अमेठी लोकसभा से बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रत्याशी रहे नन्हे सिंह चौहान को आज सुल्तानपुर में आयोजित पिछड़ा भाईचारा सम्मेलन से पहले लंभुआ में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। यह सिर्फ एक व्यक्ति को रोकना नहीं है, यह उस आवाज़ को दबाने की कोशिश है जो बहुजन समाज के हक और सम्मान के लिए उठ रही है। यह कदम साफ दिखाता है कि बीएसपी के बढ़ते जनसमर्थन से विपक्षी दल और सत्ता में बैठे लोग कितने भयभीत हैं।
साथियों याद रहे, इतिहास गवाह है जितना दबाने की कोशिश की जाती है, उतनी ही ताकत से आवाज़ उठती है। बीएसपी अब रुकने वाली नहीं है। यह आंदोलन सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई है।
बीएसपी का हर समर्थक अब सिर्फ समर्थक नहीं, बल्कि एक संघर्षशील सिपाही है, जो अपने हक के लिए, अपने समाज के सम्मान के लिए, और एक बेहतर भविष्य के लिए पूरी ताकत झोंक देगा। 2027 सिर्फ एक चुनाव नहीं होगा, यह बदलाव का संकल्प होगा। और बहुजन समाज अपने दम पर सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
भारत देश की मात्र एक आवाज - द आयरन लेडी बहनजी
#BSPMission2027
दीपशिखा इन्द्रा
(लेखिका, एक्टिविस्ट)
@bspindia@AnandAkash_BSP@MP_SiddharthBSP@VivekkumarProf@satishmisrabsp@samyak_samaj@SovinKumar2@AdvArjunSingh70@SanjayBoddh@BahujanCarawan
लोगों में जुनून और जोश देखिए भीषण बारिश में भी जय भीम के नारों के साथ दौड़ते हुए आंदोलन का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी/युवाओं ने कह कर नहीं बल्कि करके देखा दिया कि हम अपने हक के लिए दिल्ली में पैर रखने के लिए जगह नहीं बचने देंगे।
आज दिल्ली में देशभर से आए लोग दिल्ली सड़कों पर उतर आए हैं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के ख़िलाफ़ बिगुल बजा दिया हैं।
राज पाठ छोड़ कर राम के साथ वन जाने वाली सीता।
राम का लंका में इंतजार करने वाली सीता।
अग्नि परीक्षा देने वाली सीता।
दूसरों के आरोपों से निकले जाने वाली सीता।
राम को मर्यादा पुरुषोत्तम मानने वाली सीता
और यह जाहिल कहते हैं राम सीता का पति नहीं था।
सोचिए समझिए और इस पोस्ट को पढ़िए 👇
जो सरकार किसानों को दिल्ली में घुसने नहीं देती वह सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके को करीब 20 दिन तक जंतर मंतर पर दर्शन करने देती है,
कि एथेनॉल वाला मुद्दा शांत हो जाए और जैसे ही प्रदर्शन बड़ा होने वाला था वैसे ही धरना प्रदर्शन बंद हो गया सोनम आज पलटी मार लिए।
और आज पटेल चौक मेट्रो बंद है राजीव चौक के दो-तीन गेट बंद है, आज क्यों नहीं प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पुलिस जाने दे रही है?
यह भाजपा सरकार है इसको बदलना ही अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।।
हाँ मैं ब्राह्मण हूँ लेकिन अंबेडकरवादी हूँ।
ये बात सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर आयुषी पंडित ने कहा है जिसके इंस्टाग्राम पर नौ लाख से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स हैं।
बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर आयुषी पंडित के विचारों को लेकर ट्रोलर्स तरह तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे जिसके जबाव में आयुषी पंडित ने उन लोगों को खुलकर कहा कि मैं ब्राह्मण हूँ लेकिन अंबेडकरवादी हूँ क्योंकि शिक्षा, स्वतंत्र आवाज़ बुलंद करने और खुलकर जीने का अधिकार मुझे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी ने दिया है।
कुछ लोग तो इनको इनके विचारों को लेकर अनुसूचित जाति से जोड़कर ट्रोल करते हैं जिस पर भी इन्होंने बुरी तरह उन जातिवादी मानसिकता के लोगों को फटकार लगाई है।
जंतर मंतर के पास के मेट्रो स्टेशन बंद।
जंतर मंतर का इंटरनेट बंद।
जंतर मंतर की सड़क बंद।
जंतर मंतर के कैमरे बंद।
56 इंच वाला तो डरपोक निकला सब कुछ बंद कर रहा है।
यह धर्मेंद्र प्रधान का आज का वीडियो हैं। देखिए कितना मुस्कुरा रहे हैं संसद के बाहर छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लाठी खा रहे है।
हजूर संसद की कैंटीन में भुना काजू पेल कर जीब से दांत खुजा रहे हैं।
देखो प्रदर्शन इसे कहते हैं बस झंडा के नीचे हजारों की संख्या में लोग आ जाते हैं उस झंडे का नाम है 👉 हांथी छाप
बहुजन समाज पार्टी का नीला सैलाब देख लो पंजाब की सरकार के खिलाफ
गृहमंत्री अमित शाह ने भरी संसद में "आम्बेडकर, आम्बेडकर" कहकर बाबासाहेब आम्बेडकर का मजाक उड़ाया था।
आज बाबासाहेब के दीवाने "जय भीम" का नारा लगाते हुए उसी संसद भवन को घेरने निकल पड़े हैं। पूरी दिल्ली बंद है।
सुनो सरकार, देश बाबासाहेब के नाम से ही चलेगा। समझे?
