"पाकिस्तान के साथ खड़े हैं" वाले बयान पर चौतरफा थू-थू हुई, तो भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जी ने सफाई देने के लिए प्रेस वार्ता बुलाई...!!
सोचा था सफाई देकर अपनी साख बचा लेंगे, लेकिन यहां तो पत्रकारों ने प्रदेशाध्यक्ष जी की ही बखिया उधेड़ दी...!! 😂
आगे जो हुआ, वो आप खुद देखिए...साढ़े छह मिनट का शुद्ध 'मनोरंजन'...!! 😃🤣😆
@INCIndia@INCRajasthan
"अमेरिका और पाकिस्तान में युद्ध हुआ, तो भारत पाकिस्तान के साथ है"
BJP के राजस्थान अध्यक्ष मदन राठौड़ जी ये पाकिस्तानी प्रेम उस आतंकी मुल्क के लिए जो भारत के नागरिकों की हत्या करता है, देश में दहशतगर्दी फैलाकर आतंकी हमले करता है, सीमा पर जवानों को निशाना बनाता है।
भाजपा का ये पाकिस्तानी प्रेम न सिर्फ हमारे वीर जवानों की शहादत और करोड़ों भारतीयों का अपमान है, बल्कि देशद्रोह है।
इतिहास गवाह है कि भाजपा हमेशा राष्ट्र-विरोधी ताकतों के साथ रही है। आजादी से पहले जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ हिंदू महासभा द्वारा मिलकर प्रांतीय सरकारें बनाने लेकर प्रधानमंत्री मोदी जी के बिन बुलाए पाकिस्तान जाकर बिरयानी खाने तक! देश ने इनका शर्मनाक चेहरा देखा है। फिर चाहे आडवाणी जी का जिन्ना की मजार पर जाकर मत्था टेकना हो, या फिर अटल बिहारी वाजपेयी जी की लाहौर बस यात्रा, और डोभाल परिवार के व्यापारिक संबंध!
दूसरों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने वाली भाजपा के रग-रग में पाकिस्तान बसा है, ये लोग देशद्रोही हैं।
स्टाफिंग_पैटर्न समीक्षा के अनुसार पदों की स्थिति:
🔹 लेवल-1
वर्तमान स्वीकृत पद: 53,907
स्टाफिंग पैटर्न समीक्षा आकलन: 48,744
स्थिति: पदों में कमी (-5,163)
🔹 लेवल-2
वर्तमान स्वीकृत पद: 50,316
स्टाफिंग पैटर्न समीक्षा आकलन: 72,425
स्थिति: पदों में भारी बढ़ोतरी 19150
शिक्षक भर्तियों का इंतजार करने वाले साथी ये सोच कर बैठे है की ये सरकार भर्ती निकालेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं है ।।
समझे- कब रीट पात्रता होगी और कब अध्यापक भर्ती होगी 🤔🤔🤔🤔🤔
ऊपर से गेस्ट फैकल्टी लेने वाले है इसके बाद तो उम्मीद ही क्या करोगे
सोचिए इतिहास में सबसे कम पदों पर सिर्फ एक अध्यापक भर्ती हुई है (जिसमे भी लेवल 2 सामान्य शिक्षा और विशेष शिक्षा जीरो पद) वो तो भला हो पूर्व सरकार का जिसने संस्कृत विभाग की अर्थना भेज दी थी उसी के सारे पद थे और एक भर्ती हो गई वरना 🤔
इन सब से मंशा आप समझ सकते है ।
लाखों युवा कोचिंग और BED करके बैठे है लेकिन कोई बोलना नहीं चाहता धरातल पर आना नहीं चाहता
भर्ती तब आएगी जब शिक्षा मंत्री के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलोगे ???
सड़कों पर आकर सवाल करोगे ???
