माहौल की भारी खामोशी और आंखों में उतर आए दुख के बीच अखिलेश यादव ने छोटी बच्ची को संभालने की कोशिश की। उन्होंने बात की और प्यार से पास बैठाए रखा। घाट पर मौजूद लोगों की आंखें उस दृश्य को देखकर नम हो गईं, जहां एक मासूम चेहरा अपने पिता की अंतिम विदाई को चुपचाप महसूस कर रहा था।