@myogiadityanath@aksharmaBharat@UPPCLLKO "हमारा संघर्ष विभाग के विकास के लिए है, लेकिन दमनकारी और अव्यावहारिक व्यवस्था के खिलाफ है।"
@ChairmanUppcl@mduppcl जी संवाद का रास्ता चुनें और फील्ड की वास्तविकताओं को समझें। संघ अपनी जायज माँगों के लिए हर वैधानिक और लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। @EMofficeUP
@myogiadityanath@aksharmaBharat@UPPCLLKO 📢 24×7 आकस्मिक और शिफ्ट ड्यूटी करने वाले फील्ड कर्मचारियों (लाइनमैन, टेक्नीशियन, SSO, TG-2, JE) को फेशियल अटेंडेंस की बाध्यता से मुक्त किया जाए। @UPGovt
प्रशासनिक दबाव के बजाय कर्मचारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति और जनसुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने दिया जाए। @CMOfficeUP
मा. @myogiadityanath जी, क्या लाइनमैन, टेक्नीशियन, SSO, TG-2 या JE पहले ऑफिस जाकर हाजिरी लगाए या सीधे दुर्घटना स्थल पर दौड़े?
मा. @aksharmaBharat जी, क्या उपभोक्ता अंधेरे में इंतजार करेगा क्योंकि कर्मचारी ऐप पर उलझा है?
@UPPCLLKO क्या जनसुरक्षा से बड़ा कोई "ऐप" हो सकता है?
@UPPCLLKO की बैठक में चेयरमैन द्वारा टीजी–2 कर्मचारियों के संबंध में“दलाल”जैसी टिप्पणी आपत्तिजनक एवं निंदनीय है । टीजी 2 कर्मचारियों के सम्मान व मनोबल पर यह सीधा आघात है
संघ तत्काल सार्वजनिक खेद एवं सम्मानजनक स्पष्टीकरण की मांग करता है
@myogioffice@aksharmaBharat@ANI@RVPPKSUP
मा० न्यायालय के निर्देशों की अवमानना कर कार्य करने के बावजूद वेतन रोकना बेहद निंदनीय कृत्य है ।आर्थिक समस्याओं के जूझ रहे कर्मचारियों का वेतन रोक कर प्रबंधन स्पष्ट संदेश दे रहा कि हम (प्रबंधन) आपके(कर्मचारियों) अभिभावक नहीं मात्र शोषक हैं ।
@PuVVNLHQ
जो मंत्री अपने कर्मचारियों से नहीं मिल सकता, जो मंत्री जनता से नहीं मिल सकता है, जो मंत्री अपने समझौते का पालन नहीं करा सकता है, जो मंत्री लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों का दमन और उत्पीड़न कर पुलिस की दम पर अपने ऊर्जा विभाग का निजीकरण करने पर तुला है उसे लोकतंत्र में मंत्री के पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्हें तत्काल व्यापक जनहित में अपना इस्तीफा देना चाहिए।
जब से ऊर्जा मंत्री जी आए हैं तब से प्रदेश की गरीब जनता परेशान है, बिजली कर्मचारी परेशान है, किसान परेशान है, युवा परेशान है, छात्र परेशान है, आरक्षण खतरे में है।
माननीय ऊर्जा मंत्री जी का एकमात्र उद्देश्य है कि कितनी जल्दी सरकारी संपत्तियों और सरकारी जमीनों को कौड़ियों के भाव अपने पूंजीपति मित्रों को सौंप दें, फिर ना रहेगा विभाग, ना रहेगी नौकरी, और ना रहेगा आरक्षण।
लेकिन ऊर्जा मंत्री जी बिजली कर्मचारी प्रदेश की सरकारी संपत्तियों को नहीं बिकने देंगे, ऊर्जा विभाग नहीं बिकने देंगे, जनता को लालटेन युग में नहीं जाने देंगे और बाबा साहब द्वारा दिया गया आरक्षण समाप्त नहीं होने देंगे।
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@UPGovt@UPPCLLKO@yadavakhilesh@RahulGandhi@Mayawati@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes
निजीकरण नहीं बल्कि बिजली व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ?
