जो रिश्वत देकर नौकरी करने आता है। वो उसकी भरपाई रिश्वत लेकर करता है।
जो शोषण सहन करता है वो खुद से कमजोरों के साथ शोषण ही करता है।
यही कारण है कि पुलिस के नफरती....., के कारण लोग सबसे ज्यादा सुसाइड करते है।
अगर आप गलत सहन नहीं करते, तो आप खुद से कमजोर के साथ भी गलत नहीं करोगे।
GenZ सिपाही 4. .वीडियो 1861 के पुलिस act परहर दो महीने में PAC का Movement,
जवान वही, ड्यूटी वही, परेशानियाँ वही—बस जगह नई और खर्चा नया।
साहबों का आदेश चलता रहे, जवान सामान ढोता रहे…
इसे Movement कहें या व्यवस्था का घूमता
@dgpup@Uppolice@yadavakhilesh@myogiadityanath
कितना कमीशन खाया बिष्ट जी?
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री बिष्ट ठाकुर आदित्यनाथ पुलिस के कार्यक्रम में कह रहे थे कि घोड़ा उन्हें देखकर बेहोश हो गया
मुख्यमंत्री का कहना था कि पूर्व की सरकारों में घोड़े को खाना नहीं मिलता था, अब मुख्यमंत्री बिष्ट आदित्यनाथ बताएं कि इन पुलिस वालों का राशन पानी, पौष्टिक खाना क्या वे खुद खा जाते हैं या भाजपाइयों को खिला देते हैं?
भ्रष्टाचार लूट नोच खसोट की हर पराकाष्ठा पार कर चुके हैं मुख्यमंत्री बिष्ट आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपाई
हर दो महीने में PAC का Movement,
जवान वही, ड्यूटी वही, परेशानियाँ वही—बस जगह नई और खर्चा नया।
साहबों का आदेश चलता रहे, जवान सामान ढोता रहे…
इसे Movement कहें या व्यवस्था का घूमता हुआ पहिया?” @yadavakhilesh@myogiadityanath@Dgpacup
जुल्म करने वाले से ज्यादा गुनहगार जुल्म सहने वाला होता है
आज सिपाही देवेंद्र गुप्ता ने यूपी पुलिस PAC की व्यवस्था पर गम्भीर सवाल उठाये है
इन्होंने बताया कि PAC जवानों की ड्यूटी 24 घंटे होती है बारिश, ठंड और गर्मी में उनको ड्यूटी करनी होती है
लेकिन उनके रहने के लिए भैंसों का तबेला जैसा, जर्जर बिल्डिंग में रहने को मिलता है
और वहां दिन में मच्छर काटते हैं, बिस्तर पर सांप चढ़ जाते हैं
और इतना ही नहीं वहां की साफ सफाई में लगने वाला सामान को सिपाहियों को खुद ही खरीदना होता है
और वहां का खाना का हाल तो बहुत ही खराब हो रखा है जो खाना कुत्तों को नहीं दिया जाता है उससे बदतर खाना सिपाहियों को दिया जाता है
जबकि सरकार पैसा देती है लेकिन डिपार्टमेंट जवानों तक पहुंचने नहीं देता।
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आप इस जवान की बातों को संज्ञान में लेकर जांच बिठाइए।
‘हमें ऐसी जगह रखते हैं, जहां जानवर भी न रहें। जो कुत्ता भी न खाए, ऐसा खाना दिया जाता है। टॉयलेट तक खुद साफ करने होते हैं।’
बाराबंकी में PAC बटालियन में तैनात जवान देवेंद्र गुप्ता यह सब कहते हुए परेशान हो जाते हैं। उनके अनुसार, कई बार ऐसी जगह भेजा जाता है, जहां साफ पानी तक नहीं मिलता। भीषण गर्मी में बिना बिजली रात गुजारनी पड़ती है।
देवेंद्र का दावा है कि बदहाल बैरक, खराब खाना और छुट्टियां नहीं मिलने से सिर्फ वो ही नाराज नहीं हैं, PAC के ज्यादातर जवान परेशान हैं। लेकिन, कोई खुलकर बोल नहीं सकता है। हमने देवेंद्र से बात की। उन्होंने कई चीजें बताई। भास्कर पर देख व पढ़ सकते हैंः https://t.co/9TPi5GmcnK
PAC, CIVIL POLICE को फुल TA,DA मिल रहा लेकिन SDRF के जवानों को मिलने वाला TA DA आधा कर दिया गया है।
SDRF में तैनात पीड़ित जवान ने अपने सेना नायक को लिखा पत्र।
जवान ने अपने आर्थिक नुकसान का उल्लेख अपने पत्र में किया है।
PAC जवान बता रहा कि पुलिस महकमे में कितनी अव्यवस्था है।
कड़ी मेहनत करने के बावजूद किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है।
सरकार को PAC जवान की बेसिक सुविधा पर ध्यान देना चाहिए।
बाराबंकी 10 बटालियन PAC में तैनात सिपाही देवेंद्र गुप्ता ने PAC के अंदर की कमियों को लेकर आवाज उठाई है और नाराजगी जताई है उनका वीडियो वायरल है इससे पहले लखनऊ में तैनात रहे सिपाही सुनील शुक्ला ने भी सिपाहियों के बारे में UP पुलिस में दोहरा मानदंड रखे जाने के मामले उठाए थे