जब भी बड़े भाई @AnandAkash_BSP जी सड़कों पर उतरते है तब युवाओं में एक निराला जोश देखने को मिलता है
कौन कौन मेरी आकाश आनंद भाई जी को युवाओ के साथ मैदान जोश के साथ देखना चाहता है
बसपा का बढ़ता जनाधार #श्री_प्रीतम_पाल_जी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बसपा में शामिल हुए, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बसपा प्रदेश अध्यक्ष @PalVishwnathbsp और मुख्य अतिथि पूर्व सांसद लोकसभा राज्यसभा घनश्याम चंद्र खरवार जी ने दिलाई
#श्री_प्रीतम_पाल_जी को बसपा का झंडा थमाकर कराया बसपा में शामिल उनके आने से बसपा को और मजबूती मिलेगी बसपा परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है.
आज दिनांक 31-05-2025 को जनपद अयोध्या में पाल समाज द्वारा राजमात अहिल्याबाई होलकर जी के 300वें जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित विचार संगोष्ठ में शामिल हुआ।
#ahilyabaiholkar300#AhilyabaiHolkar
'' बीएसपी और उसकी अम्बेडकरवादी विचारधारा ''
पत्रकार - आकाश आनन्द,क्या राममन्दिर जाएंगे? रामलला के दर्शन करने जाएंगे?
आकाश आनन्द - नहीं,बिल्कुल नहीं! क्या जरूरत है?
हम संसद भवन जरूर जाएंगे,जहाँ बाबा साहेब ने संविधान बनाया था,तो हम वहाँ जायेंगे।
आदरणीया बहन जी ने इतने सारे पार्क्स बनाए,वो हमारे मन्दिर हैं। हम अपने सन्तों,गुरुओं और महापुरुषों की मूर्तियों को देखते हैं। उनके आसपास घूमते हैं,तो यह हमारे मन्दिर हैं। हमें यहाँ से प्रेरणा मिलती है।
आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के आदेशानुसार बीएसपी के वरिष्ठ नेता श्री सी. पी. सिंह जी को मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बनाएं जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।
आज दिनांक 25-05-2025 को जनपद अयोध्या में महत्वपूर्ण जिलास्तरीय कार्यकर्ता बैठक संपन्न हुई जिसमें बूथ सेक्टर कमेटी के बेहतर गठन को लेकर विस्तृत चर्चा किया गया जिसमें शामिल हुआ।
#जयभीम
बहन जी मात्र देश की सबसे ताकतवर नेता ही नही बल्कि विदेशी मीडिया ने भी उन्हें अलग अलग नामों से नवाजा था, उसके बाद जैकी यादव जैसे जातिवादी लोग उन्हें देश के 10 ताकतवर नेताओं में शामिल नहीं करते है, क्योंकि ये जातिवादी डरते हैं, कि फिर से बहन जी सत्ता में आ गई तों गुंडों की सामत आ जाएगी, इस बार बहन जी ताबूत में आखिरी कील ठोकेंगी और पूर्णबहुमत की सरकार बनेगी, @AnandAkash_BSP@bspindia@AllIndiaBSP #गुंडों_पर_हो_प्रहार
#फिर_एक_बार_बसपा
3. मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल, माननीय उच्च न्यायालय तथा मा. मुख्यमंत्री जी भी मूर्ति लगाने में आ रही बाधाओं को दूर करके, तत्काल उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में संविधान निर्माता, भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति को सम्मानपूर्वक स्थापित कराएं, यह अनुरोध।
2. किन्तु कुछ जातिवादी सोच से ग्रसित अधिवक्ताओं द्वारा मूर्ति स्थापना का विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ वक्तव्यों के बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की गई। बाबा साहेब के विरोधियों को यह समझना होगा कि सदियों से उपेक्षित बहुजन समाज अब अपना सम्मान पाना चाहता है।
1. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट खण्डपीठ ग्वालियर में अधिवक्ताओं की माँग व उन्हीं के आर्थिक सहयोग से परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति लगाने की अनुमति माननीय कोर्ट द्वारा दी गई तथा कोर्ट के निर्देशन में ही स्थान का चयन एवं चबूतरा बनाया गया व मूर्ति भी बनकर तैयार हुई।
आ. बहन @mayawati जी आगे बढ़े,
ब्राह्मण आपके साथ है।
2007 जिन ब्राह्मणों ने देखा है, उन्हें 2027 युवां पीढ़ी को भी दिखाना चाहिये, नैतिक दायित्व है।
