मा.मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी,ऊर्जा क्षेत्र @UPPCLLKO के निजीकरण के विरुद्ध किसान,उपभोक्ता और कर्मचारियों की महापंचायत में निर्णय लिया गया कि निजीकरण का टेंडर होते ही कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार ,जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे @aksharmaBharat@ChairmanUppcl@mduppcl
बिजली बंद होने पर धैर्य रखें एवं गुस्सा मत करे समस्त बिजली कर्मी आपकी सेवा में 24*7 लगे हुए हैं एवं बिजली आपूर्ति बंद होने पर ही हो जाते है एक्टिव जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने का करते हैं प्रयास ।
@aksharmaBharat@UPPCLLKO@mduppcl@PuVVNLHQ
पॉवर कारपोरेशन में स्थानांतरण में बड़े पैमाने पर लेन देन के आरोप के बीच संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच कराने की मांग की: स्थानांतरण के विरोध में पूर्वांचल डिस्काम पर 19 जून से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह: प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन जारी:
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि पावर कारपोरेशन में बड़े पैमाने पर किए गए स्थानांतरण में पैसे के लेनदेन के आरोप की सीबीआई से उच्च स्तरीय जांच कराएं। स्थानांतरण में लेनदेन और स्थानांतरण के नाम पर उत्पीड़न के विरोध में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर 19 जून से बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करेंगे। संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 203 वें दिन प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री ��ोगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि पावर कारपोरेशन में हजारों की तादाद में किए गए नीति विरुद्ध स्थानांतरण आदेशों की उच्च स्तरीय सीबीआई जांच कराएं। संघर्ष समिति ने बताया कि पॉवर कारपोरेशन में लगभग 1500 अभियंताओं को स्थानांतरित किया गया है, इतने ही जूनियर इंजीनियरों को स्थानांतरित किया गया है और कई हजार छोटे कर्मचारियों को स्थानांतरित किया गया है। इनमें से अधिकांश स्थानांतरण बिना किसी नीति क��� किए गए हैं।
स्थानांतरण में बड़े पैमाने पर लेनदेन की बात भी सामने आ रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि लेनदेन को लेकर माननीय ऊर्जा मंत्री और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक का एक ऑडियो वायरल होने के बाद बिजली कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ गया है। संघर्ष समिति ने कहा कि इस ऑडियो के वायरल होने के बाद स्थानांतरण के मामले में उच्च स्तरीय सीबीआई जांच बहुत जरूरी हो गई है।
संघर्ष स���िति ने कहा कि पूर्व में भी पावर कारपोरेशन में स्थानांतरण को लेकर लगे आरोपों के चलते माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद से जो भी स्थानांतरण होते हैं वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय की हाई पावर कमेटी के सामने रखे जाते हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कारपोरेशन के मौजूदा प्रबंधन द्वारा और खासकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा किए गए स्थानांतरण आदेशो��� में लेनदेन की बात सामने आने के बाद संघर्ष समिति ��ाननीय सर्वोच्च न्यायालय को भी सारे घटनाक्रम से संज्ञानित कराएगी।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा निजीकरण हेतु उत्पीड़न की दृष्टि से किए गए स्थानांतरण आदेशों के विरोध में 19 जून से वाराणसी के बिजली कर्मी प्रबंध निदेशक के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करेंगे। पूर्वांचल की संघर्ष समिति ने प्रबंध निदेशक को कल नोटिस दे दिया था जिसमें लिखा गया है कि यदि उत्पी���़न की दृष्टि से किए गए तमाम स्थानांतरण आदेश निरस्त न किए गए तो 19 जून से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह किया जाएगा। इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की सारी जिम्मेदारी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक की होगी।
संघर्ष समिति ने बताया कि स्थानांतरण के खेल में लेनदेन के आरोप तो लग ही रहे हैं । साथ ही उत्पीड़न की दृष्टि से भी बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किए गए हैं। यहां तक कि छोटे प��ों पर कार्य करने वाली महिला कर्मियों को भी बड़ी संख्या में सुदूर स्थानांतरित किया गया है।
संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कारपोरेशन में स्थानांतरण एक उद्योग बन गया है जिससे मुख्यमंत्री जी की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं।
@narendramodi
@myogiadityanath
@myogioffice
@aksharmaBharat
@ChiefSecyUP
@UPGovt
@UPPCLLKO
@yadavakhilesh
@RahulGandhi
@Mayawati
@aajtak
@ABPNews
@ZeeNews
@News18India
@ndtv
@timesofindia
@IndianExpress
@TheEconomist
@EconomicTimes
