सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत करना युवक को पड़ा भारी भदोही के सर्रोई दुलमदासपुर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले कालीन निर्यातक ने झूठी शिकायत कराकर पुलिस चौकी में बैठवाया महेंद्र सिंह रजपुरा चौकी इनचार्ज तत्काल कार्यवाही करें @Uppolice@CMOfficeUP@bhadohipolice
किसी के जीवन में जगह बना लेना बड़ी बात नहीं, बड़ी बात है उसके मन में सम्मान बनकर रह जाना। प्रेम/ दोस्ती/ भाईचारा वहीं सच्चा होता है। जहाँ अधिकार से पहले आदर जन्म लेता है, और शब्दों से पहले एहसास बोलता है। किसी भी रिश्ते में सबसे सुंदर स्पर्श हाथों से नहीं, वि��्वास से होता है। 🌱
@myogioffice@myogiadityanath महराज जी। भाजपा परिवार बूथ अध्यक्ष 392 को निर्मम हत्या 10 दिसंबर 2025 को 5 लोगो ने मिलकर कर दिया है। जनप�� भदोही प्रशासन 6 महीने बीत गए है। अभी विवेचना कर रही है। आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। गुंडा माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है। आप कहते अपराधमुक्त यूपी हो रहा है।
तब चाहिए होता है एक साथ जिसके होने में अपना होना महसूस हो। उसको छूने में आपको आपकी देह का एहसास हो। उसकी बाहों में सारा अवसाद दम तोड़ दे।
कोई ऐसा चाहिए जिसे कहना न पड़े कि मेरे लिए दुआएँ करना। जिसकी सुबह में आ���की सुबह भी थोड़ी सी शामिल हो।
कुछ लोग हर बात में ख़ुद को तुमसे बड़ा साबित करने की कोशिश करते हैं। तुम अपनी आज की मेहनत बताओगे, तो वे अपने बीते हुए ऐसे कारनामे गिना देंगे जिनका सच से अक्सर दूर-दूर तक रिश्ता नहीं होता।
फ़र्क बस इतना है कि मैं उन्हें सतह से नहीं, व्यवस्थित रूप से जानता हूँ। उनकी जड़ों से वाक़िफ़ हूँ, उनके सफ़र से भी। इसलिए यह भी जानता हूँ कि उनकी ज़्यादातर उपलब्धियों की नींव मेहनत से ज़्यादा चापलूसी, खुशामद और सही वक़्त पर सही तलवे चाटने पर खड़ी है।
जहाँ तक मेरी बात है, मुझे जानने वाले जानते हैं कि मैंने कभी किसी का दस रुपये की चाय तक मुफ़्त पीना पसंद नहीं किया। पहचान, सम्मान और रिश्ते मैंने अपनी हैसियत से बनाए हैं, किसी की चौखट पर माथा रगड़कर नहीं।
इसलिए अब ऐसे लोगों की बातों पर हैरानी नहीं होती। कुछ लोग काम करके बड़े बनते हैं, और कुछ लोग सिर्फ़ बातें करके। समय दोनों का हिसाब ख़ुद लिख देता है।
- मलाल 🍁
कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि कितना अजीब होता होगा जब दो लोग सचमुच एक-दूसरे के लिए बने हों, लेकिन उन्हें सिर्फ़ इसलिए अलग कर दिया जाए क्योंकि उनकी जात अलग है, उनका ख़ानदान अलग है, या समाज को उनका साथ स्वीकार नह��ं।
दर्द इस बात का नहीं होता कि मोहब्बत अधूरी रह गई। दर्द इस बात का होता है कि जिन लोगों ने फ़ैसला सुनाया, उन्होंने कभी उस मोहब्बत को महसूस ही नहीं किया।
उन्होंने न उन ख़्वाबों को देखा जो साथ देखे गए थे, न उन दुआओं को सुना जिनमें एक-दूसरे का नाम था। उन्होंने बस नाम, जात और सरनेम देखे, और इतना काफ़ी था दो ज़िंदगियाँ अलग कर देने के लिए।
फिर दोनों लोग अपनी-अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ जाते हैं। ज़िम्म��दारियाँ आ जाती हैं, वक़्त गुज़र जाता है, चेहरे बदल जाते हैं। मगर कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो ख़त्म नहीं होते, बस अधूरे रह जाते हैं। वे यादों में नहीं रहते, वे इंसान के भीतर रहने लगते हैं।
शायद इसी लिए कुछ लोग पूरी उम्र किसी एक शख़्स को भूल नहीं पाते। इसलिए नहीं कि उन्हें आगे बढ़ना नहीं आता, बल्कि इसलिए कि दिल जानता है-जिसे खोया है, वह कोई आम इंसान नहीं था। वह वह शख़्स था जिसके साथ ज़िंदगी की कहानी कुछ और हो सकती थी, अगर समाज ने उसे अपने नियमों के नीचे कुचल न दिया होता।
- मलाल 🍁
खान सर पर धारा 109 BNS लगा है , बोले तो हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट लगा है , बोले तो अवैध हथियार रखने का मामला...