हाल ही में एक रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश बिजली विभाग में बड़े अनुबंधों को लेकर कुछ अहम सवाल उठाए गए हैं।
एक जागरूक नागरिक होने के नाते पढ़ें पूरी रिपोर्ट, समझें निजीकरण की गंभीरता।
निजीकरण से सभी वर्गो का नुकसान होगा सिर्फ फायदा पूंजीपतियों का होगा।
कामगारों के लिए डिप्लोमा अन्य प्रांतों में 2वर्ष किंतु यूपी में तीन वर्ष, समिति के दो वर्ष संतुष्टि के बाद भी bte 3 वर्ष पर ही परीक्षा करा रहा है, इसे कामगार छात्रों के हित मे स्थगित किया जाय जब तक शासन से अवधि अन्यप्रदेश की भांति संशोधित न हो
@ErAshishSPatel@CMOfficeUP@UPGovt
उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के 42 जनपदों का निजीकरण करने वाले कंसल्टेंट ग्रांट थॉर्नटन के झूठे शपथ पत्र को किया सार्वजनिक जिसमें उसने कहा 3 साल में नहीं लगी उस पर कोई पेनल्टी वहीं अमेरिका पी0सी0ए0ओबी ने 2024 में लगा रखी 40000 की पेनल्टी तुरंत टेंडर हो निरस्त।
इस गंभीर मामले पर पावर कारपोरेशन में मचा हड़कंप उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कार्पोरेशन प्रबंधन व टेंडर मूल्यांकन कमेटी के अध्यक्ष निदेशक वित्त निधि कुमार नारंग से बात कर तत्काल निजीकरण हेतु रखे गए कंसल्टेंट के खिलाफ ब्लैक लिस्टिंग की कार्यवाही सहित टेंडर निरस्त करने की उठाई मांग।
उपभोक्ता परिषद जल्द इस भ्रष्टाचार की शिकायत करने के लिए प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री से समय लेकर करेगा मुलाकात और उन्हें बताया किस तरह से बिजली निजीकरण को लेकर चल रहा है खेल जिसमें पावर कारपोरेशन के उच्च अधिकारी शामिल।
उत्तर प्रदेश में निजीकरण पर अब तक की सबसे बड़ी सनसनीखेज खबर का खुलासा उपभोक्ता परिषद करने जा रहा है उपभोक्ता परिषद द्वारा कल ही यह खुलासा किया गया था कि 42 जनपदों के लिए निजीकरण का मसौदा तैयार करने के लिए जो कंसलटेंट ग्रांट थॉर्नटन भारत नियुक्त किया गया है उसके खिलाफ पब्लिक कंपनी अकाउंटिंग ओवर साइट अमेरिका(पीसीएओबी) द्वारा सेंसर की कार्रवाई करते हुए 40000 डॉलर पेनल्टी लगाई गई और इस कंसलटेंट कंपनी ने झूठा शपथ पत्र दिया आज उसका खुलासा उपभोक्ता परिषद करने जा रहा है। और झूठे शपथ पत्र की प्रति को सार्वजनिक भी कर रहा है। उपभोक्ता परिषद ने कहा ग्रांट थॉर्नटन के देखरेख में जो 12 अप्रैल को होटल ताज में देश के बड़े उद्योगपतियों की बैठक बुलाई गई है उसे तत्काल निरस्त किया जाए और माननीय मुख्यमंत्री जी उपभोक्ता परिषद आपसे मांग करता है कि पूरे मामले पर हस्तक्षेप करें और इस भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर जनता को एक संदेश दें।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पावर कारपोरेशन में निजीकरण के टेंडर में ग्रांट थ्रोनटन कंपनी द्वारा 24 फरवरी 2025 को एक नोटरी शपथ पत्र दाखिल किया गया जिसमें कहा गया कि पिछले तीन वर्षों में कंपनी के खिलाफ कोई एडवरस करवाई सहित कोई भी पेनाल्टी नहीं लगाई गई है वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता परिषद ने कहा 20 फरवरी 2024 को ग्रांट थॉर्नटन भारत के खिलाफ अमेरिका की पब्लिक कंपनी अकाउंटिंग आवर साइड बोर्ड द्वारा सेंसर की कार्रवाई करते हुए रुपया 40000 डॉलर की पेनल्टी लगाई गई फिर ग्रांट थ्रोनटन कंपनी ने इस तथ्य को क्यों छुपाया इसकी जानकारी उपभोक्ता परिषद ने आज पावर कार्पोरेशन प्रबंधन सहित पावर कारपोरेशन में टेंडर मूल्यांकन कमेटी के अध्यक्ष डायरेक्टर वित्त व कमर्शियल निधि कुमार नारंग को भी दे दी है और कहा है तत्काल इस कंपनी को ब्लैक लिस्ट करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाए जिस पर उनके द्वारा आशावसन दिया गया है कि पूरे मामले पर वह छानबीन करके नियम संगत कार्यवाही करेंगे ।
उपभोक्ता परिषद में फिर कहा कि अब तत्काल ग्रांट थॉर्नटन के टेंडर को निरस्त कर उसके खिलाफ ब्लैक लिस्टिंग की कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए और झूठा शपथ पत्र देने के लिए उसके खिलाफ विधिक मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए और इसके लिए पावर कारपोरेशन में जो अधिकारी दोषी है उन पर भी उच्च स्तरीय जांच बैठ जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि जिस प्रकार से आसंवैधानिक तरीके से बड़ी अनियमित व शिथिलता प्रदान करते हुए ग्रांट थ्रोनटन को टेंडर दिया गया और आज भी कुछ उच्च अधिकारी उसके पक्ष में लगे हुए हैं उसकी शिकायत उपभोक्ता परिषद प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी से समय लेकर करेगा और ऐसे उच्च अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाएगा।
अवधेश वर्मा जी
यह सिर्फ बिजली कर्मियों का अर्ध कुंभ है ।यदि निजीकरण को नहीं रोका गया तो लखनऊ में बिजली कर्मियों का महाकुंभ भी होगा ।
बिजलीकर्मियों ने संकल्प ले लिए है कि वह अपने जीवन की आहुति दे देंगे लेकिन निजीकरण होने नहीं देंगे ।
@CMOfficeUP@aajtak@ABPNews@bstvlive@RVPPKSUP
मा• ऊर्जा मंत्री जी जब मा• मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बिजली कर्मचारियों के अथक प्रयासों से AT&C हानियां 2017 में 40% से घटकर अब 2025 में मात्र 16•50% रह गई हैं। बिजली के क्षेत्र में पिछले 8 सालों में अभूतपूर्व सुधार हुआ है तो फिर बिजली का निजीकरण क्यों ? और किसके लिए ?
