आज होते कलाम साहब ���ो 28 की जिंदगियों का खेल ना होता।
अगर होती सुषमा स्वराज तो इस मुद्दे पर कभी सियासत ना होता।
अगर होता मनोहर पारिकर तो इस समय एग्जाम की बात ही ना आती।
और होते भाजपाई साहब तो कभी छात्रों के बीच माफियाओं की जगह ही ना होती।
#MODIJI_POSTPONEJEENEET
@DrRPNishank