"ब्राह्मण फिर शंख बजायेगा"
बहन जी से अच्छा कोई नही कर सकता,
"सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय"
@bspindia@AnandAkash_BSP@satishmisrabsp
दलित - पिछड़ों व मुस्लिम का सच्चा हितैषी सिर्फ़ बहुजन समाज पार्टी।
माननीय बहन कुमारी @Mayawati
जी।
आज हर मंच पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें proudly लहराई जा रही हैं। भाषणों में उनके नाम का बार-बार उल्लेख किया जाता है, लेकिन एक सवाल हर जागरूक नागरिक के मन में उठता है — जब कांग्रेस और बीजेपी की सरकारें सत्ता में थीं, तब बाबा साहब के संविधान को ज़मीन पर क्यों नहीं उतारा गया? सिर्फ़ फोटो दिखाना, उनके नाम पर वोट लेना और फिर पांच सालों तक उनकी शिक्षाओं को नजरअंदाज़ कर देना — यही इन दलों का इतिहास रहा है।
इन सरकारों ने ना तो गरीबों, पिछड़ों और मुस्लिम समाज को उनका संवैधानिक सम्मान और अधिकार दिलाया, ना ही रोज़गार के अवसर बढ़ाए। शिक्षा आज भी करोड़ों गरीब बच्चों से दूर है। सरकारी अस्पतालों की हालत बदहाल रही, प्राथमिक सुविधाएं भी गरीबों तक नहीं पहुँचीं। यानी ना रोज़गार, ना चिकित्सा, ना शिक्षा — सिर्फ़ वादों और जुमलों की राजनीति हुई।
कांग्रेस और बीजेपी ने हमेशा ही भावनात्मक राजनीति की है। उन्होंने बहुजन समाज के लोगों के दर्द को मुद्दा नहीं, अवसर समझा। चुनावों के समय इन दलों को बाबा साहब की याद आती है, लेकिन सत्ता में आते ही वह यादें भी सत्ता की सुविधाओं में खो जाती हैं।
लेकिन जब बात वास्तविक बदलाव की आती है, तो सिर्फ़ एक नाम सामने आता है — बहुजन समाज पार्टी। यह पार्टी बाबा साहब के विचारों को नारे नहीं, बल्कि राजनीतिक मार्गदर्शक मानती है। बसपा ने सत्ता में आते ही गरीबों, दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों को उनकी असली ताक़त और सम्मान दिया।
मायावती जी के नेतृत्व में बसपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में जो कार्य किए, वह आज भी मील का पत्थर हैं। बाबा साहब, कांशीराम, संत रविदास और अन्य महापुरुषों के स्मारक सिर्फ़ पत्थर की इमारतें नहीं, सम्मान और आत्मगौरव के प्रतीक बने। बसपा ने वो काम किए जो दशकों तक कोई सरकार नहीं कर सकी।
शिक्षा के क्षेत्र में, छात्रवृत्ति, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, बालिका विद्यालय, विश्वविद्यालय जैसे गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी का निर्माण — यह सब दिखाते हैं कि बसपा ने ज्ञान को केवल चुनिंदा वर्गों की संपत्ति नहीं रहने दिया।
चिकित्सा के क्षेत्र में, बसपा ने ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाई, सरकारी अस्पतालों को मज़बूत किया, 108 एंबुलेंस सेवा शुरू की — ताकि हर जीवन की कीमत समझी जाए।
रोज़गार के लिए, बसपा ने स्वरोज़गार योजनाएं, उद्योगिक विकास क्षेत्र और आरक्षण नीति को सख्ती से लागू कर लाखों युवाओं को रोज़गार दिया। मायावती सरकार में नौकरियों में आरक्षण सिर्फ़ कागज़ों तक नहीं रहा, बल्कि वास्तविक रूप से लागू हुआ।
बहुजन समाज पार्टी वास्तव में उन लोगों की पार्टी है, जिनकी आवाज़ कभी संसदों तक नहीं पहुँची थी। वह पार्टी है जिसने सत्ता में रहकर सत्ता का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जिन्हें सदियों से हाशिए पर रखा गया।
आज जब हर दल बाबा साहब की तस्वीर के सहारे वोट मांग रहा है, तब हमें यह पहचानना होगा कि कौन बाबा साहब के विचारों पर चलता है, और कौन केवल उनके नाम पर सत्ता चाहता है। बहुजन समाज पार्टी का इतिहास और कार्य यह सिद्ध करते हैं कि यह पार्टी संविधान की असली रक्षक और बहुजनों की सच्ची प्रतिनिधि है।
__ @AnandAkash_BSP@bspindia@satishmisrabsp@PalVishwnathbsp@VivekkumarProf@ramjigautambsp@journalist_syed