दोनों में कोई दम नहीं...
गोली खान सर ने नहीं चलाई , राइफल भी उनके ��ास से बरामद नहीं हुई फिर कैसा 109 BNS ? कैसा आर्म्स एक्ट?
गार्ड पुलिस की गिरफ्त में है , गिरफ्तारी में किसी व्यक्ति का बयान अदालत मानती ही नहीं , फिर गार्ड्स के बयान पर F.I.R. क्यों?
CCTV FOOTAGE खंगालिए, ख़ान सर वहां होंगे तो बात समझ में आती है और वैसे भी ख़ान सर सिक्योरिटी गार्ड के अधिकारी नहीं थे जिसके आर्डर पर उन लोगों ने हवाई फायरिंग कर दी , जिसके नाम पर हथियार का लाईसेंस होता है जिम्मेदारी उसकी होती है।
मामला टांय टांय फिस्स है , अदालत में नहीं टिकेगा….
बाकी आप भाजपा को जानते ही हैं मुस्लिम
ख़ान सर पर "आर्म्स एक्ट" लग चुका है...
शायद पेपर लीक का केस भी बनेगा...
पाकिस्तान से रिश्ता आसानी से मिलेगा...
ISI से फंडिंग तो मामूली बात है...
ED/CBI/IT/NIA की रेड....
बाकी हिजड़ों के मुहल्ले टीवीपुरम में बच्चा पैदा हुआ है ।
खान नरेंद्र मोदी औऱ मोहन भागवत का जितना बड़ा एसेट है, उसके लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है. भाजपा का कोई भी सांसद खान से ज्यादा उपयोगी नहीं है.
आप यही समझिए कि मोदी सरकार के खिलाफ होने वाला पहला छात्र विद्रोह इसने खत्म करवा दिया था. बिहार के छात्रों ने एक दिन में दो जिलों के भाजपा कार्यालय फूँक दिया था. 13 ट्रेंनें जला दी गई थी. अगले दिन भारत बंद का कॉल था. उस दौरान भाजपा के ने���ा औऱ कार्यकर्ता BJP का झंडा अपनी गाड़ी से निकालकर घूमते थे. उस पुरे आंदोलन की ताप को ठंडा करने का काम खान ने किया था.
भाजपा का कोइ सांसद या पुरी गोदी मीडिया या पुरा व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में से कोई भी खान से बड़ा एसेट नहीं है.
आप यही समझिए कि अग्निवीर स्कीम के लागू करने से पहले होने वाली जनवादी प्रतिक्रिया को कैसे रोका जाए, इस बैठक में सरकार औऱ सेना के अधिकारियों के साथ खान की हाई लेवल बैठक हुई. जब आंदोलन तेज हुआ तो खान ने छात्रों ��े बहुत झूठे वादे किए, हम सेना औऱ सरकार के उच्च अधिकारियो के साथ मिलकर आपकी मांगो पर विचार कर रहे हैं, कि कुछ महीना का समय दीजिए. वगैरह वगैरह.. जबतक खान का अस्तित्व है, तबतक मोदी औऱ संघ का कोई बाल बांका नहीं कर सकता.
