आज देव शयन एकादशी व्रत है।
इस व्रत का पालन करने पर 12 एकादशी व्रत का पुण्य प्राप्त होता है। इसे तीन तरह से रखा जा सकता है
1- उपवास - आज सूर्य दर्शन के उपरांत कल सूर्य दर्शन तक भोजन न करन���
2- एकभुक्त - 24 घंटे में सिर्फ एक बार भोजन करना
3- नक्तव्रत - सायंकाल तारा दर्शन कर भोजन ग्रहण करना।
पारण उपरांत अन्न दान करना चाहिए।
जय हरिहर जय सनातन जय भारत
एस के मानव
वैश्विक धर्मप्रचारक - सनातन धर्म
इंटरनेशनल हिंदू पर्सनल ला बोर्ड
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'काम 4 घंटे का है तो आधी सैलरी दीजिए...' UP के IAS रिंकू सिंह राही का सरकार को पत्र, बोले- जहां नियम से काम हो, वहां भेज दीजिए
उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही का एक लेटर चर्चा में है. पांच पन्नों के इस लेटर में उन्होंने लिखा है कि मौज��दा तैनाती पर उन्हें दिन में सिर्फ चार घंटे काम मिलता है, इसलिए चाहें तो सरकार उनकी आधी सैलरी कर दे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऐसी जगह पोस्टिंग दी जाए, जहां वे नियमों के मुताबिक काम कर सकें.
पूरी ख़बर: https://t.co/wWo9zNpu9g
#RinkuSinghRahi #UttarPradesh #IASOfficer #Jalaun | @aap_ka_santosh
#IAS की चिट्ठी से मचा हड़कंप !!
UP की #ब्यूरोक्रेसी में सुर्खियां बटोरने वाले #IAS रिंकू सिंह���ाही एक बार फिर चर्चा में हैं IAS रिंकू का कहना है - काम कम है पैसा ज़्यादा मिल रहा है...इत्यादि 🥁 देखना दिलचस्प होगा कि अब प्र��ुख सचिव नियुक्ति #IAS एम देवराज साहब क्या करते हैं...इसे किस जिले में भेजे गये !! स्वेच्छा से प्रदेश का कोई भी कलेक्टर इन्हें नही सभाल एकता है...क्यों कि शाहजहांपुर और जालौन जैसा इन्हें अच्छा DM मिलना मुश्किल है 🧐
आज जिन सवर्णों के दिल में सोनम वांगचुक, नीले जिहादी सनातन द्रोही नवबौद्धों के लिए अपनापन हिलोरें मार रहा है तो उनसे एक सवाल👉 जब इसी जंतर मंतर पर आदरणीय जठेड़ी जी आमरण अनशन कर रहे थे तब कितनों ने साथ दिया था ??
"मेरा घर बनवा ���ीजिए साब मेरे साथ मेरे भी भगवान भीगते हैं"
जौनपुर के मडियाहू के रहने वाली श्रद्धा तिवारी किस हाल में जीवन व्यतीत कर रही है हमने अपनी आंखों से देखा।
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"आईएएस रिंकू सिंह की इस चिट्ठी ने ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मचा रखा है.. 6 पन्नों में सरकारी सिस्टम कि बखिया उधेड़ दी है उन्होंने.. ये चिट्ठी सबको जरूर पढ़नी चाहिए.."
आईएएस रिंकू सिंह राही जालौन में एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनात हैं.. कुछ दिन पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.. किसी तरह वो बवाल शांत हुआ तो अब उन्होंने चिट्ठी लिखकर एक दूसरा बवाल खड़ा कर दिया है..
आईएएस रिंकू सिंह की इस चिट्ठी से साफ है कि सरकारी सिस्टम में ईमानदारी से काम करना कितना मुश्किल है..
वो लिखते हैं, आम जनता के हित और सरकारी कामों की निरंतरता के लिए मैंने कई मौकों पर व्यक्तिगत मान्यताओं और अंतरात्मा के प्रतिकूल व्यावहारिक संतुलन अपनाने का प्रयास किया.. विधायक गौरी शंकर वर्मा के सामने डीएम ने आदेश दिया की तहसील क्षेत्र में अवैध कब्जों ���र अतिक्रमण के मामले में कोई कार्रवाई न की जाए..
इस आदेश की उपेक्षा की जग�� मैंने बीच का रास्ता निकालते हुए सिर्फ प्राप्त शिकायतों पर ही नियमानुसार कार्रवाई शुरू की.. नतीजा ये हुआ कि शिकायतें बढ़ने लगीं.. और शिकायतों का फर्जी निस्तारण होने लगा..