Keयहां पकड़ी गई जो मीटर बायपास कर चोरी कर रहे थे कुल लोड 16 किलोवाट पकड़ा गय��� l अन्य उपभोक्ताओं का लोड चेक करने पर 17 नग उपभोक्ताओं का कुल 32 किलोवाट लोड बढ़ाया गया l
क्षेत्र में अपील भी की गई है कृपया बिजली चोरी ना करें अ��्यथा भारी जुर्माना लगाया जाएगा l
@pvvnlmeerut
आज दिनांक 05/06/2025
25 को सुजड़ू क्षेत्र के जहांगीर पट्टी में
सुबह 9:00 बजे विद्युत विजिलेंस टीम के साथ अवर अभियंता गौरव कुमार अवर अभियंता ज्ञानी प्रसाद और अवर अभियंता पवन कुमार विश्वकर्मा ने बिजली चोरी रोकने हेतु एक संयुक्त अभियान चलाया जिसमें सात नग बिजली चोरी उपभोक्ताओं
यह सिर्फ बिजली कर्मियों का अर्ध कुंभ है ।यदि निजीकरण को नहीं रोका गया तो लखनऊ में बिजली कर्मियों का महाकुंभ भी होगा ।
बिजलीकर्मियों ने संकल्प ले लिए है कि वह अपने जीवन की आहुति दे देंगे लेकिन निजीकरण होने नहीं देंगे ।
@CMOfficeUP@aajtak@ABPNews@bstvlive@RVPPKSUP
विगत 29 मार्च को माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकसभा क्षेत्र बनारस में उत्तर प्रदेश मे पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत निगम के 42 जनपदों में किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में कई हजारों की संख्या में बिजली कर्मियों की व���शाल बिजली महापंचायत हुई , जिसकी चर्चा ना सिर्फ उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे देश में सुर्खियों में बनी हुई है। लेकिन दुर्भाग्य है देश की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा जनता से जुड़े हुए बिजली के मुद्दे पर पिछले 120 दिन से एक भी डिबेट नहीं किया है कोई कवरेज नहीं दिया है यह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए शर्मनाक स्थिति है जिससे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कमजोर हो रहा है, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को जनता ���ो बताना चाहिए कि बिजली के निजीकरण से उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ने जा रही है ? 1 अप्रैल 2023 से सिंचाई के लिए किसानों को मिल रही मुफ्त बिजली समाप्त होने जा रही है ? 26000 से अधिक रेगुलर कर्मचारियों के व 50000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी जाने वाली है ?, बिजली में आरक्षण की व्यवस्था समाप्त होने जा रही है ? जो युवा बिजली विभाग में सरकारी नौकरी के सपने देख रहे हैं उनके सपने समाप्त हो जाएंगे ? गर���ब परिवारों को सब्सिडाइज बिजली मिल रही है उनकी सब्सिडी समाप्त हो जाएगी ? अरबो, खरबो की जनता की संपत्तियों को कौड़ियों के भाव अपने चुनिंदा पूंजीपति मित्रों को बेचा जा रहा है, पूरे 42 जनपदों की जमीन मात्र ₹1 की लीज पर दी जा रही है यह बिजली का निजीकरण नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा घोटाला होने जा रहा है इसलिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को जन विरोधी, किसान विरोधी, गरीब विरोधी, कर्मचारी विरोधी, आरक्षण विरोधी, युवा व���रोधी और एक बड़े घोटाले की मनसा से किए जा रहे बिजली के निजीकरण के मुद्दे पर खुलकर बहस करनी चाहिए। जिससे जनता को भी पता चले कि बिजली के निजीकरण से उनको कितना बड़ा नुकसान होने जा रहा है। प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से अनुरोध है कृपया नींद से उठे और देखें की हजारों की संख्या में लोग सड़क पर निकलकर बिजली के निजीकरण का खुलकर विरोध कर रहे हैं उनका कवरेज करने कष्ट करें। जिससे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का मान, सम्मान और जनता में मीडिया घराना के प्रति विश्वास बना रहे। सोशल मीडिया के बहादुर क्रांतिकारी साथियों से अनुरोध है कृपया गहरी नींद में सोई नोएडा की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक इसको पहुं��ाएं।
@aajtak
@ABPNews
@ZeeNews
@news24tvchannel
@News18India
@ndtv
@Republic_Bharat
@TV9Bharatvarsh
@bstvlive
@EconomicTimes
@htTwe
@ravishndtv
@ppbajpai
@abhisar_sharma
@dhruv_rathee
मा• ऊर्जा मंत्री जी जब मा• मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बिजली कर्मचारियों के अथक प्रयासों से AT&C हानियां 2017 में 40% से घटकर अब 2025 में मात्र 16•50% रह गई हैं। बिजली के क्षेत्र में पिछले 8 सालों में अभूतपूर्व सुधार हुआ है तो फिर बिजली का निजीकरण क्यों ? और किसके लिए ?
उत्तर ���्रदेश में बिजली के निजीकरण के विरोध में आज हज़ारों हजारों बिजली कर्मियों की उपस्थित में जनपद मेरठ में हुई विशाल बिजली पंचायत। मेरठ की क्रांति की धरा से बिजली कर्मियों ने की निर्णायक संघर्ष की घोषणा।व्यापक जनहित में बिजली के निजीकरण की प्रस्ताव को निरस्त किया जाए।
@UPPCLLKO
बिजली के निजीकरण के विरोध में संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारीयो का आज जनपद बुलंदशहर में दौरा कर विशाल जन जागरण सभाएं की। जन जागरण सभा में विद्युत अभियंताओं, कर्मचारियों व संविदा कर्मचारियों ने बिजली के निजीकरण के विरोध में आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान।
@UPPCLLKO