"ये सिर्फ एक परीक्षा नहीं है....... मेरी माँ के बुढ़ापे का सहारा है, मेरे पिता के कर्ज का अंतिम उम्मीद है!"
कोचिंग माफिया हाय हाय।।।
@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand
देखिए, JSSC CGL में चयनित हुए छात्रों की मेहनत और सफलता का सम्मान होना चाहिए। लेकिन इसी सफलता के नाम पर अगर कोई कोचिंग संस्थान अपनी दुकान चमकाने लगे या कोई राजनीतिक प्रवक्ता इसे अपनी छवि चमकाने के लिए इस्तेमाल करे, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
भाजपा मीडिया का कितना दोहन करती है, यह बिहार में हुए छात्र आंदोलन को देखकर समझिए।
छात्र सड़क पर उतरे, पेपर लीक और नौकरी के सवाल उठाए, पुलिस से टकराव हुआ, गिरफ्तारियां हुईं और मुकदमे दर्ज हुए - लेकिन सत्ता को सबसे ज्यादा डर किस चीज़ से लगता है?
सवालों से।
आज हालत यह है कि जिस खबर को जनता तक सबसे पहले पहुंचना चाहिए, उसे ही दबाने की कोशिशों की पूरी कोशिश में भाजपा लगी है।
इतने बड़े खबर को बिहार संस्करण के किसी भी हिंदी दैनिक ने अपने प्रथम पृष्ठ पर जगह नहीं दी।
सत्ता को अगर अपने खिलाफ उठती आवाज़ से डर लगने लगे, तो समझिए मामला सिर्फ मीडिया का नहीं, लोकतंत्र का है।
भाजपा को मीडिया चाहिए - लेकिन सवाल पूछने वाला नहीं।
सोशल मीडिया चाहिए - लेकिन आलोचना करने वाला नहीं।
अख़बार चाहिए - लेकिन सत्ता का हिसाब छापने नहीं देंगे।