खान की अपील इतनी बड़ी है कि वह सड़क से मोदी के खिलाफ कोई विद्रोह नहीं होने देगा. अपने खिलाफ होने वाले सभी छात्र आंदोलन को नष्ट करने के लिए हीं मोदी सरकार खान का इस्तेमाल करती है.
वह अपन��� क्लास में सरकार औऱ संघ का जितना फेवर करता है, वह BJP के लिए व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से भी ज्यादा इफेक्टिव है.
खान की इतनी सारी गद्दारी वाली एक्टिविटी है, उसकी चर्चा करने के लिए घंटो तक बोलकर बताना होगा, तब जाकर इसके सम्पूर्ण इतिहास का काण्ड पुरा होगा. लिखने पर तो इसकी कहानी खत्म हीं नहीं हो सकती है.
-क्रांति संभव
सुनो तुम क्या जानते हो
मुझे क्या मानते हो फर्क नहीं पड़ता
बस तुमसे मिलने के बाद,
सुकून अब कम नहीं पड़ता।
ठीक है, मैं ज्यादा बातें नहीं बनाऊँगी
तकदीर से हारी हूं तो हक नहीं जताऊंगी
लेकिन
क्या तुम ठहरने का एक वादा करोगे?
मैं कह दूँ अगर तुम मेरे हो
तो क्या तुम मेरे ही रहोगे?
~♡✨
संयोग था तुम्हारा मेरी जिंदगी में आना..अप्रत्याशित तुम्हारा मुझसे प्रेम हो जाना और निस्वार्थ मेरा उस प्रेम में लीन हो जाना..!
शायद सत्य ही है प्रेम में व्यक्ति शारीरिक ना सही किंतु भावनात्मक और मानसिक रूप से एक हो जाते हैं..!!❣️
#वाराणसी में भगवान #जगन्नाथ जी के मंदिर के #निर्धन_वृद्ध_ब्राह्मण_पुजारी को माफिया बृजेश सिंह के #गुर्गों द्वारा उनके घर गिराने की धमकी के बाद #त्राहिमाम करते #वाराणसी डी एम के पास न्याय की उम्मीद लिए जाते हुए….?
योगी जी ने सभी अपने सहजाति राष्ट्रीय माफियाओं को महापुरुषों के श्रेणी में रखा है इस मामले में ना बुलडोजर चलेगा ना पुलि�� की कोई कार्रवाई होगी
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सुनो लड़के!!
तो सुनो लड़के,
जब कभी ये दुनिया तुम्हें तोड़ दे,
तुम्हारे सपनों के शीशे चूर-चूर कर दे,
और मर्द होने का बोझ
तुम्हारे कंधों को झुका दे,
तो उस दिन मर्द का चोला उतार देना,
बस एक इंसान बनकर,
थके-हारे, बिखरे हुए,
मेरे पास ��ले आना।
यहाँ तुम्हारे लिए कोई अदालत नहीं होगी,
न कोई शिकवा, न कोई हिसाब होगा,
न ये सवाल कि , तुम क्यों हार गए?
