कितना भयानक नज़ारा है यह!
RSS-BJP कितनी चालाकी और धूर्तता से काम कर रही है?
सिर्फ़ इतना ही नहीं कि संघी गुंडे बिना नेमप्लेट के पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता कर रहे हैं, बल्कि उनमें से कुछ ऐसे कपड़े भी पहन रहे हैं, जिन्हें ख़ास तौर पर ‘मुस्लिम पहचान’ से जोड़कर देखा जाता है, ताकि पूरे आंदोलन को सांप्रदायिक रंग दिया जा सके।
वही ‘सनातनी मुसलमान’ हिंदू रक्षा दल के गुंडों का समर्थन करते हुए भी देखा गया, जब वे प्रदर्शनकारियों पर हमला कर रहे थे। उसने गुंडों और लाठियों से भरी गाड़ी को भी आड़ दी — वह मुसलमान नहीं है।
भारत के लोगों को इस पैटर्न को समझना होगा: RSS-BJP और उनके सहयोगियों द्वारा बार-बार मुसलमानों को बलि का बकरा बनाया गया है, जबकि असल राजनीतिक मक़सद हिंदुओं के वोट, जनादेश और उनकी चुनी हुई सरकारों को चुराना है।
RSS-BJP का मक़सद सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना और उसका इस्तेमाल करके राजनीतिक सत्ता हासिल करना है।
बिजनौर के कलेक्टर उमेश प्रताप सिंह और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई समाधान दिवस में जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुहल्ला मकबरा में स्थित मस्जिद में रखे लाउडस्पीकर से अजान की आवाज सुनाई दी। एसपी ने तत्काल थाना प्रभारी अमित कुमार मलिक को मौके पर बुलाया। मस्जिद में रखा लाउडस्पीकर कब्जे में लेकर मौलवी फैजान को हिरासत में ले लिया।
आरोप है कि लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों से अधिक थी। दारोगा सौरभ कुमार की तहरीर पर मौलवी मोहम्मद फैजान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और मौलवी फैजान को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान किया गया। @Uppolice को ‘दूसरों’ के लाउडस्पीकर से ही परेशानी है, या ‘अपनों’ के डीजे पर भी कार्रावाई होगी?
दो नाबालिग मुस्लिम बच्चों को इस तरह पकड़कर ले जाया जा रहा है, मानो वे कोई उपद्रवी हों! आखिर यह कैसा तरीका है दिल्ली पुलिस?
क्या BNS की धारा 163 में हंसना भी मना है?
आखिर इन मुस्लिम बच्चों के साथ इस तरह क्यों किया जा रहा है, जबकि असली उपद्रवियों और गुंडों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
दो दिनों से CP Circle के आस पास हाथों में डंडे लिए गुंडे देखे जा रहे हैं। ये गुंडे प्रदर्शनकारियों से लेकर महिला पत्रकार तक को अपना निशाना बना रहे हैं।
#GyaneshKumar #DelhiPolice
जबसे श्याम मीरा सिंह @ShyamMeeraSingh ने 'मोदी मुर्दाबाद' 'अमित शाह मुर्दाबाद' 'भगत सिंह जिंदाबाद' बोला है तबसे एक तबके की ऐसी भावना आहत हुई है कि बोल रहे हैं कि ये कैसा पत्रकार है जो मोदी शाह मुर्दाबाद बोल रहा है!
सही बोला जिस दौर में पत्रकारिता का मतलब ही 'हर हर मोदी घर घर मोदी' का 24*7 जाप करना हो वहां कोई मुर्दाबाद बोलने की जुर्रत कैसे कर सकता है!
मस्जिद दिखी,
अजान सुनी,
और समाधान दिवस के लिए जाते डीएम-एसपी ने एफआईआर कराके मौलवी को जेल भेज दिया!
सोचिए कि अभी यही हाई वाल्यूम में कांवड़ में डीजे बजाते भक्तों की भीड़ होती, तो एसपी-डीएम साहब क्या करते?