गाजियाबाद में बसपा को मिली नई मजबूती 💙
बहुजन समाज पार्टी के गाजियाबाद मुख्य कार्यालय पर आयोजित सदस्यता एवं सम्मान समारोह में प्रमुख सामाजिक नेता श्री अज़ीम पठान जी ने अपने साथियों के साथ बसपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष श्री मनोज जाटव जी, विधानसभा प्रभारी श्री पंकज शर्मा जी सहित वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया।
समारोह में श्री मुनव्वर चौधरी जी, श्री मोहम्मद असलम जी एवं श्री सलीम अल्वी जी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि बसपा के सुशासन, कानून व्यवस्था और सर्वजन हिताय की नीतियों पर समाज का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। सभी ने मिशन 2027 को सफल बनाने का संकल्प लिया।
जय भीम! जय भारत! जय बसपा! 💙🐘
#BSP #BahujanSamajParty #Mayawati #Mission2027 #Ghaziabad #AzimPathan #JaiBhim #SantoshKoficial
Meet activist Mr. Gulshan Pahuja
He has been sent to 6 months in Jail by the Delhi HC holding him guilty of contempt of court for saying "Judiciary ki manmarzi badhti jaa rahi hai" jiska doosra arth hai " tanaashahi" I do not think I will get Justice"
बसपा (BSP) के खिलाफ जहर उगलते हैं, उन्हें ज़रा इतिहास के पन्ने पलट लेने चाहिए। आज उत्तर प्रदेश में अगर पासी समाज सत्ता और संगठन के शीर्ष पदों पर बैठकर गर्व से बात करता है, तो इसका सीधा श्रेय मान्यवर कांशीराम साहब और आदरणीय बहनजी के सामाजिक न्याय आंदोलन को जाता है।
आज़ादी के बाद से लेकर 1984 तक कांग्रेस और अन्य पारंपरिक दलों ने पासी समाज को सिर्फ एक 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल किया। गिने-चुने चेहरों को छोड़कर, समाज के पास कोई बड़ा राजनीतिक नेतृत्व या नीति-निर्धारण में हिस्सेदारी नहीं थी।
1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना के बाद, मान्यवर कांशीराम जी ने 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' का नारा बुलंद किया।
उन्होंने पासी समाज के भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता को पहचाना और आर.के. चौधरी जैसे बड़े नेताओं को खड़ा करके समाज को एक मजबूत राजनीतिक पहचान दी।
सिर्फ राजनीति ही नहीं, इतिहास में दबा दिए गए पासी समाज के गौरवशाली प्रतीकों और महापुरुषों— जैसे महाराजा बिजली पासी — के इतिहास को सामने लाने, उनके किलों का जीर्णोद्धार कराने और उन्हें सम्मान देने का काम बसपा के शासनकाल में ही मुमकिन हो पाया।
अगर मान्यवर साहब और आदरणीय बहनजी ने पासी समाज को आगे बढ़ाकर सत्ता में मुख्य भागीदारी न दी होती, तो उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समाज के वजूद और ताकत को अन्य दल कभी स्वीकार ही नहीं करते। आज जो सम्मान मिला है, वह पुरखों के संघर्ष और बसपा के आंदोलन की देन है।
सब कुछ थाली में परोसा हुआ मिल जाने पर अक्सर लोग संघर्ष की कीमत भूल जाते हैं।
विरोधियों के बहकावे में आकर अपनी जड़ों को मत काटिए।
सोचिए, समझिए और अपने पुरखों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए एकजुट रहिए।
#cjp#cockroach#opposition
अल्लाह का शुक्र है, सभी विपक्षी पार्टी के सांसद और सेलिब्रिटी एवम् इन्फ्यूलेंसर जंतर मंतर पर सुरक्षित सबसे पीछे खड़े रहे किसी को खरोच तक नहीं आई !
छात्रों के जज्बो को सलाम सभी विपक्षी नेताओं सुरक्षित रखने में पुलिस की लाठी के आगे खड़े हो गए !
हफ्ते भर से मंचो पर चढ़ लंबे लम्बे डायलॉग छोड़ अब फुर्सत से विपक्षी सांसद और विधायक नेता घायल छात्रों के साथ मार्मिक फोटोशूट करवा रहे है,
एक बहुजन विचारधारा व बसपा संस्थापक की वीडियो देखी प्रदर्शन की प्रथम पंक्ति में खड़े हो लाठी खा अपने लहू बहा सभी को सुरक्षित किए थे !
शायद इसे ही विपक्ष की मुख्य भूमिका कहते है !
#Baba_Manish