आज जब आम आदमी को युद्ध की #मॉकड्रिल करवाई जा रही है तो मुड़कर 1965 और 1971 के युद्ध का इतिहास भी याद आता है जब सीमावर्ती राजस्थान के आम ग्रामीणों, डकैतों, सेना के जरनैलों और रजवाड़ों ने दुश्मन के खिलाफ़ युद्ध में लड़कर और डटकर अपना योगदान दिया था।
1965 युद्ध में ठाकुर हेमसिंह और भीमसिंह सोढा जैसे आम आदमी भी दुश्मन को खदेड़ने में सफल रहे थे। 1971 के युद्ध में डाकू बलवंत सिंह बाकासर, देवीसिंह सोढा, जनरल हणूत सिंह और जयपुर के महाराजा सवाई भवानी सिंह ने भी दुश्मन सेना को खदेड़ा!
हमारी Border Town Series में महेंद्र सिंह जी ने बाड़मेर जैसे सरहदी इलाकों में होने वाले जंग के असर को बड़ी तफ्सील से समझाया है। आप भी आज दोबारा सुनिए!
Operation Sindoor Updates | Take a look at the thread below for full details:
The nine targets, four in Pakistan and five in Pakistan-occupied-Kashmir, were chosen by the IAF after receiving intelligence inputs about the concealed camps in health centres to avoid detection, officials said.
The targets under the 'Operation Sindoor' launched by India in the aftermath of April 22 killing of tourists at Pahalgam included the headquarters of globally banned terror groups Jaish-e-Mohammed and Lashkar-e-Taiba besides Hizbul Mujahideen. (n/1)
#OperationSindoor
इन बच्चों की माँ ओर बाप आपको सिर्फ बद्दुआएँ दे सकते है माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी@BhajanlalBjp आप में कोई दया नहीं मेरे छोटे छोटे बच्चों के ये हालात हैं आपके मंत्री @JogarampatelMLA ने पिछले दिनों दौरा किया जोजरीनदी का उसके बाद हालात ओर खराब हो गए हैं।आपने कभी हमारे हालात नहीं जाने।रात की दो बज रही हैं हमारी आत्मा तड़प रही है साहब ओर क्रंदन करता हृदय से आवाज आ रही हैं कि खोज जाये उन नेताओं फैक्ट्री वालो का जिन्होंने हमारा ये हाल किया है भगवान उनको ऐसी सजा देना कि उनके बच्चे भी ऐसे ही तड़पे ओर हमारे पास कोई सहारा नहीं है।स्वास्थ्य मंत्री @GajendraKhimsar जी एक रात रूकिये ना हमारे गांव में।@gssjodhpur अब खुश हो माननीय मंत्री महोदय जी आप ओर ले लो फैक्ट्री वालों से पैसा चुनाव में खर्च करने के काम आयेगा।हमसे दरिद्र तो आप हो साहब।इतनी अमीरी भी क्या काम की जो किसी की हाय पर बनाई हो।@JodhpurDm गौरव अग्रवाल जी सर मेरी बिटिया भी IAS होने का सपना देखती हैं पर मैं आपकी परफ़ॉर्मेंस देख कर उसे कभी तैयारी नही करवाऊँगा।कुछ नहीं कर सकता एक IAS जीरो है उसका पावर अगर जमीर मर चुका हो तो।लिपा पोती की कार्यवाही ही करनी होती हैं तो एक थर्ड ग्रेड शिक्षक भी अच्छा है कलेक्टर से।मेरी बिटिया की जगह आपके कलेजे के टुकड़े को सुलाओ ना कल साहब आंखो से खून ना आयें आंसुओं में तो कहना।खैर कराहते कलेजे के बोल भगवान कभी सच ना होने दें ओर आपकी बिटिया हमेशा खुश रहे।@KumariDiya डोली से निकली थी आप आपके बाल बच्चे होते तो कैसे सहन करती मैम आप? यहां तीस गाँव के ये हालात हैं महिलाओं ने आप से अनुरोध किया था पर तब ये विधायक @Arunamrarammla जी झूठ बोल गए कि समाधान हो गया है अब तो ये भी विधानसभा में चिल्ला रहे हैं कि हमारी समस्या का समाधान करो पर तब नये नये विधायक बने थे।@RSPCB_official@CPCB_OFFICIAL@moefcc@MoHFW_INDIA@WHO ये हालात सही हैं साहब? माननीय प्रधानमंत्री जी ये सब आपकी सरकार के कारनामे है देश का औधोगिक विकास इस किमत पर कर रहे हो आप हम साठ किलोमीटर दूर बड़े आराम से गाँव में सोते थे हमारा सबकुछ छीन लिया गया है पिछले बीस सालों में।पूरी पीढ़ी इस जहर में बड़ी हुई हैं कोई सुनने वाला नहीं है? @RavindraBhati__@VasundharaBJP@hanumanbeniwal@RahulGandhi@GovindDotasra@TheLallantop हमारी आवाज बनो ना साहब दुआ देंगे आपको।
यदि किसी को यह भ्रम हो कि भारत जैसे महादेश में राजपूतों की छाती पर पाँव रखकर धर्म, समाजवाद और न्याय का कोई विमर्श खड़ा किया जा सकता है, तो उसे यह भ्रम अपने मस्तिष्क से निकाल देना चाहिए।
क्योंकि जिन्होंने धर्म के लिए, मंदिर-मठों के लिए, नारी सम्मान के लिए, ब्राह्मणों और गायों के लिए अपनी कई पीढ़ियां हवन कर दीं हों, उन्हें धर्म रक्षण का क्या पाठ पढ़ाना ?
जिनके घर की महिलाओं ने युद्ध लड़े हों, कई क्षत्राणियां अग्निकुंड में कूद पड़ी हों, उन्हें बिसरा देंगे आप ?
जिन्होंने अकाल में अपने पराक्रम से अर्जित खजाने खोल दिए हों, जिन्होंने गांव की कन्याओं के विवाह करवाएं हों, जिन्होंने अगणित लोगों के मृत्युभोज किए हों, जिन्होंने अपनी कारीगर कौम को अपनी संतान से बढ़कर माना हो, उन्हें समाजवाद की समझ कौन दे सकता है ?
जिन्होंने निहत्थे पर वार नहीं किया, जिन्होंने वचनबद्धता के लिए अपने प्राण गंवाए, जिन्होंने शरण में आने वाले शत्रु की भी रक्षा की, जिन्होंने अपराध करने पर अपने पुत्रों को भी सूली चढ़ाया; उन्हें न्यायशास्त्र पढ़ाएंगे ?
जिन्होंने भीलों को अपनी सेना में रखा हो, पुरुषों के सामिष होने के उपरांत भी जिनकी महिलाएं नितांत वैष्णव बनी रहीं हों, जिन्होंने माँ चामुंडा की आज्ञा के बिना एक पाँव आगे न धरा हो - बताएं, उन्हें क्या सिखाएं ?
सनातन धर्म के जितने आयाम बनते हैं, राजपूत जाति ने उन सबमें अपना सर्वोच्च प्रतिभाग किया है। उनका अवदान अमोलक है।
भारत क्षत्रिय जाति के रक्त से सिंचित है। भारत उनकी अस्थियों से बनी आधारशिला पर टिका हुआ है।
वर्तमान युग का मूल्यांकन भविष्य करेगा; लेकिन इतिहास की कोई विवेचना राजपूतों के त्याग, पराक्रम और समाजवाद से परे नहीं हो सकेगी। यह बात वाम-दक्षिण दोनों पक्षों को अच्छे से समझ लेनी चाहिए।
~ प्रवीण कुमार मकवाणा