छात्रों की आड़ में अराजकता फैलाने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई :
INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप मे मुख्य सचिव से मुलाकात कर छात्र आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग किया :
छात्रों के मुद्दों को लेकर इंडिया गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज गुरुवार को मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात कर छात्र आंदोलन से जुड़े पूरे मामले की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल में झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले के नेता शामिल रहे। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि गठबंधन छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार और उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है, लेकिन छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशीलता और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोकतांत्रिक आंदोलन का सम्मान किया जाना चाहिए और अराजक तत्वों के साथ कानून सम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने छात्र और असामाजिक तत्वों को अलग-अलग चिन्हित कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके लिए मुख्य सचिव को वीडियो फुटेज भी सौंपे गए हैं, ताकि प्रमाण के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। गठबंधन की द्वारा रखी गई बातों मे कहा गया कि कुछ राजनीतिक तत्वों द्वारा आंदोलन को भटकाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी छात्र की संलिप्तता अराजकता में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा सीआईडी जांच की गति तेज करने, परीक्षा से जुड़े मामलों—विशेषकर CGL—में पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बताया गया कि मामले में जांच एजेंसियां पहले से सक्रिय हैं और कई आरोपियों की गिरफ्तारी व पूछताछ जारी है।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा कहा गया कि 48 घंटे के भीतर अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और छात्रों का भरोसा कायम रहे। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
छात्रों और अराजक तत्वों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। आंदोलन में शामिल हर व्यक्ति की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जाए और जिसकी भूमिका अराजकता फैलाने में सामने आए, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो। सरकार को बदनाम करने के लिए छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
भाजपा के अलग-अलग विंग ने छात्र आंदोलन की आड़ में स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की। छात्रों के वास्तविक सवालों का समाधान निकालने के बजाय विपक्षी दल माहौल को उग्र कर सरकार को बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं।
यदि जांच में कोई छात्र भी अराजक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो केवल छात्र होने के आधार पर उसे संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। दोष साबित होने पर छात्र हो या राजनीतिक कार्यकर्ता, सभी पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्य सचिव को आंदोलन से संबंधित वीडियो फुटेज भी सौंपे गए, जिसमें अराजकता फैलाने वाले लोगों की गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए और निर्दोष छात्रों को किसी भी स्थिति में परेशान न किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा दावा किया गया कि छात्र आंदोलन के घटनाक्रम से पहले ही सीआईडी ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी थी। JPSC के अध्यक्ष समेत दो दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ की कार्रवाई चल रही है। CGL समेत परीक्षा से जुड़े अन्य मामलों में भी जांच और कार्रवाई की गति तेज करने की मांग की गई।
INDIA गठबंधन द्वारा कहा गया कि छात्रों के वास्तविक मुद्दों का समाधान जरूरी है, लेकिन आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जा सकता। गठबंधन द्वारा चेतावनी दी गई है कि अराजक तत्वों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनका मनोबल बढ़ेगा और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे :
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) — महासचिव विनोद कुमार पांडेय, विधायक विकास मुंडा, विधायक एमटी राजा, विधायक सुदीप गुडिया
कांग्रेस — प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक राजेश कच्छप, विधायक सुरेश बैठा, विधायक ममता देवी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर
राजद (RJD) — मनोज पांडेय, आबिद अली।
@JmmJharkhand
🙏मेरी क्या गलती है ?🙏Please एक बार समय निकालकर मेरी पूरी कहानी जरूर पढ़िए। 🙏🙏
**क्या मैं JSSC CGL में ₹35–40 लाख देकर भर्ती हुआ हूँ?**
मैं **चोन्द्रो हाईबुरू**, पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड के खूँटपानी प्रखंड के केयाडचालोम गाँव का रहने वाला हूँ। मैं एक गरीब आदिवासी **‘हो’ परिवार** से आता हूँ।
### 💔 मेरे संघर्ष की शुरुआत
वर्ष **2005 में**, जब मैं मात्र 10 वर्ष का था और चौथी कक्षा में पढ़ता था, जंगल में लकड़ी काटने के दौरान पेड़ से गिरने के कारण मेरे पिताजी का आकस्मिक निधन हो गया। चार छोटे बच्चों और बुजुर्ग दादाजी की जिम्मेदारी अचानक माँ के कंधों पर आ गई।
घर का बड़ा बेटा होने के कारण बचपन से ही परिवार की जिम्मेदारी महसूस करने लगा। माँ खेतों में मजदूरी करती थीं। मैं घर का काम करता, सब्जी उगाता और उसे बाजार में बेचकर घर की जरूरतें और अपनी पढ़ाई का खर्च निकालता था।
माँ की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि वह साल में अपने लिए केवल **एक साड़ी** खरीद पाती थीं। हम बच्चे भी कभी अतिरिक्त कपड़ों की जिद नहीं करते थे, क्योंकि हमें पता था कि माँ की मजबूरी क्या है।
### 📚 पढ़ाई के साथ संघर्ष
गाँव से 8वीं तक पढ़ाई करने के बाद **2009 में 15 किलोमीटर दूर सरायकेला** में 9वीं में दाखिला लिया। पढ़ाई के साथ खेती और सब्जी बेचने का काम करता था। साइकिल से सब्जी बाजार ले जाता, बेचता, फिर कोचिंग और स्कूल जाता था।
**2011 में मैट्रिक प्रथम श्रेणी** से पास किया और **2013 में इंटर द्वितीय श्रेणी** से पास किया।
2012 में टाटा स्टील ट्राइबल कल्चर सोसाइटी के माध्यम से **वारंग चिति लिपि और हो भाषा** का अध्ययन किया और अंतिम परीक्षा में पूरे कोल्हान क्षेत्र में **द्वितीय स्थान** प्राप्त किया। इसके लिए मुझे सम्मानित भी किया गया।
लेकिन पढ़ाई जारी रखने के लिए पैसे की जरूरत थी। माँ पर बोझ न पड़े, इसलिए **अदित्यपुर में दिहाड़ी मजदूरी** की। फिर **2014 में चेन्नई** जाकर मजदूर साथियों के लिए खाना बनाने का काम किया। आर्थिक मजबूरी के कारण मेरी पढ़ाई लगभग 2 वर्ष तक छूट गई।
### 👮 ITBP तक का सफर
2015 में मैंने **ITI की प्रवेश परीक्षा** दी। मेरा **District CML Rank-10 और Category CML Rank-1** आया और मुझे Fitter ट्रेड मिला।
लेकिन 2017 में ITBP में चयन हो जाने के कारण मैं अपनी ITI की पढ़ाई पूरी नहीं कर सका।
**8 मई 2017** को मैंने **ITBP में सिपाही (GD)** के रूप में योगदान दिया। 2017–18 में बेसिक ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद नौकरी करते हुए **IGNOU से BA** किया और 2021 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
### 🎯 JSSC CGL का सपना
बेहतर भविष्य और अपने परिवार के लिए मैंने JSSC CGL की तैयारी शुरू की। ITBP की कठिन ड्यूटी के बाद भी पढ़ाई करता रहा। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ की सुरक्षा में तैनाती के दौरान भी ड्यूटी के बाद तैयारी जारी रखी। मेरी मेहनत देखकर अधिकारियों ने भी पढ़ाई के लिए ड्यूटी का समय कम किया।
JSSC CGL 2021 रद्द हुआ तो मैंने **JSSC CGL 2023** के लिए फिर मेहनत शुरू कर दी।
28 जनवरी 2024 की परीक्षा में शामिल हुआ, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद परीक्षा रद्द हो गई।
इसके बाद दोबारा परीक्षा हुई।
22 सितंबर 2024 को
### 🥹 4 दिसंबर 2024 — उम्मीद की किरण
**4 दिसंबर 2024** को रिजल्ट आया और उसमें मेरा रोल नंबर था। मैं और मेरा पूरा परिवार खुशी से झूम उठा।
लेकिन भर्ती का मामला हाई कोर्ट चला गया। **17 दिसंबर 2024** को अंतिम परीक्षाफल पर रोक लग गई और लगभग एक वर्ष तक जांच एवं सुनवाई चलती रही।