उनके पांव पखारकर सेल्फी पोस्ट करते?
या फिर कांवड़ लेकर आगे आगे चलते?
थोड़ा उमर ख़ालिद, शरजील इमाम को भी याद कीजिए। छह साल हो गए। ट्रायल भी नहीं। ज़मानत भी नहीं। आकृति चौधरी को भी याद कीजिए, जिस पर फ़र्ज़ी आधार पर NSA लगा दिया गया, सत्यम वर्मा को भी याद कीजिए। स्टेन स्वामी और साईं बाबा को भी। दस साल साईं बाबा को बिना किसी आधार के जेल में रखा गया।
सड़क पर सुरक्षा बलों की तैनाती आपातकाल की आहट बताई जा रही है। दरअसल यह तेरह साल की चुप्पियों के अपराधबोध की सांस्थानिक अभिव्यक्ति है।
क्या देश में आपातकाल लग चुका है? अगर नहीं तो फिर पुलिस की यह ‘ड्यूटी’ क्यों लगाई गई है? कि वह एलान करके लोगों को विरोध प्रदर्शन में जाने से रोक रही है? दूसरा सवाल यह कि कानून की वो कौनसी धारा है जिसके तहत यह पुलिसकर्मी मस्जिद में जाकर मस्जिद के माइक से एलान कर रहा है?
TRE-1, TRE-2 और TRE-3 में Language Paper में Negative Marking नहीं थी, तो TRE-4 में क्यों?
Language Paper का उद्देश्य भाषा दक्षता की जांच है, अभ्यर्थियों को दंडित करना नहीं। Language Paper से Negative Marking हटाई जाए।
#TRE4#NoNegativeMarking#BPSC@mkrtiwari_bjp@BPSCOffice
वीडियो उज्जैन की है। BJP राज में सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर अगर किसी समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
आख़िर मुसलमानों के साथ यह अत्याचार कब तक चलता रहेगा?
सवाल सिर्फ एक समुदाय का नहीं, न्याय और संविधान की रक्षा का है।
#Ujjain#MP
उज्जैन 📍
उज्जैन की 650 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद 3 फिट थोड़ने की मंजूरी दे दी गई थी।
इसके बाद भी पुलिस अपना दबदबा दिखाने के लिए मस्जिद के पास खड़े लोगों पर अशुगैस के गोले दागे।
मुसलमानों के प्रति पुलिस वालों का यह रवैया बहुत भी घिनौना है।
#SaveUjjainShahiMosque
शाही मस्जिद पर हालात खराब है पुलिस तैनात है आप सभी से गुजारिश है वहां के हिम्मत पसंद नौजवानों के लिए दुआ करे।
और साथ में लिखते रहे रुकना नहीं है #SaveUjjainShahiMosque
उज्जैन में आर्मी पुलिस तैनात है इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन की मनसा क्या है।
शाही मस्जिद के लिए हमारे मुसलमान भाई ग्राउंड पर डटे हैं।
लेकिन आप लोग उनके लिए लिख नहीं सकते ?
खुद के जमीर से सवाल पूछो और लिखना स्टार्ट करो। #SaveUjjainShahiMosque
ये समीर है, नॉर्थ दिल्ली के यादव नगर निवासी समीर अपनी मां के साथ रहता है और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाता है। उसका कहना है कि हाल ही में उसका ई-रिक्शा चोरी हो गया, उसने खुद तलाश कर ई-रिक्शा और कथित चोर को पकड़ लिया और दोनों को लेकर पुलिस के पास पहुंचा।आरोप है कि चोरी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने उसके साथ ही मारपीट की, जिसमें उसके हाथों को चोट आई। समीर के इन आरोपों कि निष्पक्ष जांच जरूरी है।
Indian authorities have demolished a mosque in Saharanpur, Uttar Pradesh, following a court ruling. The case was filed by a member of a Hindu nationalist group.
Mosque authorities say the building dates back to 1911. Rights groups are questioning the legality of the decision.