यहाँ बस एक गोद होगी,
जिसे सिर्फ़ तुम्हारा इंतज़ार रहेगा,
जहाँ तुम्हारी सारी हार
जीत बनकर सो सोजाएगी।
मैं तुम्हारी कमज़ोरी नहीं नापूँगी,
तुम्हारी ख़ामोशी को कमज़ोर नहीं कहूँगी।
मैं बस अपनी हथेली
तुम्हारे माथे की शिकन पर रख दूँगी,
और सारी थकान खींच लूँगी
जैसे माँ रात को बुख़ार खींच लेती है।
तो सुनो लड़के,
जब ज़माना तुमसे कहे मज़बूत बनो,
जब लोग तुमसे कहें मर्द रोते नहीं,
तब तुम मेरे पास आकर रो लेना।
क्योंकि मेरे इश्क़ की कोई शर्त नहीं है।
ये इश्क़ तुम्हें साबित नहीं करता,
ये इश्क़ तुम्हें समेटता है।
हर रात जब तुम टूटकर सोओगे
मेरी बाँहों के घेरे में,
तो मैं तुम्हारे कान में बस यही दोहराऊँगी,
तुम सदा हँसते रहो,
तुम्हारी हँसी से
मेरा पूरा जहाँ महक ��ठता है।
तो आ जाना,
बिना नक़ाब के,
बस एक अच्छा इंसान बनकर।
क्योंकि मेरा प्यार तुम्हारे मर्द होने से नहीं,
तुम्हारे इंसान होने से है।✨🧡
#રાધાસ્વરા
#बज़्म
हिन्दू मुस्लिम की राजनीति करने वाले हिन्दू मुस्लिम को लड़ाकर सत्ता में आने वाले । मुसलमानों का स्वागत करना चाहिए था कि समस्त भारतीय एक साथ होकर मांग कर रहे हैं गाय को लेकर । पर बड़े शर्म की बात है अच्छे अच्छे के नक़ाब उत्तर जाते ��ैं साहब जिस कारण सत्ता में बैठे हैं वो कारण ही खत्म हो गया तो विकास के नाम तो शून्य पर आकर टिक जाएंगे । ठीक है राष्ट्रीय पशु की मांग की मुसलमानों ने पर तुम्हारी सरकार है राष्ट्र माता घोषित ��र दो गाय को काटने वाले को दस दिन के भीतर फांसी चढ़ा दो करो तो सही कुछ। धन्यवाद देने की जगह मुद्दा बना रहे हो शर्म आनी चाहिए आपको हम तो आपको अच्छा समझते थे साहब । बीफ की कम्पनि यूपी में चल रही है आंखे फूटी हुई थोड़ी है जनता की । भारत बीफ निर्यात में विश्व में एक नम्बर पर है मुस्लिम थोड़ी भेज रहे थे और भेज रहे हैं तो फांसी दो मुस्लिम भी आपके साथ है । अब ये फोकट की राजनीति नहीं चलने वाली साहब खूब लड़ा दिया लोगो को । कुछ दिन पहले आपका प्रधानमंत्री कह रहा था गो भगतो के लिए इन पर कार्यवाही करे क्या वास्तव में देश को नाथी का बाड़ा समझ लिए । आप साधु हो राजपूत के घर जन्म लिए हो वैसे साधु की कोई जाती नहीं होती पर जन्म ओर कर्म से तो आप का धर्म बनता है गाय के लिए आवाज बने राष्ट्र माता घोषित करे कहा गए RSS बजरंग दल क्यों नहीं आ रहे गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर सड़कों पर । अब तो देश का प्रत्येक नागरिक चाहता है । आपकी सरकार का मुख्यमंत्री 13 साल की गाय को काटने के लिए इजाजत दे रहा है क्या वो अब माता नहीं रही गो हत्या सर्वनाश का रास्ता है महाराज सावधान । क्या पता राजा महाराजा मुगल अंग्रेज राक्षस राज कर गए धरती पर कोई नहीं बचा उन में से सत्ता परिवर्तन शील होती है अत्याचार मुक्त शासन चाहती है प्रकृति बाकी अत्याचारी हिटलर भी नहीं रहा है थोड़ा होस संभाल कर कहे एक सम�� था पानी में पत्थर तेरलिए आप लोगों के पर अब जनता के सामने सच्चाई लगातार आ रही है बीजेपी सरकार की 120 सीट पर भी नहीं पहुंच पाएंगे राजन
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग तुम्हारा दोगलापन है
यही सेम लाइन अगर कोई विपक्ष का नेत�� बोल देता या कोई और तो अब तक वो देशद्रोही, हिंदू विरोधी या सनातन विरोधी घोषित कर दिया गया होता पर खुद को हिन्दू हृदय सम्राट मान बैठे हैं तो कुछ भी बोल सकते हैं।
