किताबें बचाने के लिए बुलडोज़र, आग से भी नहीं डरी ये बच्ची
Ananya is my star, she’s hope, she’s the future
Her courage and her keenness to learn and educate herself will change this world
खूब पढ़ो मेरी शेरनी, आगे बढ़ो, यह पूरी दुनिया तुम्हारी है
मीडिया कितना पक्षपाती हो गया है इसका बड़ा उदाहरण फिर सामने आया
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में 400 एकड़ जमीन पर पेड़ों की कटाई शुरू हुई तो पूरे देश में हाहाकार मचा है
दूसरी ओर हसदेव के घने जंगलों में अदानी के द्वारा 5000 एकड़ क्षेत्र का घना जंगल काटा जा रहा है
उस पर कोई खबर नहीं
मोदी जी @narendramodi ji हसदेव और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पेड़ों का कत्लेआम हो रहा है, कितनी माँओं के नाम की हत्या हो रही है! आपने 'एक पेड़ माँ के नाम' मुहिम चलाई यहाँ बेजुबान पशु-पक्षियों के घर उजाड़े जा रहे हैं। आप चुप क्यों?
क्या भारत की खूबसूरती—हरियाली, ऋतुएँ, पक्षियों की चहचहाहट, प्रकृति का अनमोल वरदान—इन सबको खत्म करना आपका लक्ष्य है?
ये पेड़ सिर्फ लकड़ियाँ नहीं, इन मासूम जीवों का आशियाना हैं। क्या आपका धर्म, आपकी इंसानियत आपको नहीं रोकती?
मैं हाथ जोड़कर🙏🏻आँसुओं के साथ विनती करता हूँ ये राक्षसी काम रुकवाइए। प्रकृति का प्रकोप अंधा होता है, ये गुनहगार-बेगुनाह नहीं देखता। हम खुद अपने लिए आपदाएँ बुला रहे हैं। औद्योगिक घरानों और नेताओं को कितने बुर्ज खलीफा चाहिए? और जगह ढूँढिए, ये जंगल, ये पहाड़, ये हरियाली क्यों छीन रहे हैं? क्या उन मासूम जानवरों की चीखें आपको सुनाई नहीं देतीं, जो अपने घर खो रहे हैं? क्या उनकी मूक पुकार आपके दिल तक नहीं पहुँचती? ये विकास नहीं, विनाश है। अगर आज नहीं रोका, तो कल प्रकृति हम सबको सबक सिखाएगी। मेरे देश की आत्मा इन जंगलों में बसती है, इन पेड़ों में साँस लेती है—इसे मरने मत दीजिए। मैं बार-बार प्रार्थना करता हूँ, ये कत्ल बंद कराइए, नहीं तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी माफ नहीं करेंगी
वो माँएँ जिनके नाम पर पेड़ लगाए थे, आज उनकी रूहें भी रो रही होंगी। कुछ कीजिए, वक्त अभी बाकी है रोक दीजिए इस तबाही को 🙏🏻
हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की वीडियो है ये. पक्षियों की हृदय विदारक कारुणिक आवाज़ें इसलिए आ रही हैं, क्योंकि विश्वविद्यालय कैंपस और तेलंगाना सरकार मिलकर कैंपस की सैकड़ों एकड़ पारिस्थितिकी से भरपूर ज़मीन तबाह कर रही है. विरोध करने वाले छात्रों को तो पुलिसिया दमन से रोक रहे. इन आवाज़ों को कैसे रोकेंगे?
पर्यावरण से खिलवाड़ बंद हो !
तेलंगाना में प्रदेश सरकार द्वारा 400 एकड़ जंगल को साफ करने का प्रयास, हजारों पेड़ो की कटाई सरासर पर्यावरण और वन्यजीवों के खिलाफ है।
कांचा गाचीबोवली वन (केजीएफ) को साफ करने से गंभीर परिणाम संभव है, साथ स्थानीय तापमान में भी वृद्धि भी होगी।
तत्काल कटाई की कार्रवाई को रोके सरकार।
प्रकृति की आवाज़ - हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के जंगल बचाओ 💔
हैदराबाद में 400 एकड़ का विशाल जंगल, जिसमें अनगिनत पौधे और पशु प्रजातियाँ हैं, का सफाया किया जा रहा है। अंधेरे की आड़ में बुलडोजरों ने पेड़ों को उखाड़ फेंका और वन्यजीवों को संकट में डाल दिया है 🥲🥲
भारत विकास नहीं, विनाश के पथ पर अग्रसर हो रहा है।
इन निरीह जानवरों का विनाश करके।
मार्च में 40+°C हो रहा है।आगे देखिए सिर्फ अगले 10 साल में क्या हाल होगा 😡