रिंकू सिंह लिख रहे हैं कि जनपद की रैंक ऊपर रखने के लिए आईजीआरएस और एंटी भू माफिया के मामलों का फर्जी निस्तारण स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया.. इसका भी रास्ता मैंने निकाला, लेकिन मना कर दिया गया..
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र द���व सिंह के नाम से अवैध कब्जे की जांच को लेकर ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने साजिश करके विवाद किया जिसके चलते मेरा तबादला कर दिया गया..
उन्होंने लिखा, ईमानदार पृष्ठभूमि वाले अधिकारी को जब ऐसे परिणाम का सामना करना पड़ सकता है तो अन्य अधिकारी और कर्मचारियों की स्थिति तो और भी चुनौती पूर्ण हो सकती है.
रिंकू सिंह ने पहले भी कहा था, काम नहीं तो वेत��� नहीं.. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, एसडीएम न्यायिक के तौर पर कोर्ट में उन्हें 2 घंटे काम करना होता है.. कोर्ट के बाहर फाइल्स को समझने और कानूनी कार्य करने के लिए चार घंटे और लग जाते हैं.. अगर रोज काम के 8 घंटे माने जाए तो भी यह 50 फीसदी ही है..
उन्होंने लिखा कि अभी वो आधा ही काम कर रहे हैं इसलिए उन्हें वेतन भी आधा ही दिया जाए..
रिंकू सिंह ने डीएम के जनता दर्शन की भी पोल-पट्टी खोली है..
उन्होंने लिखा कि जनत��� दर्शन में डीएम साहब के साथ बैठना होता है.. हालांकि, डीएम साहब शिकायतों के निस्तारण का दिखावा ही करते हैं जिससे अंतर्मन को ठेस पहुंचती है.. इसलिए डीएम साहब के साथ जनता दर्शन में समय गुजारना खुद को धोखा देना है..
उन्होंने पत्र में लिखा है कि जब नौकरी के शुरुआती दौर में ही एक तहसील जैसे छोटे से प्रशासनिक क्षेत्र में नियमित एसडीएम के रूप में काम करने का मौका नहीं मिल रहा है तो आगे क्या मौके मिलेंगे!! वर्तमान हालात ऐसे है कि भविष्य में सीडीओ, नगर आयुक्त, डीएम जैसे पदों के लिए मेर�� उपयोगिता के मूल्यांकन को प्रभावित कर सकते हैं.
उन्होंने लिखा कि डीएम साहब ने मुझे एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनात किया है, अगर मुझसे कोई गलती हुई हो.. जिसके लिए मैं जिम्मेदार हूं तो मुझे नियमानुसार दंडित किया जाए.. और दंड की कार्रवाई पूरी होने के बाद अगर संभव हो तो उन्हें सीखने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग के समान और पर्याप्त मौके उपलब्ध कराने के लिए जालौन की किसी तहसील में नियमानुसार एसडीएम के पद पर तैनाती के निर्देश दें..
अगर कोई तैनाती संभव न हो तो मेरा कैडर बदलने के लिए अनुमति और संस्तुति प्रदान करें..
उन्होंने चिट्ठी में लिखा कि जब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक 22 जुलाई 2026 से उन्हें आधा वेतन ही दिया जाए..
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लक्ष्यहीन महिला सशक्तिकरण पुरुषों के लिए ही नहीं बल्कि बुद्धिजीवी महिलाओं के लिए भी चिंताजनक है
लेकिन रंडुए नेताओं को कौन समझाये
खुद का परिवार बनाया नहीं
और दूसरों के परिवार हमेशा के लिए खत्म करने पर ���तारू हैं 😀
@RajuSharmajour1 जनपद मुरादाबाद में अरबपति भू-माफिया मौ शमीम अरविन्द वर्मा गैग ने जिला अधिकारी के सरकारी आवास में भी अवैध मजार बनाकर उगाही जारी है। इस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए
अब तक तो गरीब माता पिता की संतानों को हमलावर होते सुना है
लेकिन अब धनवान माता पिता भी सुरक्षित नहीं रहे।
परिवार में धर्म और संस्कार पर भी चर्चा होते रहनी चाहिए तो हो सकता है कि घटना न हो।
धर्म संस्कार व सामान्य अनुशासन का महत्व समझने के लिए इंटरनेशनल हिंदू पर्सनल ला बोर्ड @IHPLB@IB_IHPLB के सदस्य बन सकते हैं।
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एस के मानव
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@DainikBhaskar सनातन धर्म का मज़ाक बना दिया है ऐसे घटिया लोगों ने
विवाह के बाद कोई भी युवती ' कन्या' नहीं रहती है इसलिए उसका कन्या दान भी नहीं हो सकता है
विधवा स्वयं विवाह कर सकती है
अगर उसके माँ बाप जीवित है तो सास ससुर को पुनः विवाह नहीं करान��� चाहिए। हे हरिहर