हिंदू समाज के महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व "धनतेरस" पर छात्र एवं शिक्षक हित में पूर्व की भांति दिनांक 18.10.2025 को अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।
@UPGovt@myogiadityanath@basicshiksha_up
@upbasic_shiksha BSA को निलंबित कर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए थी।एक शिक्षक को परेशान कर दिया लड़की के लिए...ऐसे अधिकारियों ने हमेशा सेवा को कलंकित किया है...
#Istandwithbrijendraverma
शिक्षक बृजेन्द्र वर्मा पर दर्ज मुकदमा को वापस ले, शिक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले कार्यालय के बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हो, निष्पक्ष जांच हो दोषियों को निलंबित किया जाए बीएसए ऑफिस का पूर्ण सीसीटीवी फुटेज जारी किया जाए।
#सीतापुर से बड़ी खबर…
सीतापुर में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा मामला अब नया मोड़ ले चुका है।
23 सितंबर को बीएसए दफ़्तर में हुए हंगामे में जहाँ हेडमास्टर बृजेंद्र कुमार वर्मा पर बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बेल्ट से पिटाई करने और दस्तावेज़ फाड़ने का आरोप लगाया, वहीं अब ग्रामीणों और बच्चों का पक्ष सामने आ रहा है।
🔎 असली विवाद क्या है?
सूत्रों के मुताबिक़, यह विवाद नदवा प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका अवंतिका से जुड़ा है, जो बीएसए की करीबी बताई जा रही हैं।
आरोप है कि शिक्षिका महीनों से स्कूल नहीं आतीं, लेकिन उनकी फर्जी उपस्थिति भरकर वेतन निकाला जा रहा था।
23 तारीख़ को, जब शिक्षकों की उपस्थिति लॉक होती है, उस समय बीएसए द्वारा हेडमास्टर बृजेंद्र वर्मा पर दबाव डाला गया कि अवंतिका की हाजिरी दर्ज करें।
हेडमास्टर ने विरोध किया और विवाद इतना बढ़ा कि मामला हाथापाई और बेल्ट से पिटाई तक पहुँच गया।
🚨 प्रशासनिक कार्रवाई
पुलिस ने हेडमास्टर बृजेंद्र वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
बीएसए अखिलेश सिंह ने तहरीर देकर मारपीट और दस्तावेज़ फाड़ने का आरोप लगाया है।
विभाग ने हेडमास्टर का निलंबन कर दिया है और सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
✊ गाँव और बच्चों का विरोध
गाँव में यह कार्रवाई भारी विरोध का कारण बन गई है।
विद्यालय के बच्चों ने स्कूल गेट पर ताला डालकर ऐलान किया है कि “जब तक हमारे सर नहीं लौटते, तब तक स्कूल बंद रहेगा। हम किसी और से नहीं पढ़ेंगे।”
गाँव वालों का कहना है कि बृजेंद्र वर्मा समय से स्कूल आते थे, बच्चों में बेहद लोकप्रिय हैं और ईमानदार शिक्षक हैं।
❓ अनुत्तरित सवाल
क्या वाकई गायब चल रही शिक्षिका की फर्जी उपस्थिति दर्ज करने का दबाव बनाया गया था?
मीडिया और प्रशासन ने अब तक हेडमास्टर की बाइट या बयान क्यों नहीं लिया?
@dm_sitapur
#Sitapur #school
@basicshiksha_up@CMOfficeUP@DrDCSHARMAUPPSS@UPPSS1921
किसी भर्ती के पूर्व सरकार द्वारा संबंधित पद हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की जाती है उसको पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही भर्ती किये जाते हैं ।प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर शिक्षकों की भर्ती हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की गई उसको पूरा करने पर ही शिक्षक भर्ती हुए हैं
जैसे हाईस्कूल बीटीसी,इण्टर बीटीसी,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी ,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी /बी एड इत्यादि
25- 30 वर्ष पूर्व निर्धारित योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर वर्तमान भर्ती हेतु निर्धारित योग्यता थोपने हेतु बनाया गया कोई भी कानून केवल काला कानून ही कहा जायेगा ।
23 अगस्त 2010 की एनसीटीई की गाइड लाइन में संशोधन देश भर के शिक्षकों के साथ छल कपट व धोखा है जिसे देश का शिक्षक सहन नहीं करेगा ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस अन्याय के विरुद्ध देश के शिक्षकों को सड़क पर उतरने हेतु मजबूर न किया जाये ।भारत सरकार इस काले कानून को वापस लेकर शिक्षकों के साथ न्याय करे ।
#काला_कानून_वापस_लो
स्कूल मर्ज होने का प्रमुख कारण यह भी है कि शिक्षक शैक्षिक कार्यो के अलावा blo के कार्य मे हमेशा बिजी रहता है ...
उसकी मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित रहता है , हमेशा उसे blo के कार्य के लिए धमकाया जाता है ।
हमारी मांग
#FreeTeachersFromBLO#FreeTeachersFromBLO
एक दौर में प्राइमरी टीचर के लिए न्यूनतम अर्हता १२वीं थी ,फिर स्नातक हुई ,इसके बाद विशिष्ट BTC आई , 2011 में TET अनिवार्य हुआ ---- अब SC का फैसला है कि हर पुराने टीचर को जो NON TET है , 2 साल के भीतर TET पास करना होगा --- मेरी दृष्टि में 2011 से पहले की भर्तियों पर यह व्यवस्था लागू करना उचित नहीं होगा --- भर्ती के समय की न्यूनतम अर्हता सेवाकाल में नहीं बदली जानी चाहिए -----