हम इस लड़ाई को मजबूती से लड़ने को तैयार है लेकिन बिना अभ्यर्थियों के कुछ संभव नहीं
रीट पात्रता भी करवाने की मंशा नहीं सरकार की यही वास्तविकता है बैठे रहें तो शेष कार्यकाल भी पूरा हो जाएगा ।।
लड़ने का मन हो साथ देने का मन हों तो इस पोस्ट पर प्रतिक्रियाँ शेयर करे ।
इस माँग को लेकर जल्द यूट्यूब पर लाइव आकर विस्तार से चर्चा करूँगा ।
#हनुमान_किसान
शाबाश ! केसरी सिंह !
#RPSC ने पेपर सेटरों को सिलेबस ही नहीं दिया #SI_भर्ती_2021 का !
गजब हो गया बच्चे सिलेबस पढ़ते रहे पेपर बनाने वालों के पास सिलेबस ही नहीं जो वो नोटिस के जवाब में खुद बता रहे हैं।
#SI_भर्ती_21_reexam_फिर_से_हो
आज नया डेटा आया है -
नियुक्ति दे दी =1.89 लाख अब तक + 4500 आज
( 1.94 लाख मान लो )
इसको देखकर दो शब्द जरूर बोलना -
एग्जाम हो गई = 1.22 लाख पदों पर (अब तक ये पाइप लाइन में थी आज इनकी एक्ज़ान होना बताया है )
1.25 लाख पर भर्ती निकाल दी (ये बिल्कुल नया आया है )
नोट- CM साहब ने ये बोला है की किसी की गणित कमजोर हो तो वो गणित की कोचिंग भी लगवा देंगे अगर डेटा में किसी को समस्या आए तो
🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔
आज के भाषण में ये डेटा आया है सामने
भाजपा सरकार ने OBC आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है। सवाल ये है कि जब निकाय और पंचायती राज चुनावों के लिए OBC को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जा चुका है, एवं आयोग का मूल उद्देश्य भी पूरा हो चुका है, तो फिर कार्यकाल बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?
आखिर इस फैसले के पीछे सरकार की मंशा क्या है? क्या भाजपा सरकार OBC समाज की जातियों को आपस में बांटने और दुर्भावना पैदा करने की कोई नई साजिश रच रही है? सरकार को राजस्थान के OBC समाज के सामने इस विस्तार का स्पष्ट कारण और उद्देश्य बताना चाहिए।
@RajCMO
बड़ा खेल तो नहीं खेला जा रहा है - पेपर हार्ड देकर पद रिक्त रखकर पुराने पेपर सेटरो को हटाकर ख़ुद के चहेते पेपर सेटर सेट करने की बड़ी प्लानिंग तो नहीं की जा रही है #RPSC
युवा हित के लिए RPSC में स्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति होना बेहद जरूरी है ।
विवादित व्यक्ति के RPSC में रहने से पूरे प्रदेश के युवाओं को बहुत बड़ा खतरा है ये बात समय के साथ समझ आ जाएगी
नोट- पेपर जानबूझकर ऐसा बनाया जा रहा है जिससे कोई पास नहीं हो इसकी आड़ में कुछ बड़ा गेम प्लान हो रहा है
#सूत्र से जो खबरे आ रही है वो पीड़ादायक है
@UmmedaRamBaytu@GovindDotasra@TikaRamJullyINC@NFUofficial1
#Jaipur: एसटी रिजर्वेशन को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट से खबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार सहित एसटी आयोग को नोटिस जारी कर पूछा- 'क्यों ना एसटी वर्ग को मिल...
#RajasthanWithFirstIndia@vyaskamalkant
निकाय चुनाव में निर्दलीयों की भारी तादाद में जीत और जोधपुर-बीकानेर निगम का रिजल्ट बताता है जनरल कास्ट UGC को लेकर बेहद नाराज है... लेकिन यह वर्ग कांग्रेस को वोट कभी नहीं देगा, यह भी सच है... भले ही वो वोट नहीं देने गए, निर्दलीय या नोटा को डालना इनको मंजूर होगा... इसलिए राहुल गांधी अपने एससी, ST और OBC वर्ग के हिमायती वाले स्टैंड पर अडिग है...
