9000 रुपये का मानदेय और ऊपर से टॉपर PanchayatSahayak की तुलना केयरटेकर से!
योगी जी युवाओं को आत्महत्या के लिए उकसा रहे हो क्या? #सचिवालय_शौचालय_एक_समान
#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
पंचायत सहायक की प्रमुख माँग
(1)नियमितीकरण: पंचायत सहायकों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
(2)-सेवा संवर्ग: पंचायत सहायकों के लिए अलग राज्य स्तरीय सेवा संवर्ग बनाया जाए।
(3)-₹18,000 मानदेय: न्यूनतम ₹18,000 मासिक मानदेय निर्धारित किया जाए
(4)-नियमित DBT भुगतान: प्रत्येक महीने समय पर सीधे बैंक खाते में मानदेय भेजा जाए।
(5)-अनुबंध व्यवस्था समाप्त हो: अस्थायी व्यवस्था के स्थान पर स्थायी एवं सुरक्षित सेवा व्यवस्था लागू हो।
(6)-समायोजन की नीति: वर्तमान में कार्यरत पंचायत सहायकों के अनुभव और सेवाकाल को ध्यान में रखकर समायोजन की स्पष्ट नीति बनाई जाए।
(7)-सेवा सुरक्षा: नौकरी की सुरक्षा, स्पष्ट सेवा शर्तें और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
(8)-पदोन्नति की व्यवस्था: योग्यता एवं अनुभव के आधार पर पदोन्नति के अवसर दिए जाएँ।
(9)-कार्य और जिम्मेदारी स्पष्ट हो: पंचायत सहायकों के कार्य, अधिकार और जिम्मेदारियाँ निर्धारित की जाएँ।
(10)-मानदेय में देरी पर जवाबदेही: भुगतान में अनावश्यक देरी रोकने के लिए जवाबदेही तय की जाए।
@CMOfficeUP@spsinghbaghelpr@InfoDeptUP@uppanchayatiraj@myogiadityanath@ChiefSecyUP @DirectorUPPR @oprajbhar@mopr_goi
मुख्यमंत्री जी,
शौचालय की व्यवस्था भी जरूरी है और सचिवालय की व्यवस्था भी।
मुद्दा किसी एक को कम करना नहीं, बल्कि दोनों की जिम्मेदारियों का उचित मूल्यांकन करना है।
PanchayatSahayak को न्यायपूर्ण मानदेय चाहिए।
@niyodhi#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
माननीय मुख्यमंत्री जी,
गाँव में डिजिटल शासन की जिम्मेदारी जमीन पर निभाने वाला PanchayatSahayak यदि आर्थिक असुरक्षा में रहेगा, तो ग्रामीण डिजिटल व्यवस्था की स्थिरता पर भी असर पड़ेगा।
@CMOfficeUP@DirectorUPPR।
@UPGovt has truly leveled the playing field by paying a topper PanchayatSahayak and a caretaker the exact same 9,000 INR. Absolute comedy of governance! @RahulGandhi#सचिवालय_शौचालय_एक_सामान
PanchayatSahayak सिर्फ ₹9,000 नहीं मांग रहा।
वह चाहता है कि उसके पदनाम, उसकी योग्यता, उसकी जिम्मेदारी और उसके जीवन के बीच कोई न्यायपूर्ण संबंध हो।
न्यूनतम ₹18,000 DBT से मिले।🙏😔📖🖋️😭
@ChiefSecyUP@uppanchayatiraj#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
गांव के नागरिक को सरकारी योजना का लाभ दिलाने वाला पंचायत सहायक जब अपने ही अधिकार की बात करे तो उसे चुप कराने के बजाय उसकी बात सुनी जानी चाहिए।
ग्राम स्वराज में आवाज दबाई नहीं जाती, सुनी जाती है।
₹18,000 न्यूनतम मानदेय और सेवा सुरक्षा पर सरकार संवाद करे।
#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
माननीय मुख्यमंत्री जी,
सामुदायिक शौचालय के ₹9,000 के कुल रखरखाव प्रावधान और PanchayatSahayak के ₹9,000 व्यक्तिगत मानदेय की प्रकृति अलग है। फिर भी दोनों आंकड़े एक गंभीर नीति-प्रश्न खड़ा करते हैं—जिम्मेदारी के अनुसार मानदेय कैसे तय हो?
@ChiefSecyUP@niyodhi
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PanchayatSahayak केवल Data Entry नहीं करता; ग्राम सचिवालय की दैनिक डिजिटल व्यवस्था में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
माननीय मुख्यमंत्री जी, पद और जिम्मेदारी के अनुरूप मानदेय तय करने की आवश्यकता है।
@myogiadityanath@oprajbhar#सचिवालय_शौचालय_एक_समान