झारखंड में मनरेगा के तहत बिरसा हरित ग्राम योजना आज बदलाव की मजबूत मिसाल बन चुकी है। महिला स्वयं सहायता समूह की बहनों ने अनुपजाऊ भूमि पर बागवानी कर न सिर्फ हरा-भरा गाँव बनाया, बल्कि अपनी आय बढ़ाई और आसपास के परिवारों को भी रोजगार उपलब्ध कराया।
2016–17 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई यह योजना, कोविड के बाद लौटे लोगों को काम से जोड़ने के लिए 2020–21 में बड़े स्तर पर लागू की गई।
आज बिरसा हरित ग्राम योजना समृद्धि, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहचान है।
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झारखण्ड में मनरेगा के तहत मिश्रित फल बागवानी पर तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन:-
दिनांक 01/08/2025 को राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), हेहल, रांची, झारखंड में 1 से 3 अगस्त, 2025 तक मिश्रित फल बागवानी पर तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय भ्रमण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया जा रहा है |इस कार्यक्रम का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र में नवाचार और Best Practices को बढ़ावा देना तथा प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान से सशक्त बनाना है |
कार्यक्रम का उद्घघाटन डॉ. विकास दास (निदेशक, NRC लीची) ,श्री राजीव रंजन (सहायक निदेशक, SIRD), और डॉ. ए.के. सिंह (ICAR – RCER) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम में ICAR-RCER के विशेषज्ञ और प्रशिक्षकों ने विशेष रूप से लीची, अमरूद, काजू और आँवला की उन्नत खेती, बागवानी योजना, एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जल प्रबंधन और भूमि उपयोग मॉडल पर गहन जानकारी दी। प्रतिभागियों को इस प्रशिक्षण के माध्यम से इन तकनीकों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने का अवसर मिलेगा |
झारखंड में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत होने वाली आम बागवानी आज किसी परिचय की मोहताज नहीं |इस योजना के तहत उत्पादित आम आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी धूम मचा रहे हैं |
इसी तर्ज पर अब मनरेगा के तहत लीची के पौधे भी लगाए जाएंगे|लीची उत्पादन में समय लगता है|अतः इसकी शुरुआत मिश्रित खेती से की जाएगी जिसमें लीची के साथ अमरूद और इमारती पौधे भी लगाए जाएंगे ताकि शुरुआत से ही किसानों को आय मिलने लगे |
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राज्य सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिला प्रशासन के सहयोग से पालकोट स्थित सहकारी समिति द्वारा अब तक 30,000 KG आम की बिक्री ₹16-₹20/KG दर से सुनिश्चित की गई है एवं 150 मीट्रिक टन बिक्री का लक्ष्य तय है।जिला प्रशासन किसानों की आय वृद्धि हेतु निरंतर प्रयासरत है।
झारखंड का लोहरदगा जिला जो बाक्साइट नगरी के नाम से भी जाना जाता है |परंतु आज जाना जा रहा है मनरेगा के तहत बिरसा हरित ग्राम योजना अंतर्गत आम बागवानी से हुई बेहतरीन पैदावार से |जिले के उपायुक्त डॉ कुमार ताराचंद ने आम महोत्सव सह बागवानी मेला का शुभारंभ किया |इस मेले में विभिन्न स्टालों के माध्यम से आम की भिन्न -भिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया |साथ ही बेहतर उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया |
मनरेगा योजना के तहत बने बिरसा सिंचाई कूप से होती है लाखों की आमदनी :-
झारखण्ड के साहेबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड के मिर्ज़ापुर पंचायत के मिर्ज़ापुर गाँव के लाभुक इसोफ शेख को वित्तीय वर्ष 2024-2025 में बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन अंतर्गत सिंचाई कूप का लाभ मिला |
पूर्व में सिंचाई की सुविधा के अभाव में फसल की पैदावार में समस्या होती थी |सिंचाई कूप मिलने के बाद वर्त्तमान में करीब 1.5 एकड़ भूमि में झिन्गली ,करेला,भिन्डी,मकई इत्यादि का उत्पादन कर अच्छी कमाई कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी काफी सुधार हुआ है |
मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना में झारखण्ड के विभिन्न जिलों में आम,अमरुद,लीची इत्यादि के पौधे लगाए जाते हैं|
वित्तीय वर्ष 2025-26 में वृक्षारोपण की तैयारी हेतु सभी जिलों में गड्डा खोदने का काम मिशन मोड पर चल रहा है ताकि ससमय पौधे लगाए जा सके |
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@JharkhandCMO@prdjharkhand@MoRD_GoI@MgnregaJ लोगों ने मेले में आम से संबधित उत्पादों की जमकर खरीददारी की। इन जिलों के अलावे मेला सिमडेगा, चतरा एवं पाकुड़ में भी मेला लगाया गया।3/3
मनरेगा आयुक्त श्रीमती @RSB_85 के निर्देशानुसार झारखंड के सभी प्रखंड कार्यालय परिसरों में आम उत्सव सह बागवानी मेला का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गुमला, रामगढ़ के प्रखंडों में भी बागवानी मेले का आयोजन किया गया। 1/3
मेले में विभिन्न पंचायतों के किसानों द्वारा अपने-अपने बगान के आम के स्टॉल लगाये गये।जिसमें आम के साथ लाभुकों द्वारा तैयार किया गया आम का अचार, सरसों का तेल, रागी का लड्डू आदि का भी स्टॉल लगाया गया। 10 से ज्यादा सिर्फ आम के स्टॉल थे। 2/3
झारखंड में बिरसा हरित ग्राम योजना राज्य के किसानों की जिंदगी बदल रहा है. फलों का राजा कहा जाने वाला आम इन किसानों की जिंदगी में मिठास घोल रहा है।
विगत साढ़े चार वर्षों में 1,10,664 एकड़ में कुल 1 करोड़ 18 लाख 54 हजार 331 पौधे लगाए गये.
सचिव, ग्रामीण विकास विभाग की अध्यक्षता में जलछाजन परियोजनाओं को Saturation basis पर कार्य करने के लिए Convergence हेतु मनरेगा, कृषि पशुपालन, जल संसाधन, वन विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक किया गया।सभी विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए लक्ष्य को ससमय पूरा करने का अनुरोध किया गया
बिरसा हरित ग्राम योजना के निमित्त वर्ष 2024- 25 के सफल क्रियान्वयन को लेकर राज्य के सभी उप विकास आयुक्तों, जेएसएलपीएस के पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गयी। सचिव ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाय।
ग्रामीण विकास सचिव श्री केo श्रीनिवासन की अध्यक्षता में संचालित योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। सचिव ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में मनरेगा का अहम रोल, इन योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसकी मजबूत निगरानी होनी चाहिए।
Catch Tarak Nath Das, Team Coordinator, PRADAN at DD Jharkhand in the program "Nayi Bulandi" talking about PRADAN and PRADAN's engagement with the marginalised sections of the rural community.
Watch it here: https://t.co/jTUJfRTzqy
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