जयपुर नगर निगम चुनाव में परिसमन का एक गजब उदाहरण देखिए-
कांग्रेस को 5 लाख 65 हजार 848 वोट मिले
बीजेपी 5 लाख 52 हजार 713 वोट मिले
मतलब कांग्रेस को बीजेपी से 13 हजार 135 वोट ज्यादा मिले फिर भी बोर्ड बीजेपी का बना
नोट कर लो नई FSO की भर्ती अयोग्य डेपुटेशन वाले किसी भी हाल में नहीं होने देंगे 🤔🤔🤔🤔🤔
इनका ऊपर तक सिस्टम बहुत मजबूत है तब ही सीएम के आदेश की पालना नहीं होने पर भी कोई एक्शन नहीं
CS और माननीय न्यायलय के आदेश की पालना नहीं होने पर कोई एक्शन नहीं
चैन सिस्टम मजबूत है जो BJP चाहती है वैसा
भगवान सब देख रहा है अंत होना तय है जीत सत्य की होगी कब तक झूठ कपट चलेगा ।।
भ्रष्टाचार चरम पर इस विभाग में वो भी मिलीभगत से
नोट- कांग्रेस की देंन थी जो दो भर्तियाँ निकाल दी FSO की और एक की घोषणा की
पद सृजित भी इसलिए हुए है जिससे इन अयोग्य लोगो को बचाया जा सके
इनकी पोस्ट तक भरी हुई मानी है काउंसलिंग में इससे ज़्यादा अन्याय क्या होगा
नियमित FSO की सहनशक्ति को 🫡🫡🫡🫡है जो इन भ्रष्ट लोगो के साथ काम करेंगे ।।
@GovindDotasra भीलवाड़ा शहर जिलाध्यक्ष ने जानबूझकर टिकिट रोके रखे शायद ये उनके खेमे के उम्मीदवार नहीं थे इसलिए। बाकी 56 टिकिट कैसे जमा होते , टिकिट तो सभी साथ ही आये थे। इन सबका जिम्मेदार भीलवाड़ा शहर जिलाध्यक्ष है । अनुशासनातम्क कारवाही होनी चाहिए।
कांग्रेस वॉर रूम में आज आपस में भिड़ गए दो दिग्गज नेता...
एक पूर्व मंत्री और EX AICC सचिव में हुई जमकर गाली गलौज, पूर्व मंत्री ने पूर्व राष्ट्रीय नेता को बोल दिया गुंडा और बदमाश....
#RajasthanWithFirstIndia@INCRajasthan
इस पोस्ट में 1% भी सच्चाई है
भर्ती कैलेंडर फेल ,
बजट घोषणा का वर्गीकरण तक नहीं
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना शुरू होने से पहले ही बंद
युवाओं का बेरोजगारी भत्ता बंद
खेल में कोई विशेष योजना नहीं ,स्कूल कॉलेज लेवल वाले गेम भी लगभग बंद
युवाओं के लिए एक भी कार्य और योजना ऐसी नहीं जो धरातल पर शुरू हुई हो और 15 युवाओं को भी लाभ मिला हो ।।
झूठ पर झूठ और गुमराह करने से युवा वोट नहीं देंगे
अधिकारियों का स्वर्णकाल चल रहा है उनको आगे बढ़ाने की जरूर कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है बाकी वास्तविकता क्या है लोकल चुनाव में पता चल जाएगी
बीजेपी का कोई भी नेता विद्या संबल योजना का विरोध नहीं कर रहा है 🤔🤔🤔🤔
जबकि
2022 में सारे नेता भयंकर विरोध कर रहे थे
यही राजनीति है इसी को समझाना है और लोकल चुनाव में इसी के अनुसार वोट देना है ।
राजनीति में आधे-अधूरे 10 सेकंड के क्लिप चलाकर नैरेटिव गढ़ने वाले भोंदू अपनी ही समझ का मजाक उड़ा रहे हैं। गोविंद सिंह डोटासरा का 50 सेकंड का पूरा भाषण सुनेंगे तो समझ आ जाएगा कि उन्होंने 10 बार वीर तेजाजी का नाम लेकर किसान वर्ग और तेजाजी के वंशजों को चेताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फालतू हो-हल्ला करने के बजाय शांतिपूर्वक अपने लक्ष्य की प्राप्ति में जुट जाओ।