#चित्रकूट - 12 वर्षीय नाबालिग किशोर कि लाठी डंडों से पीट - पीट कर कि गई निर्मम हत्या से सहमा समूचा गांव , सूचना पर तत्काल भारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे चित्रकूट के पुलिस कप्तान , पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने घटना को दिया अंजाम , घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हुआ हत्यारोपी , रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर गांव कि घटना। @Rajeevkrishna69@dgpup@Uppolice@ADGZonPrayagraj@rangechitrakoot@chitrakootpol@homeupgov
दर्द वाला रोमांस ✨
तुम्हारे साथ
जो भविष्य देखा था मैंने,
वो अब सिर्फ़
आँखों में बचा हुआ है।
हमने साथ रहने की बातें की थीं,
लंबी रातों में
एक-दूसरे को समझा भी था…
मग़र शायद
मोहब्बत हमेशा मुक़म्मल नहीं होती।
अब तुम्हारा नाम सुनता हूँ
तो मुस्कुरा देता हूँ,
लेकिन अंदर कहीं
एक दर्द फ़िर से जाग जाता है।
कुछ लोग चले जाते हैं,
मग़र उनसे जुड़ा दिल
वहीं रह जाता है। 🌧️
#अशोक_मसरूफ़
PIC credit---Pinterest
कुछ अधूरा���न उम्र भर साथ चलता है…
“कुछ अधूरापन उम्र भर साथ चलता है…
कुछ लोग मिलकर भी नहीं मिलते,
और कुछ बिछड़कर भी दिल में बसे रहते हैं।”✍️
ज़िंदगी हर किसी को सब कुछ नहीं देती।
कुछ ख़्वाहिशें ऐसी होती हैं जो पूरी होने से पहले ही समय की धूल में खो जाती हैं, और कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो मुकम्मल होने के बावजूद अधूरे रह जाते हैं।
कभी-कभी कोई इंसान हमारी ज़िंदगी में आता है, हमारे दिल की हर धड़कन में बस जाता है, हमारी आदतों, हमारी बातों, हमारी सोच का हिस्सा बन जाता है। लेकिन फिर परिस्थितियाँ, वक़्त या तक़दीर उसे हमसे दूर कर देती हैं।
दूरी बढ़ ज��ती है, रास्ते बदल जाते हैं, मगर दिल के किसी कोने में उसकी मौजूदगी हमेशा बनी रहती है।
सच तो यह है कि हर बिछड़ना भूल जाना नहीं होता।
कुछ लोग हमारी ज़िंदगी से चले जाते हैं, लेकिन हमारी रूह से कभी नहीं जाते।
उनकी यादें किसी पुराने गीत की तरह दिल में बजती रहती हैं, कभी मुस्कान बनकर, कभी आँसू बनकर।
और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो हर रोज़ हमारे सामने होते हैं, लेकिन कभी हमारे हो नहीं पाते।
मुलाक़ातें हो���ी हैं, बातें होती हैं, साथ भी होता है, फिर भी दिलों के बीच ��क अनकहा फ़ासला बना रहता है।
शायद यही ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच है कि हर कहानी का अंत मिलन नहीं होता।
कुछ कहानियाँ अधूरी रहकर ही सबसे ख़ूबसूरत बन जाती हैं।
कुछ रिश्ते नाम नहीं पाते, लेकिन उम्र भर एहसास बनकर साथ चलते हैं।
इसलिए अगर आपके जीवन में भी कोई ऐसा अधूरा रिश्ता, अधूरी चाहत या अधूरी कहानी है, तो उसे बोझ मत समझिए।
वही अधूरापन आपको इंसान बनाता है, आपको संवेदनशील बनाता है, और यह सिखाता है कि ���ोहब्बत का मतलब हमेशा पा लेना नहीं, बल्कि दिल से निभाना भी होता है।
कुछ लोग किस्मत में नहीं होते,
मगर दिल की किताब में आख़िरी साँस तक दर्ज रहते हैं। ❤️🥀
कुछ अधूरापन उम्र भर साथ चलता है…
कुछ लोग मिलकर भी नहीं मिलते,
और कुछ बिछड़कर भी दिल में बसे रहते हैं।
#जीत ✍️
#अनकही_बातें
@SURINDERJEET63
#गाजियाबाद के मासूम बच्चे #सूर्या_चौहान की #निर्मम_हत्या की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ |
#सरकार और #प्रशासन से मे��ी #पुरजोर_अपील है कि इस जघन्य हत्याकांड और इसकी साजिश रचने वाले किसी भी अपराधी को कतई बख्शा न जाए |
मामले की #निष्पक्ष_जांच कर जल्द से जल्द #दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो जो एक मिसाल बने |
बात सिर्फ किसी एक बच्चे या एक क्षेत्र की नहीं है | #बच्चे सबके होते हैं, #परिवार सबका होता है, और किसी भी #बेगुनाह_की_जान की कीमत एक समान होती है |
पिछले कुछ वर्षों में #भीड़_तंत्र, #कट्टरपंथ और #उग्र_मानसिकता की भेंट चढ़े #मासूमों और #बेगुनाहों का दर्द देश कभी नहीं भूल सकता ...
