झारखंड के शिक्षकों से एक सवाल…
जो शिक्षक इस परीक्षा को रद्द करने की मांग करने वाली ‘रद्द ब्रिगेड’ के साथ खड़े हैं
क्यों सर…?
क्यों डर गए हैं आप लोग?
ये आपके ही छात्र हैं न?
वही छात्र, जिनके चयन के बाद आपने बाकायदा पोस्टर लगाए थे, बधा��याँ दी थीं, अपनी और अपनी कोचिंग की पीठ थपथपाई थी।
तो आज कहिए न…
क्या वे छात्र चोर थे?
उन्होंने लिखी होगी न दर्जनो टेस्ट कॉपियां..जिनपर आपने भर भर का नंबर दिए थे..
पैसे खाकर दिए थे??
वही कॉपियां जिन्हें आप आज भी दिखाकर नए ग्राहक बना रहे हैं।
दिए होंगे उन्होंने दर्जनों मॉक टेस्ट..लाते थे न टोकरी भर के नंबर??
आज इन रद्द ब्रिगेड से डर कर..इस भीड़ से डरकर आप अपने ही स्टूडेंट को चोर कहने लगे??
उनकी मेहन�� और संघर्ष को लांछित करने लगे??
और अगर वे सब आपकी नजर में ईमानदार और मेहनती थे,
तो आज जब उन पर सामूहिक रूप से बेईमानी का ठप्पा लगाया जा रहा है, तब आपकी आवाज कहाँ है?
क्या केवल तब तक छात्र आपके लिए प्रतिभाशाली और मेहनती थे, जब तक उनकी सफलता से आपकी कोचिंग का प्रचार हो रहा था?
आज वही छात्र कटघरे में खड़े हैं तो आप चुप क्यों हैं?
मैं आपसे यह नहीं कह रहा कि गड़बड़ी करने वालों का पक्ष लीजिए। मैं भी न���ीं ले रहा..
उनकी नौकरी छीनकर उन्हें जेल भेजना ही चाहिए।
लेकिन जिन छात्रों के खिलाफ कोई व्यक्तिगत अपराध सिद्ध नहीं हुआ, उनके भविष्य को केवल भीड़ के शोर में क्यों कुचल दिया जाए?
जांच से पहले फैसला कौन सुना रहा है?
और उससे भी बड़ा सवाल
उनके अपने शिक्षक चुप क्यों हैं?
कल तक जिनकी सफलता पर आपने गर्व किया,
आज उन्हीं की ईमानदारी पर सवाल उठ रहे हैं तो कम-से-कम इतना तो कहिए
“मेरे छात्र हैं, जांच कीज���ए… लेकिन बिना प्रमाण उन्हें चोर मत कहिए।”
आप सिर्फ शिक्षक नहीं हैं।
आप उनके गुरु हैं, मार्गदर्शक हैं, अभिभावक हैं, संरक्षक हैं।
आज आपके छात्रों को आपकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
इस भीड़ से मत डरिए।
‘रद्द ब्रिगेड’ के नारों से मत डरिए।
सोशल मीडिया के ट्रोल से मत डरिए।
अगर आपके छात्रों ने मेहनत से सफलता पाई है, तो उनके लिए बोलने में डर कैसा?
या फिर साफ-साफ कह दीजिए
मेरी कोचिंग से सफल हुए सभी छात्र ही चोर थे।
कम-से-कम आपकी च���प्पी का अर्थ तो स्पष्ट हो जाएगा।
गुरु का धर्म सिर्फ अपने शिष्य की सफलता का श्रेय लेना नहीं होता;
जब शिष्य पर बिना सिद्ध अपराध का कलंक लगाया जाए, तब उसके साथ खड़ा होना भी गुरु का धर्म है।
आज परीक्षा सिर्फ आपके छात्रों की नहीं है।
आपकी भी है।
पीजीटी और लैब असिस्टेंट.
पहले जांच और फिर रद्द होगा..।
सीजीएल और 11 to 13..
पहले रद्द होगा फिर जांच होगा..!
मार्केट में नया आया है..
सुने तो आपको भी सुना दिए🙃🙃
कुछ संदिग्ध अभ्यर्थियों के विरुद्ध कुछ कारवाई हुई नहीं कि कुछ
कथित पत्रकारों और कुछ दूसरे स्वयंभू न्यायाधीशों ने मानो पूरी जांच ही पूरी कर ली!
देखते-देखते सभी अभ्यर्थियों को अपराधी बनाने का अभियान शुरू हो गया है।
किस आधार पर भाई?
किस सीआईडी ने आपको यह रिपोर्ट दे दी कि सभी 100% अभ्यर्थी दोषी हैं?
किस सीबीआई ने आपको यह बता दिया कि हर सफल अभ्यर्थी किसी साजिश का हिस्सा था?
या फिर स्कॉटलैंड यार्ड ने कोई ऐसी गुप्त रिपोर्ट आपको सौंप दी है, जो जांच एजेंसियों और अदालत तक को नहीं मिली?
