'कई बार लगता है, इस असार संसार में हमारा जन्म केवल सामान खरीदने के लिये हुआ है।'
व्यवस्था की विसंगतियों पर शब्द रूपी शस्त्र से करारी चोट करने वाले हिंदी साहित्य के व्यंग्यऋषि शरद जोशी जी का आज जन्मदिवस है। हिंदी व्यंग्य साहित्य को नई ऊँचाइयाँ देने वाले विलक्षण साहित्य-मनीषी, संवेदनशील लेखक तथा प्रखर चिंतक को जन्मदिवस पर सादर नमन। 🙏🏻
@ranaashutosh10@AalokTweet मंगल भवन अमंगल हारी। उमा सहित जेहिं जपत पुरारी।।🙏🙏 ये भाव उसी भाव का अनुसरण है, छाया है, जो सर्वथा उचित है, गरिमानुरूप है। आप @ranaashutosh10और @AalokTweet का स्वाभाविक बड़प्पन है, इसीलिए प्रभु ने आप दोनों को बड़ा बनाया है।