. My advice would be respect their sentiments don't go to gurudwara. never ever.
10 yrs back, once I went to Databandi Chor & sat for langar. Mom was calling continuously, couldn't help but answered to know if it was an emergency & said will call later. A call of 30sec. Sevadar there said he will throw me out along with my phone. I confronted & ...
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दिल्ली से हर जगह की ट्रेन मिलती है पूर्व में तैयारी भी करता था ईश्वर की कृपा से कई नौकरी भी लगी लेकिन गृह नगर की ही नौकरी ली हर अभ्यर्थी को सिर्फ एक सुझाव है अगर आपके घर से आपका सेंटर 50 km भी दूर हो और पहला शिफ्ट में परीक्षा हो तो बिना सोचे एक दिन पहले वहां पहुंचे।
देश के हर छात्र से खुरपेंची सवाल , अगर आपका सोमवार को 9 बजे सुबह कोई कॉम्पटीटिव एग्जाम है और सेंटर गृह जिले से काफी दूर गया है ,
कोई भी एक ट्रेन है जिसका एग्जाम सेंटर वाले शहर पहुंचने का समय सुबह 7:30 है, तो क्या आप भारतीय रेलवे पर भरोसा करके वो ट्रेन पकड़ेंगे या फिर एक दिन पहले पहुंचेंगे?
नई दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (12562), जब इटावा क्रॉस कर रही थी तब एक GRP जवान ने इटावा के पास इस नॉन स्टॉप ट्रेन की Chain Pulling की, जिससे ट्रेन रूक गई. ट्रैक पर भागते हुए RPF वालों ने उसे पकड़ा तो क्या सामने आया जानिए.
मिथिला मखान जबरदस्ती बिहार मखाना बोलोगे मैथिली भाषा जो 8v अनुसूची में बिहार का नेतृत्व कर रही हैं को जबरदस्ती 2 जिला 1 जात का भाषा बोलोगे मैथिली की उपभाषाओं को जबरदस्ती अलग भाषा भी बताओगे और सोचोगे गाली न दें अलग राज्य की मांग न करें। करारा जवाब मिलेगा। करारा जवाब मिलेगा।
अलग होने की बात तरीके से करो, कोई समस्या नहीं है। लेकिन गाली दोगे, नीचा दिखाओगे, खुद की संस्कृति को सबसे अलग और श्रेष्ठ बताकर दूसरों का अपमान करोगे, और नेपाल बंगाल की चाटूकारिता करोगे, तो उत्तर भी वैसा ही मिलेगा।
भाई साहब आपकी अंगिका ने तो दिल जीत लिया इतनी बेहतरीन अंगिका तो आज तक मैने न देखी थी न पढ़ी थी। वाह वाह कितनी जन वाणी है हंसी आती है तुम जैसे चमनो पे। जाओ बे अलग भाषा का ढोल मगही लोगो के सामने गाओ। तुम तो जो बोलता है उसी को गरियाने लगते हो।
अभी जो वर्तमान में भाषा विवाद चल रहा है उस पर आप गहरे से चिंतन कीजिए तो आपको एक बात समझ में आएगी। मैथिली, अंगिका और बज्जिका तीनों भाषाएं हैं और अपने क्षेत्र में बोली जाती हैं।
लेकिन आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि अंगिका और बज्जिका लोक भाषा है। आम लोग चाहे वह किसी जाति या आय वर्ग के हो अंगिका बोलते हैं बज्जिका बोलते हैं। ठीक जैसे मगही और भोजपुरी बोलते हैं। लेकिन मैथिली को एक जाति विशेष की क्लिष्ट भाषा बना दिया गया। जिन दो जिलों में सबसे ज्यादा मैथिली बोली जाती है वहां भी अब लोग मैथिली छोड़कर अंगिका या बज्जिका में ज्यादा कंफर्टेबल हैं बात करने में।
भाषा वही बचती है जो आम लोगों की भाषा बन पाती है। आप हमारे देश में पाली या प्रकृत या वर्तमान में संस्कृत की भी हालत देख लीजिए। यह आम लोगों की भाषा कभी नहीं बन पाए। इसलिए आज विलुप्त हो गई। यही स्थिति मैथिली की भी होने वाली है। एक जाति विशेष की भाषा बनाकर इसको विलुप्त किया जा रहा है
@maithilKayastha प्रत्येक व्यक्ति जे अपना के मैथिल प्रथम मनेइ मैथिल समाज के हुनकर सम्मान करबाक चाही हम त करै छिये माता शारदा सिन्हा रही या दाय प्रिया मल्लिक।
@manishkrsingh04 Are magahiya tum logo ka astitva hi jhuth pe tika hua hai bio se magahiya to hata leta jhuth likhne se pehle और दरभंगिया होता है दरभंगी नहीं
बेगूसराय और पूर्णिया के मैथिल कहते है कि हा हम मैथिल हैं और कोई मगही कहता है नहीं तुम मैथिल नहीं हो अब कोई भागलपुर से आयेगा कहता हुआ कि नहीं तुम्हारी भाषा अंगिका है तुमको नहीं पता लेकिन है।
“अंगिका बनाम मैथिली” के नाम पर फैलाया जा रहा भ्रम @ajeetbharti का करारा जवाब
प्रसिद्ध पत्रकार @ajeetbharti ने उस प्रोपेगेंडा पर सीधा प्रहार किया है, जो अंगिका और मैथिली को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रहा है।
“मैं मैथिल हूं और मैथिली मेरी भाषा है।” @ajeetbharti
This UPSC topper from Katihar proudly embracing Maithili as his mothertongue, but 5th fail chhotu whose father is pulling rikshaw in Delhi says, No,
Mera bhasha Angika hai, Maithili nhi.
feeling sad that chhotu’s dream is shattering badly.
@ProjectBihar As a maithil I agree only people of these districts call themselves maithil proudly and yes bajjika and angika are dialects of maithili though they agree with it or not