अव्वल तो मैं जब तक अपराध सिद्ध न हो जाए संदिग्ध अभ्यर्थियों के भी सार्वजनिक मीडिया ट्रायल के पक्ष में नहीं हूं।
लेकिन अगर आपको इतना भी सब्र नहीं है, तो कम-से-कम अपनी आलोचना उन अभ्यर्थियों तक ही सीमित रखिए न..!
किसी एक की गिरफ्तारी, बाकी सैकड़ों के अपराधी होने का प्रमाणपत्र नहीं है।
जांच एजेंसियों को अपना काम करने दीजिए।
जांच का निष्कर्ष आने दीजिए।
अदालत को अपना निर्णय सुनाने दीजिए।
खुद ही शिकायतकर्ता, खुद ही जांचकर्त��, खुद ही और खुद ही न्यायाधीश बनने की इतनी जल्दी क्यों है?
याद रखिए
तमाम साजिशों और कुचक्रों के बीच अगर कभी किसी निर्दोष अभ्यर्थी के साथ अन्याय हो भी गया, तो
वह टूटकर हमेशा के लिए खत्म नहीं हो जाएगा।
वह अपने परिश्रम, प्रतिभा और अपने पौरुष के बल पर कल फिर खड़ा होगा।
लेकिन दूसरे की सफलता से कुंठित होकर आप आज जो हर सफल व्यक्ति में अपराधी खोज रहे हैं न, तो यकीन मानिए
आपके हिस्से में कल भी दूसरे क�� सफलता देखकर जलना और कुढ़ना लिखा होगा..!
इसलिए थोड़ा सब्र रखिए।
@HemantSorenJMM सर किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में 99 प्रतिशत छात्र असफल हो जाते हैं और सभी लोगों के मन में एक ही सवाल रहता है कि अगर एक मौका मिल जाए तो इस बार मेरा जरूर हो जाएगा।
उस मनसा को समझना जरुरी है सर। असफल छात्रों को exam रद्द के विरुद्ध आंदोलन करवाना बहुत आसान है।
आपको भी पता है कि किस तरह से JSSC CGL exam के नाम पर चुनाव में भी राजनीति किया गया है, छात्रों से चुनाव प्रचार करवाया गया था।
इसलिए आपसे @HemantSorenJMM निवदेन है सर, आप JSSC CGL मामले में निष्पक्ष जांच करवाइए और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसपर सख्त कार्रवाई कीजिए लेकिन पूरी exam को रद्द करना बिल्कुल भी उचित नहीं है सर।
जो छात्र अपने मेहनत से चयनित ह��ए हैं, या दूसरी नौकरी छोड़ कर JSSC CGL join किए हैं। वैसे छात्रों की कोई गलती नहीं है सर।
@JmmJharkhand
@HemantSorenJMM@JmmJharkhand को इस आदमी का मनसा को समझना होगा।
इस आदमी ने सरकार को बदनाम करने के लिए क्या नहीं किया?
1 सबसे पहले जब आयोग ने 21,22 सितंबर का exam date घोषित किया तो कुणाल ने कहा कि exam नहीं होगा ���र छात्रों से आंदोलन करवाया।
और साथ ही साथ सारे छात्रों को शपथ दिलवाया गया कि कोई भी छात्र @JmmJharkhand को 2024 के election में vote नहीं देगा।
2 जब exam हो गया तो इस आदमी ने छात्रों को बहकाया कि 650 marks लाने वाला का केवल रिजल्ट होगा, इससे कम marks लाने वाला का कहीं रिजल्ट नहीं होगा।
3 जब JSSC ने रिजल्ट publish किया तो देखा गया कि बहुत ही कम marks पर छात्रों का रिजल्ट हुआ है।
4 इतने कम marks पर रिजल्ट होना अपने आप में साबित करता है कि कुणाल ने सरकार के खिलाफ छात्रों को भड़काया ताकि पार्टी विशेष को फायदा पहुंचाया जा सके।
कैमरे के सामने एक बुजुर्ग महिला (संजीत की माँ) चेहरे पर उम्र की लकीरें, लेकिन आंखों में आज भी उम्मीद। वहीं दूसरी ओर संजीत (ASO), जो अपने भविष्य और अपने अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूँ, क्या एक लड़का जिसके सिर से पिता का साया तक नहीं है। अपने परिवार को 10 वर्ष के उम्र से पाल रहा है, उसपर 35-40 लाख दे कर नौकरी पाना कितना सही कितना गलत।
अपनी राय कमेंट के जरिए साझा करें।
#exposejharkhandcoachingmafia
@HemantSorenJMM@Jhar_Voice@JharkhandCMO@JmmJharkhand@The_FollowUp@livelagata79748@ZeeBiharNews@aajtak@ndtv@ndtvindia@cnnbrk@BBCHindi
हमारी सफलता किसी की कृपा नहीं, हमारे संघर्ष, त्याग और ईमानदारी का परिणाम है।
मेहनती अभ्यर्थियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बंद करो @JmmJharkhand@The_FollowUp @PrinceP38815981