ट्रम्प के दबाव में मोदी जी ने देश की जनता को मँहगाई में झोंकने का क़दम उठा लिया है।
UPI से होने वाले भुगतान पर मोदी सरकार व्यापारियों से टैक्स लेगी और व्यापारी जनता से टैक्स लेंगे।
ये कैसा डिजिटल इंडिया है?
ये तो “लौटकर बुद्धू घर को आये बिल” हो गया।
बधाई हो, कॉलेजियम हुआ है। 🎉
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के लिए जस्टिस MC Tripathi का सिफारिश किया है।
न्यायिक नियुक्तियों में जब तक SC, ST, OBC की भागीदारी नहीं होती है, तब तक अन्याय जारी रहेगा।
कॉलेजियम देश की न्याय व्यवस्था के लिए एक कलंक है।
मैंने पहली बार देखा है कि सत्ता के सांसद विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं
कम से कम हमने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर तो कर लिया है इसलिए अब अमित शाह सदन में आएं और बयान दें
@priyankagandhi जी
लखनऊ में कुछ रेलवे कर्मचारियों द्वारा एक टैक्सी बुक की गयी। तभी वो आपस में बातचीत के दौरान दलित समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने लगते हैं
जिसे सुनकर टैक्सी ड्राइवर भड़क उठता है और अकेले ही उन सभी लोगों से भिड़ जाता है👇🏻
आखिर लोगों के भीतर से यह जातिवाद कब खत्म होगा..??
पत्रकार — नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी विफलता क्या है?
कन्हैया — मोदी का मतलब ही विफलता है। वे एक बेटे के तौर पर, एक पति के तौर पर, एक प्रधानमंत्री के तौर पर—हर भूमिका में विफल रहे। 🔥
“कौन सा बेटा अपनी 90 साल की माँ को PR के लिए नोटबंदी के दौरान ATM की लाइन में खड़ा करेगा?” 🤣
बिहार के छात्र और युवा प्रधानमंत्री मोदी से पूछते हैं कि 👇
अगर वे अपने मित्र अडानी को हजार एकड़ जमीन 1 रुपए में दे सकते हैं तो हमारी सभी भर्ती परीक्षाओं की फीस 1 रुपए क्यों नहीं करते?
: बिहार कांग्रेस प्रभारी @Allavaru जी
📍 दिल्ली
देश का एक भी चितपावन ब्राह्मण देश की जंगे आजादी में शहीद क्यों नहीं हुआ?
सावित है इनका काम देश के अंदर ही अशन्ति फ़ैलना औऱ हिंसक,क्रूर वरदातो को अंजाम देना भर होता है ताकि देश में भय का वातावरण का निर्माण हो.
आज यहां 3,000 स्टूडेंट्स हैं।
⦿ 3,000 में सिर्फ 1 IAS बनेगा
⦿ 3,000 में सिर्फ 30 IIT में जाएंगे
⦿ 3,000 में सिर्फ 180 डॉक्टर बनेंगे
हिंदुस्तान में 'सलेक्शन सिस्टम' नहीं, 'रिजेक्शन सिस्टम' है।
- सुनिए नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi और स्टूडेंट्स के बीच देश के एजुकेशन सिस्टम पर क्या बात हुई 👇
नागपुर का एक स्टूडेंट जिसका नीट का दुबारा एग्ज़ाम है, उसका सेंटर NTA ने अबुधाबी में दे दिया।
प्रधानमंत्री जी अपने लीक-प्रधान को हटाओ, उसका इस्तीफ़ा लो, NTA को बैन करो, टेलीग्राम बैन करने से कुछ नहीं होगा।
ऐसे ही वह जय श्रीराम का नारा नहीं लगा रहे थे।
यह सब अच्छी तरह जानते थे कि
“राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट।”
उन्होंने राम के नाम पर सबको लूटा है।
ग्राफ़िक: भारत समाचार के सौजन्य से।
बिहार में जहाँ मात्र 2% लोग अंग्रेजी बोलते हैं, वहाँ रैली में जाकर महामानव अंग्रेजी में भाषण देते हैं,
जबकि G7 समिट जहाँ 100% लोग अंग्रेजी बोलते हैं, जिसको पूरी दुनिया देख रही है, वहाँ हमारे युगपुरुष हिंदी में बोलते हैं,
वो भी पर्ची देखकर
युगों युगों में ऐसा कोई यशश्वी प्रधानमंत्री पैदा होता है 🔥
उषा पटेल ब्रिटेन की ट्रेन में सफर कर रही थी
सामने एक मुस्लिम डॉक्टर बैठा था, उषा पटेल के अंदर नफरत का कीड़ा चुल्बुलाने लगा
मैडम ने डॉक्टर से कहा " आप लोग अपनी कंट्री मेक्सिको और ट्यूनीशिया जाइए"
मैडम को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उस डॉक्टर के पास ब्रिटेन की नागरिकता है।
अब मैडम जेल में है.....
88% मुस्लिम मतदाताओं वाले बंगाल के न्यू टाउन में एक बूथ पर BJP को 97% वोट मिले. CPI(M) को 1 और TMC को 5 वोट मिले. यहां के स्थानीय इसे एक असंभव परिणाम बता रहे हैं, उनका सवाल है कि उनके वोट कहां गए. | @shinjineemjmdr, @Onkeyta_ और @Holytripper की रिपोर्ट
https://t.co/EoiOah8rSu
अमेरिका की पूर्व इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने कोरोना वायरस को लेकर खतरनाक खुलासा किया है.
अमेरिका में एक डॉक्टर है - एंथनी फाउची. ये आदमी National Institute of Allergy and Infectious Diseases का डायरेक्टर था.
एंथनी फाउची ने चीन के वुहान में एक लैब को करोड़ों रुपए फंड किए. ये फंडिंग चमगादड़ों के वायरस को और खतरनाक बनाने के प्रयोगों के लिए थी.
फिर दिसंबर 2019 में वुहान शहर से ही कोरोना वायरस फैल गया, जिससे दुनियाभर में लोग मरे.
जब फाउची को lab-leak की जानकारी हुई तो उसने इंटेलिजेंस एजेंसियों (CIA, FBI) के साथ मिलकर lab-leak theory को दबाने की कोशिश की.
जो अधिकारी lab-leak की बात करते थे, उन्हें धमकाया गया, प्रमोशन रोके गए या नौकरी से निकाला गया.
फाउची की सलाह पर रिपोर्ट बनी, फिर उसी रिपोर्ट को "वैज्ञानिक सबूत" बताकर लैब लीक को झूठा बताया गया.
सोचिए - अमेरिका और चीन की सनक ने लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक - दुनिया में 71 लाख लोगों की मौत हुई. हालांकि असल आंकड़ा 1.5 करोड़ के पार जाता है.
और ये तो सिर्फ एक लैब का हाल है. अमेरिका 30 से ज्यादा देशों में 120 से ज्यादा बायोलॉजिकल लैब्स को फंड करता है, जहां खतरनाक बीमार फैलाने वाले जीवाणु पर काम हो रहा है.