2019 भी याद रखा जाएगा।
जामिया और अलीगढ़ की वो रातें,
छात्रों पर बरसती लाठियाँ,
आँसू गैस, डर और ख़ामोशी
सब याद रखा जाएगा।
ज़ुल्म करने वाले भी,
और ख़ामोश रहने वाले भी।
— आमिर अज़ीज़
Delhi Police says, 480 Pakistan-based social media handles involved in coordinated misinformation campaigns were identified. They say, same handles were involved during Operation Sindoor.
Can the Delhi police share the list of all these Propaganda handles from Pakistan so that people in India can be careful and not fall for propaganda by these Pakistani Handles?
During Operation Sindoor, I was the first one to point out several Pakistan based social media handles. Made sure to shared the list of handles so that people were aware. But I did find any such handle now ( There is a possibility that I might have missed seeing those handles). I request Delhi Police to share the list so that GenZ doesn't fall for the propaganda.
I am told, Even the Reporters who tried to get in touch with the Police asking for the list were not given the list.
India Looks to Muslims to Stand Up I Mohd Adeeb
"Muslims will have to stand up for themselves."
Former MP Mohd Adeeb reflects on mob lynchings, electoral politics, and the position of Indian Muslims.
Full Video: https://t.co/wD3k6RSpqg
#IndianMuslims#CJP#CJPProtest #JantarMantar #ChaloSansad #SonamWangchuk
देखिए ये है हमारे गंदे घटिया संघी अंधभक्त हिंदू समाज का सच!!!
अपनी चापलूसी और BJP की चाटने में इतने डूब चुके हैं की अपनी ही बेटी से झूठे RAPE केस करवाने की धमकी दे रहें हैं
RAPE!!!!
क्या होगा जब इसकी बेटी को पता चलेगा इसका बाप कैसा नीच इंसान है
#CJP#cjp_पार्टी#protest#students
देश कि पुलिस को क्या हो गया है जो वो किसी को भी अपने साथ मिला रही है।
ये सोचने वाली बात है जनाब..... 🤔
#CJPProtest | दिल्ली पुलिस | #SonamWangchuk | #संसद_मार्च | #cjp_पार्टी | #Dharmendra Pradhan Resign | NEET | Parliament | संसद भवन | धर्मेंद्र प्रधान | Modi
अगर मस्जिदों में कुर्सियों का ये मेला नहीं रोका गया तो बहुत जल्द हमारी मस्जिदें चर्च की शक्ल अख्तियार कर लेंगी।
ऐसे लोगों को समझाना चाहिए कि थोड़ा बहुत उजर की वजह से कुर्सियों का इस्तेमाल बिल्कुल ना करें,
हिम्मत करें और खड़े हो कर नमाज पढ़ें, अगर कुछ ज्यादा ही मजबूरी है तो जमीन पर बैठ कर आजिज़ी के साथ खुदा की इबादत करें।
नारंगी संतरे अपनी माता गाय की तस्करी कर रहे थे मुस्लिमों ने गाय से भरी गाड़ी पकड़ी।
जब से मुसलमान गौ रक्षा कर रहा है तो सामने आ रहा है कि ये नारंगी अपनी माता की तस्करी कर रहे हैं।
'भारत माता शास्त्रों में नहीं, ये केवल संघ की कल्पना है'
अयोध्या : ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों ने नई बहस छेड़ दी है.
उन्होंने 'भारत माता' की अवधारणा को संघ की कल्पना बताते हुए कहा कि शास्त्रों में इसका कोई उल्लेख नहीं है.
शंकराचार्य ने संतों के स्थानों पर प्रभु श्रीराम से बड़े भारत माता के चित्र और तिरंगे की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने RSS पर तंज कसा कि जो अपने दफ्तर में राम जी की फोटो नहीं लगाते, वे अयोध्या में मुख्य भूमिका में हैं.
@RSSorg@ShriRamTeerth
#NewsLeader
सेटिंग सही है
लाइटिंग सही है
ऊपर draping अच्छी है
मेकअप भी ठीक है
कपड़े महंगे और Stylish हैं
Pose तो बढ़िया कर ही लेते हैं
नज़रें Hydrogen Train पर हैं
पूरी लय में बार-बार हाथ हिला रहे हैं
बस, ट्रेन में ‘यात्री’ नहीं हैं
नहीं है ‘यात्री’
तो हाथ किसे देख कर हिला रहे हैं 🤣
क्या आपको पता है कि अयोध्या के जिस "हनुमानगढ़ी मंदिर" में नमाज़ की बात की जा रही है उसको बनाने के लिए एक मुसलमान ने 52 बीघा ज़मीन दी और दूसरे मुसलमान ने अपने दीवान की देखरेख में उसे बनवाया जो आज भी वैसा ही है।
दरअसल सन 1739 से 1754 ईस्वी के बीच अवध के नवाब थे नवाब सफदर जंग जिन्होंने निर्वाणी अखाड़े के महंत अभयराम दास को मंदिर बनाने के लिए 52 बीघा भूमि ताम्रपत्र पर लिखकर दान कर दिया।
इसके बाद उनके जीवित रहते मंदिर नहीं बन सका , 1754 में उनकी मृत्यु हो गयी। इसके बाद उनके पुत्र नवाब शुजाउद्दौला सन 1754 में अवध के नवाब बने , उन्होंने भी हनुमानगढ़ी मंदिर बनाने के लिए और भूमि अनुदान दिए थे।
मगर मंदिर धन के अभाव में नहीं बन सका।
नवाब शुजाउद्दौला की 1775 में मौत हो गई तो उनके पुत्र आसफ़ उद दौला अवध के नवाब बने.... और 30 सालों तक हनुमानगढीं मंदिर को भव्य ना बनाए जाने का कारण पूछा? जवाब मिला धन का अभाव..
इसके बाद नवाब आसफ उद दौला ने निर्वाणी अखाड़े के महंत अभयराम दास को बुलाया और अपने दीवान टिकैत राय को मंदिर के लिए धन मुहैया कराने का आदेश दिया।
नवाब आसफ उद दौला के आदेश पर उनके दीवान टिकैत राय की देखरेख में 1799 में वर्तमान किलेनुमा वर्तमान हनुमानगढ़ी मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। मंदिर के बाहर नवाब आसफ उद दौला के नाम का शिलापट्ट भी लगा हुआ है।
Years of polarizing speeches and aggressive rhetoric on infiltration, only to admit the harsh truth on camera.
When pressed with official assembly figures showing just 51 deportations over a month and a half, Assam CM Himanta Biswa Sarma openly concedes that formal deportation is a standstill.
The reality? Relying on informal "push-backs" at night that are easily reversed.
Despite claiming 17 lakh suspected infiltrators were identified via the NRC, the state admits it has no unilateral power to deport anyone without Bangladesh’s permission, which rarely happens.
High-decibel political posturing meets a stark administrative deadlock.👇
अगर दिल्ली पुलिस के सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर ले जाने पर 50 ट्वीट करने और खूब गुस्सा दिखाने के बाद थोड़ा सा आक्रोश बचा हो, तो इसपर भी दिखाइए। ऋषिकेश के सात मोड़ इलाके में जंगल की कटाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को उत्तराखंड पुलिस जिस तरह उठाकर ले जा रही है, उसपर भी आपका खून खौलना चाहिए।
कभी जंगल उजाड़ने वाली तो कभी छात्रों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करनी वाली यह एक निक्कमी, बेशर्म और तानाशाह सरकार है।
@uttarakhandcops
#RishikeshDeforestation