#डॉ_पंकज_नारंग (दिल्ली, 2016): विकासपुरी इलाके में एक मामूली विवाद के बाद उग्र भीड़ ने उनके घर के बाहर लाठियों और पत्थरों से हमला कर उनकी जान ले ली थी |
#जुनैद_खान (2017): ईद की खरीदारी कर ट्रेन से घर लौट रहे 15 वर्षीय किशोर को भीड़ द्वारा हिंसक हमले में मार दिया गया |
#अखलाक_सैफी (दादरी, 2015): अफवाहों के आधार पर भीड़ ने घर में घुसकर हत्या कर दी |
#पहलू_खान (अलवर, 2017): डेयरी व्यवसाय के लिए मवेशी ले जाते समय भीड़ (गौ रक्षकों) द्वारा बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई |
#सनातन_महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल, 2018): बच्चा चोरी की अफवाह के बाद उग्र भीड़ ने इन्हें पेड़ से बांधकर इतना पीटा कि इनकी जान चली गई |
#पालघर_साधु_लिंचिंग (2020): बच्चा चोरी की गलत अफवाह के कारण उग्र भीड़ ने दो साधुओं और उनके ड्राइवर की निर्मम हत्या कर दी |
#रकबर_खान (2018) और #वारिस (2023): भीड़ और कथित गौरक्षकों की हिंसा के शिकार हुए |
#उमेश_कोल्हे (अमरावती, 2022): एक केमिस्ट (दवा विक्रेता), जिनकी कट्टरपंथियों द्वारा सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट के समर्थन के कारण रात को घर लौटते समय चाक�� मारकर हत्या कर दी गई थी |
#हरषा (शिवमोगा, कर्नाटक, 2022): 26 वर्षीय बजरंग दल कार्यकर्ता, जिसकी वैचारिक और सांप्रदायिक विद्वेष के चलते बीच सड़क पर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी |
#प्रवीण_नेतारू (दक्षिण कन्नड़, कर्नाटक, 2022): अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे एक युवा पोल्ट्री शॉप मालिक, जिन्हें बाइक सवार हमलावरों ने कुल्हाड़ी और तलवारों से काट डाला था |
चाहे वह कोई #बच्चा हो, कोई #बुजुर्ग हो, या कोई भी #आम_नागरिक ... #कट्टरपंथ और #भीड़_तंत्र (Mob Lynching) का यह #खूनी_खेल अब बंद होना चाहिए |
#सरकार से मांग है कि #देश में बिना किसी भेदभाव के, हर ऐसी घटना पर #यूनिवर्सल और #निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी परिवार को अपनी आंखों के तारे को इस तरह न खोना पड़े |
#सियासत_के_भूखे_भेड़ियों__बस_करो |
ऐसे #बेगुनाहों की #फेहरिस्त बहुत लंबी है जिनकी हंसती-खेलती जिंदगियां नफ़रत और उग्रता की भेंट चढ़ गईं |
आज जो #घरों_के_चिराग बुझ रहे हैं, जो #मांओं_की_गोद सूनी हो रही है, उसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ समाज में ज़हर घोलने वाले, नफ़रत फैलाने वाले और दुश्मनी की आग लगाने वाले वो #लालची_नेता हैं, जिन्हें जनता की जान से ज्यादा अपनी कुर्सी की भूख है |
इन्हें न किसी के मजहब से मतलब है, न किसी की जान से |
इनका एकमात्र मकसद है ... '#बांटो_और_राज_करो' |
#JusticeForSuryaChauhan #StopMobViolence #JusticeForAll
ब्राह्मण के साथ अत्याचार देख कांप उठा था सुप्रीम कोर्ट
यूपी में बीजेपी सरकार में ब्राह्मणो��� पर इस कदर अत्याचार हुए कि एक बार तो सुप्रीम कोर्ट भी कांप उठा..सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर यूपी के डीजीपी को फटकार लगाई थी कि अगर याचिकाकर्ता को पुलिस ने छुआ भी तो ऐसा आदेश देंगे कि डीजीपी सारी जिंदगी याद रखेंगे. ये टिप्पणी फर्रुखाबाद के बाहुबली नेता अनुपम दुबे के भाई के ऊपर पुलिसिया अत्याचार पर की थी..फर्र्खाबाद के अनुपम दुबे भी उसी तरह के बाहुबली हैं जैसे यूपी में कई सफेद लकालक कुर्ता पहने घूम रहे है,.लेकिन ब्राह्मण होने की वजह से उन्हें तबाह कर दिया गया.. ठीक वैसे ही जैसे पूर्वआंचल में बिजय मिश्र�� को..
