@GlitterInVeins_ संस्कृतियों की संधि है, भिन्न मतों का है समास,
न विच्छेद न विग्रह है, समभाव का है उच्छवास!
संगीत पद गा रहे चंद्र, बिंदु और अनुस्वार,
चिरजीवन के आशीष लुटा रहे अलंकार ,
मिल जाए ह्रस्व से दीर्घ तक का विस्तार !!
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@GlitterInVeins_ उत्सव मना रहे उज्जवल वर्णों के दीप,
रच रहे शब्द अक्षर,आ मात्रा के समीप!
प्रीतिभोज पावन परिणयोत्सव,
जैसे नव कृति का हुआ उद्भव
वधु का बढ़ाया सौंदर्य और वैभव
मिलकर देशज,विदेशज,तत्सम,तद्भव!
हो सवार काल अवधि के रथ पर
दुल्हन का रूप और गया है निखर!
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@airtelindia@Airtel_Presence How many times in a week u go for maintenance?? And how some can rely upon your services for essential work. Why you shouldn’t be held accountable for the loss arising out of your inconsistent service? I demand compensation for lapse in services.