आज का जो बीजेपी, आरएसएस और उनका पूरा इकोसिस्टम है, वह कृषक और जाट समाज से कितनी नफ़रत रखता है, यह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में कर्नल केसरी सिंह जैसे प्रकरणों से लेकर समाज को बांटने वाली नीतियों का मुकाबला समझदारी से करना होगा, न कि उत्तेजना में आकर।
गोविंद सिंह डोटासरा का तो हमेशा से यह रिकॉर्ड रहा है कि जो भी नई लीडरशिप संघर्ष करना जानती है, जिसमें दम होता है और जो जनता के लिए खड़ी होती है, वे हमेशा उसके पक्ष में खड़े रहे हैं। उन्होंने हमेशा हनुमान बेनीवाल का भी पक्ष लिया और उनके संघर्षों का समर्थन किया। लेकिन हनुमान बेनीवाल का आज तक का रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए—उन्होंने बीजेपी की लोकल लीडरशिप के खिलाफ तो बोला होगा, पर आरएसएस के खिलाफ उनका एक भी भाषण नहीं मिलेगा! जबकि सब जानते हैं कि आरएसएस ही बीजेपी की मूल संस्था है और कृषक समुदाय की सबसे बड़ी विरोधी है।
दुख इस बात का है कि हनुमान बेनीवाल और उनकी लॉबी भी उसी बीजेपी, आरएसएस और उनके इकोसिस्टम के पक्के शागिर्द की तरह भूमिका निभा रही है। 2014 और 2019 में हमने सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाकर हनुमान बेनीवाल को जिताने की पैरवी की थी, 2023 में उनकी हार पर दुख भी हुआ था। लेकिन आज हनुमान बेनीवाल और उनके चेलों-चपाटों की हरकतें देखकर लगता है कि अच्छा हुआ जो वो हार गए।
जिस तरह हनुमान बेनीवाल केवल 'मैं' और अपने अहंकार में व्यस्त हैं। बड़े जाट नेताओं और उनके परिवारों के बारे में गलत बोलना व गालियां देना बेहद ओछी राजनीति है। कभी राजाराम मील के परिवार पर बयानबाजी तो कभी मुकेश भाकर के खिलाफ बोलना—जबकि उनकी शादी में खुद शरीक हुए थे—यह सब हरकते अब उनके आसपास के लोग भी दोहरा रहे हैं।
राजनीतिक विरोधी होना अलग बात है, लेकिन सामाजिक वैमनस्य फैलाना गलत है।
हनुमान बेनीवाल खुद तो बिना संगठन के सर्वेसर्वा बने घूम रहे हैं।
अब कोई पूछे क्यो नहीं बना रहे ??
पूरे राजस्थान में उनके संगठन का कोई ढांचा या पदाधिकारी तक नहीं है।
ऐसे लगता है यह बीजेपी और आरएसएस की ही मंशा है कि परिसीमन के नाम पर दो-चार सीटें उन्हें तय की जाएँ, और बाकी जहां भी बीजेपी इनको बोले वहां यह अपने कैंडिडेट उतार दे और 2-4 हजार वोट लेकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचा दे.
बाक़ी हनुमान बेनीवाल के लिए ट्रेन सेट करने वालो से आशा है कुछ नया लाओ ये कहानी बीजेपी वाले कर चुके है उन्हें कुछ नहीं मिला उल्टे गोविंद सिंह डोटासरा का नाम ही हुआ ।