समीक्षा बैठक के क्रम में जनपद पीलीभीत के बीसलपुर ब्लॉक की कार्यसमिति एवं संघर्ष समिति के साथ बैठक की एवं संगठन हित में आवश्यक निर्देश दिए ।बैठक में मेरे साथ श्री संजय सिंह जी महामन्त्री,श्री संजीव कुमार शर्मा जी प्रान्तीय संगठन मंत्री एवं जिलाध्यक्ष बदायूँ,श्री मुकेश चौहान माण्डलिक संगठन मन्त्री ,दयाशंकर सिंह जिलाध्यक्ष पीलीभीत,श्री उमेश गंगवार जिला मंत्री पीलीभीत,श्री राम अवतार सिंह ब्लॉक अध्यक्षबीसलपुर,श्री जितेन्द्र पाल ब्लॉक मंत्री,सहित सभी ब्लॉक अध्यक्ष एवं मंत्री तथा तहसील प्रभारी उपस्थित रहे।
*22 फरवरी दिन रविवार कुछ समय अपनी लड़ाई में*
*ट्विटर पर भी एक लड़ाई अपने सम्मान के लिए*
*शाम 2 बजे 4 बजे तक आप सभी अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक ट्वीट करें🙏*
@DrDCSHARMAUPPSS m
#JusticeForTeachers
एक आग्रह (केंद्र सरकार और राज्य सरकार से)
आज शिक्षक वर्ग को टीईटी अनिवार्यता के प्रश्न पर असमंजस और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और मनोबल बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
हम सरकार से यह निवेदन करना चाहते हैं कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल एक परीक्षा से नहीं, बल्कि अनुभव, समर्पण और सतत कार्य से भी आँकी जानी चाहिए। जो शिक्षक आरटीई लागू होने से पूर्व विधिवत नियुक्त हुए, जिन्होंने वर्षों तक सफलतापूर्वक अध्यापन किया, उनके अनुभव और सेवा को एक झटके में कमतर आंकना न्यायोचित नहीं है।
तार्किक पक्ष यह कहता है कि यदि नियुक्ति के समय जो नियम प्रभावी थे, उन्हीं के आधार पर चयन हुआ, तो बाद में नियमों में संशोधन का प्रभाव पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायसंगत पुनर्विचार का विषय होना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और मनोबल बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
एक शिक्षक का आत्मसम्मान ही उसकी सबसे बड़ी पूँजी है। जब वर्षों की सेवा के बाद उसे अपनी योग्यता सिद्ध करने की नई बाध्यता के साथ खड़ा किया जाता है, तो उसके मन में असुरक्षा और पीड़ा स्वाभाविक है। यह पीड़ा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की चिंता बन जाती है।
हम सरकार से टकराव नहीं, समाधान चाहते हैं। हम संवाद चाहते हैं, सहानुभूति चाहते हैं और ऐसी नीति चाहते हैं जो न्याय, संवेदनशीलता और व्यवहारिकता—तीनों का संतुलन बनाए।
आशा है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार शिक्षक समाज की इस गुहार को संवेदनशीलता से सुनेगी और अतिशीघ्र ऐसा निर्णय लेगी जो शिक्षा की गुणवत्ता भी बनाए रखे और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की भी रक्षा करे।
क्योंकि शिक्षक मजबूत होगा तो ही शिक्षा मजबूत होगी, और शिक्षा मजबूत होगी तो ही राष्ट्र सशक्त बनेगा।
- विपिन बिहारी
@DrDCSHARMAUPPSS@UPPSS1921
@TFI_2025
#JusticeForTeachers
जब अधिकारों पर आंच आती है, तो मौन नहीं — संगठित स्वर ही परिवर्तन लाता है
📢 आज, 22 फ़रवरी, दोपहर 2:00 बजे — ट्विटर (X) अभियान
अपनी आवाज़ को एक स्वर दें, अपनी एकता की ताक़त दिखाएँ।
@DrDCSHARMAUPPSS@UPPSS1921
@TFI_2025
शिक्षक साथियों!
जब अधिकारों पर आंच आती है, तो मौन नहीं — संगठित स्वर ही परिवर्तन लाता है
📢 आज, 22 फ़रवरी, दोपहर 2:00 बजे — ट्विटर (X) अभियान
अपनी आवाज़ को एक स्वर दें, अपनी एकता की ताक़त दिखाएँ।
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