अंततः **3 दिसंबर 2025** को हाई कोर्ट के अंतिम फैसले के आधार पर JSSC ने मेरिट लिस्ट जारी की और मेरा चयन **सहायक प्रशाखा पदाधिकारी** के पद पर हुआ।
### 👶 बेटे का जन्म और नियुक्ति पत्र
मेरे जीवन में खुशी के दो बड़े पल एक साथ आए।
**12 दिसंबर 2025** को मेरे बेटे का जन्म हुआ।
और **30 दिसंबर 2025** को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के कर-कमलों से मुझे नियुक्ति पत्र मिला।
उस समय लगा कि मेरे वर्षों के संघर्ष का फल मिल गया। मेरे बेटे के जन्म के साथ मेरे परिवार का भविष्य भी सुरक्षित हो गया।
### ⚖️ ITBP छोड़कर नई नौकरी
मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचा। **5 जनवरी 2026** को सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए SLP खारिज कर दी।
इसके बाद मुझे अपनी नौकरी सुरक्षित होने का विश्वास हुआ।
मैंने **20 जनवरी 2026 को ITBP से त्यागपत्र दिया** और **21 जनवरी 2026 को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग** में योगदान दिया।
### ❤️ माँ के साथ सम्मान
#लाठीचार्ज_पर_दोहरा_मापदंड
"सत्ता में सन्नाटा, विपक्ष में हंगामा—आख़िर कब तक चलेगी यह दोगली राजनीति?" 🎭📢
👉 जब अपने शासित राज्य में निहत्थे लोगों पर पुलिस की लाठियाँ बरसती हैं, तब नेताओं के मुँह पर ताले लग जाते हैं। मीडिया सेल को सांप सूँघ जाता है और बयान आता है—"कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य का कर्तव्य है।"
👉लेकिन वही घटना जब किसी विपक्षी राज्य (जैसे झारखंड) में होती है, तो अचानक 'लोकतंत्र की हत्या' की चीखें सुनाई देने लगती हैं। रातों-रात पोस्टर छप जाते हैं, टीवी डिबेट्स में गला फाड़कर चिल्लाया जाता है और 'सड़क से सदन तक' चक्का जाम कर दिया जाता है!
यह सिर्फ किसी एक पार्टी की बात नहीं है, यह आज की राजनीति की कड़वी सच्चाई बन चुकी है:
👉 अपने राज में: पुलिस की बर्बरता भी 'प्रशासनिक सख़्ती' कहलाती है।
विपक्ष के राज में: वही लाठीचार्ज 'तानाशाही' और 'मानवाधिकार का हनन' बन जाता है।
अपने राज में: चुप्पी ही सबसे बड़ा समाधान है।
विपक्ष के राज में: इस्तीफा माँगे बिना रोटी हज़म नहीं होती!
असली सवाल लाठी का नहीं, राजनीतिक चश्मे का है!
👉 मुद्दा यह कभी था ही नहीं कि जनता पर लाठी क्यों चली या किसका ख़ून बहा। मुद्दा सिर्फ इतना सा है कि "लाठी घुमाने वाली सरकार अपनी है या दूसरे की?"
अगर आपकी हमदर्दी इस बात पर निर्भर करती है कि पीड़ित किस राज्य में है और हुकूमत किसकी है, तो यह जनता का दर्द नहीं, आपकी राजनीतिक अवसरवादिता (Political Opportunism) है। जनता अब इस 'सुविधाजनक विरोध' (Selective Outrage) के ढोंग को अच्छी तरह समझ चुकी है।
👉 न्याय और विरोध का मानक राज्य की सीमाएँ या पार्टी का झंडा देखकर नहीं बदलना चाहिए। लाठी का दर्द हर नागरिक के लिए एक समान होता है, चाहे वह भाजपा शासित राज्य हो या विपक्ष शासित!
⚡ आप राजनीति के इस दोहरे चरित्र पर क्या सोचते हैं? क्या आपको भी लगता है कि विरोध अब सिर्फ़ कुर्सी का खेल बनकर रह गया है?
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झारखण्ड में छात्रों का असली गुनाहगार कौन है असली गुनाहगार कोचिंग माफिया है जो वर्षों के कोर्स बेच कर बस जेब भरना चाहता है परीक्षा होने के बाद भी उसे कैंसिल कराना चाहता है ताकि फिर से कोर्स बेच कर अपनी जेबें भर सके। कोचिंग माफियाओ से विनम्र आग्रह है अपनी दुकान चलाने के लिए भोले भाले छात्रों का इस्तेमाल करना बंद करो।
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कैमरे के सामने एक बुजुर्ग महिला (संजीत की माँ) चेहरे पर उम्र की लकीरें, लेकिन आंखों में आज भी उम्मीद। वहीं दूसरी ओर संजीत (ASO), जो अपने भविष्य और अपने अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूँ, क्या एक लड़का जिसके सिर से पिता का साया तक नहीं है। अपने परिवार को 10 वर्ष के उम्र से पाल रहा है, उसपर 35-40 लाख दे कर नौकरी पाना कितना सही कितना गलत।
अपनी राय कमेंट के जरिए साझा करें।
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