दोनों का दबदबा ब्राह्मण विरोधियों को रास न आया..
लॉ ग्रेजुएट और बीएएमएस डिग्रीधारी अनुपम दुबे ने पिता की हत्या का बदला लेने हथियार उठाए थे... अनुपम दुबे गुरसहायगंज के समधन कस्बे में 1 मई 1995 को पिता महेश दुबे के साथ जीप से जा रहे थे.. इसी दौरान उनकी जीप से एक मुस्लिम लड़के की मौत हो गई थी.. इस हादसे के बाद. भीड़ ने अनुपम दुबे और उनके पिता नामी अधिवक्ता महेश दुबे पर हमला कर दिया ..पिता की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई .अनुपम बुरी तरह घायल हुए और इलाज के बाद बच गए...भीड़ को ठेकेदार मोह्म्मद शमीम ने उकसाया तो पुलिस इंस्पेक्टर रामनिवास यादव ने भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं की...अपनी आंखों के सामने हुई पिता की हत्या के बाद अनुपम ने हथियार उठा लिए...पहले शमीम और फिर रामनिवास की गोली मारकर हत्या कर दी...इसके बाद वो व्यवसाय और राजनीति में उतरे.. व्यवसा�� से अथाह पैसा कमाया.. होटल, रिसोर्ट, ईंट -भट्टा, कॉलेज बनाए.. राजनीति में उतरे डो बार बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ा. जीते नहीं लेकिन अच्छे वोट हासिल किये.. फर्रुखाबाद जिले की राजनीति में दबदबा बनाया.. खुद नगर पालिका के चेयरमैन बने तो एक भाई को लगातार दो बार ब्लॉक प्रमुख, एक भाई और भाई की पत्नी को क्षेत्र पंचायत सदस्य बनाया.. भाजपा समर्थित को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाया.. बस यही से सत्ता समीपियों की नजर में चढ़ गए...
योगी सरकार के ब्राह्मण उन्मूलन अभियान में अनुपम दुबे को माफिया घोषित कर उनकी दो सौ करोड़ संपत्ति कुर्क कर ली, इनमें कोठी, होटल, मैरिज हॉल, कॉलेज, ईंट भट्टा आदि शामिल है. आलीशान होटल अदालत के स्टे के बाद भी जमींदोज कर दिया गया..अनुपम के साथ उनको दो भाइयों अभिषेक दुबे और अनुराग दुबे को जेल में डाल दिया गया..उन पर भी अनगिनत मुकदमे लग गए..पत्नी सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दी गईं..एक भाई अनुराग दुबे पर इतने मुकदमे लादे गए कि एक में जमानत मिलती दूसरा लग जाता... इन मुकदमों की लिस्ट देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे पुलिसिया अत्याचार करार दिया था.. लेकिन अत्याचार रुका नहीं. दुबे परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया गया...
इसे क्या कहेंगे, ब्राह्मण उन्मूलन अभियान???