‘जंतर-मंतर’ को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित करना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी हार है।
शुक्र तो ये मनाइए कि प्रदर्शन करने के लिए ‘किसी भूमिगत’ जगह पर जाने को नहीं कहा गया, जहाँ भाजपा और उनके अंडरग्राउंड संगी-साथी अपनी ख़ुफ़िया मीटिंग करते हैं।
भाजपा बेहद डरी-सहमी हुई है। वो जनाक्रोश से बचने के लिए उन जगहों से जनता को दूर करना चाहती है जहाँ सत्ताधीश बैठते हैं। अच्छा तो ये होता कि लोकतंत्र में लोक के कल्याण के लिए प्रदर्शन हेतु ‘लोक कल्याण मार्ग’ पर ही कोई जगह दे दी जाए। इससे नामकरण को सही साबित करने का तर्क भी मिल जाएगा। सर्वोच्च सत्ता तक जब बात सीधे पहुँचेगी तो समाधान भी तुंरत निकलेगा।
दिल्ली में बड़ी संख्या में जनता का हुजूम चुनाव आयोग व ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतरा है 🚨
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान किया था, जिसे लेकर देशभर से लोग दिल्ली पहुंचे हैं। वो कोर्ट में आज पिटीशन दाखिल करेंगे...!!
ब्रेकिंग 🚨
राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च में शामिल होने के लिए CP-बाराखंभा जंक्शन पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है
हम ‘स्वतंत्रता संग्राम 2.0’ देख रहे हैं 🔥
ब्राह्मण बाल गंगाधर तिलक के धागे खोल दिए गए हैं, 🔥
इतिहासकारों ने इसको लोकमान्य बताया क्योंकि ब्राह्मण था, समाज सुधार का एक भी कार्य तिलक ने नहीं किया,
Age of consent का विरोध किया, शर्मनाक।