विगत 29 मार्च को माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकसभा क्षेत्र बनारस में उत्तर प्रदेश मे पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत निगम के 42 जनपदों में किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में कई हजारों की संख्या में बिजली कर्मियों की विशाल बिजली महापंचायत हुई , जिसकी चर्चा ना सिर्फ उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे देश में सुर्खियों में बनी हुई है। लेकिन दुर्भाग्य है देश की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा जनता से जुड़े हुए बिजली के मुद्दे पर पिछले 120 दिन से एक भी डिबेट नहीं किया है कोई कवरेज नहीं दिया है यह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए शर्मनाक स्थिति है जिससे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कमजोर हो रहा है, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को जनता को बताना चाहिए कि बिजली के निजीकरण से उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ने जा रही है ? 1 अप्रैल 2023 से सिंचाई के लिए किसानों को मिल रही मुफ्त बिजली समाप्त होने जा रही है ? 26000 से अधिक रेगुलर कर्मचारियों के व 50000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी जाने वाली है ?, बिजली में आरक्षण की व्यवस्था समाप्त होने जा रही है ? जो युवा बिजली विभाग में सरकारी नौकरी के सपने देख रहे हैं उनके सपने समाप्त हो जाएंगे ? गरीब परिवारों को सब्सिडाइज बिजली मिल रही है उनकी सब्सिडी समाप्त हो जाएगी ? अरबो, खरबो की जनता की संपत्तियों को कौड़ियों के भाव अपने चुनिंदा पूंजीपति मित्रों को बेचा जा रहा है, पूरे 42 जनपदों की जमीन मात्र ₹1 की लीज पर दी जा रही है यह बिजली का निजीकरण नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा घोटाला होने जा रहा है इसलिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को जन विरोधी, किसान विरोधी, गरीब विरोधी, कर्मचारी विरोधी, आरक्षण विरोधी, युवा विरोधी और एक बड़े घोटाले की मनसा से किए जा रहे बिजली के निजीकरण के मुद्दे पर खुलकर बहस करनी चाहिए। जिससे जनता को भी पता चले कि बिजली के निजीकरण से उनको कितना बड़ा नुकसान होने जा रहा है। प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से अनुरोध है कृपया नींद से उठे और देखें की हजारों की संख्या में लोग सड़क पर निकलकर बिजली के निजीकरण का खुलकर विरोध कर रहे हैं उनका कवरेज करने कष्ट करें। जिससे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का मान, सम्मान और जनता में मीडिया घराना के प्रति विश्वास बना रहे। सोशल मीडिया के बहादुर क्रांतिकारी साथियों से अनुरोध है कृपया गहरी नींद में सोई नोएडा की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक इसको पहुंचाएं।
@aajtak@ABPNews@ZeeNews@news24tvchannel@News18India@ndtv@Republic_Bharat@TV9Bharatvarsh@bstvlive@EconomicTimes@htTwe@ravishndtv@ppbajpai@abhisar_sharma@dhruv_rathee
आगरा
आगरा में आयोजित किसान महापंचायत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों और मजदूरों का हाल जाना। महापंचायत में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। टिकैत ने बिजली के प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ मोर्चा खोला और टोरेंट पावर पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों पर लाखों का बिल थोप दिया जा रहा है। इसके अलावा, आलू भंडारण में कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा बढ़ने का भी विरोध किया।
#Agra #RakeshTikait | @RakeshTikaitBKU