🚨📢जागो मूल श्वेतांबर जैन जागो
कल सुबह अपने श्वेतांबर मंदीर मे और वो भी अपने समय मे अपने बीच मे आकर श्वेतांबर वस्तुओं को तोड़ फोड़ करना कहा तक उचित है, कर्मचारी के साथ श्वेतांबर के समय मे किया अभद्र व्यवहार.40-50 गुंडों का बना श्वेतांबर स्थानिक कर्मचारी शिकार
दिगंबर और श्वेतांबर की बात उनके बीच की बात है, कोई तीसरा अगर आता है तो मेरी यही आशा रहेगी हम लोग अपने बीच की लड़ाई एक ओर रख कर अपने धर्म के साथ खड़े रहें।
यह लोग हमारे बीच के मनमुटाव का पूर्ण रूप से फ़ायदा उठा रहे हैं, मैं चाहता हूँ एकता दिखाओ।
#ReclaimGirnarJi
3 चमत्कारी प्रभु के दर्शन ✨
जिस पाषाण से जिस युग मे शत्रुंजय तीर्थ के आदिनाथ भगवान की प्रतिमा बनी थी उसी पाषाण से उसी समकालीन में यह आदिनाथ भगवान की प्रतिमा बनी हुई हैं। इतनी प्राचीन और अत्यंत चमत्कारी प्रतिमा खम्भात तीर्थ में विराजमान है। ❤️🙏
सभी सधर्मी भाईयो व बहनो से मेरा अनुरोध हैं कि स्वयं को बड़ा दिखाने की होड़ मे एक दूसरे के पंथ के त्यागी व तपस्वी गुरुजनों की निंदा ना करे और ना कोई अभद्र टिप्पणी करे। ऐसा करके आप जिन धर्म की व उसके सिद्धांतों की ही अवहेलना कर रहे हैं। कृपया करके ऐसा ना करे 🙏
प्रधानमंत्री ने मात्र 13 सेकेंड में जैनों के दूसरे बड़े तीर्थ को मिटाने की इबारत लिखनी शुरू कर दी थी। उनके कहे शब्द आज भी दिमाग में झनझनाते रहते हैं -
*इस गिरनार पर मां अम्बे भी विराजती है, गोरखनाथ टोंक है, दत्तात्रेय टोंक है और नीचे जैन मंदिर भी है* ,
@narendramodi@AmitShah
इसी 114 करोड़ रूपए के साथ-साथ जैन इतिहास को भी मिटाया जाएगा, जगह-जगह साइन बोर्ड लगाकर स्पष्ट कर दिया जाएगा कि सरकारी रिकॉर्ड में गिरनार से जैनों का नाम उसी तरह मिटा दिया गया है, जैसे इतिहास की स्लेट पर पहले कुछ लिखा ही नहीं था।
और यह अपवित्र काम करेगा, गुजरात का पवित्र बोर्ड,
Thread:
Today PM .@narendramodi Ji mentioned 5 March 1966 & #Mizoram in #ParliamentSession while replying on #NoConfidenceMotion .
So what happened on 5 Mar 1966 in Mizoram?
Definitely something which CONgress would never want you to know!
But let me tell you in detail.
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SUPER EXCLUSIVE
Most Important thread on Manipur violence.
1. Who is behind Manipur violence, and why is Manipur burning since many days?
Why Congress and other political parties are so much active on this issue?
A Deep investigation report👇
@PMOIndia जैन तीर्थंकर नेमिनाथ मोक्ष स्थली गिरनार की 5वी टोंक के वर्ष 1874 में जेम्स बर्गेस द्वारा आंखो देखा प्रमाणिक वर्णन "पत्थर पर उकेरे गये नेमिनाथ के चरण चिन्ह के उपर छोटा व खुला एक मन्दिर है जिसकी देखरेख एक दिगम्बर साधू द्वारा की जा रही है! इसके अलावा इसमें एक भारी घंटा भी लटका है!"