@RaviYad99357011@VoiceofAnsari MC दगले ये अपने घर की भाषा अपने मां बहन को use कर ये बता नाथवानी तुम्हारे जीजा थे जो भेजे बस ये बता । बाकी तुम लोग की अवकात सही दिखाई अखिलेश यादव ने दरी बिछा घर के लोग जाएंगे राज्यसभा लोकसभा
स्वर्गवासी मुलायम सिंह यादव खुद जंक्शन के समर्थन से सरकार बन चुके हैं लोकसभा में बयान दे चुके हैं कि नरेंद्र मोदी भारत के दोबारा प्रधानमंत्री बने उनकी बहू अपर्णा यादव ने खुद कहा है नेताजी अगर जिंदा होते तो समाजवादी पार्टी का विलय बीजेपी में हो चुका होता
इसमें कौन सी बहुत बड़ी हैरानी की बात है कि भाजपा के नेता के बेटे को राज्यसभा भेजा है आखिरकार समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के परिवार के लोग उनके रिश्तेदार बीजेपी में है तो हक तो अदा करना पड़ेगा
और हक अदा भी कर रहे हैं मुख्तार अंसारी अतीक अहमद अशरफ जैसे लोगों को ठिकाने लगा दिया जिनका नाम था मुस्लिम राजनीति में उनको कब्रिस्तान पहुंचा दिया और जो बच्चे हैं वह तिहाड़ जेल में आजम खान की तरह सड़ रहे हैं
आरएसएस संघ से भाजपा से अखिलेश यादव का पुराना नाता है अखिलेश यादव ने खुद कहा था कि बाबा की फाइल मेरे टेबल पर आई थी तो मैंने उसको नजरअंदाज कर दिया था और स्वर्गवासी मुलायम ने नरेंद्र मोदी से आग्रह किया था कि मेरे बेटे का ख्याल रखना और लोकसभा के अंदर नरेंद्र मोदी भी बोल चुके हैं कि टाइम पड़ने पर वक्त वक्त पर जो है अखिलेश यादव मेरा साथ दे देते हैं अपने पिताजी की तरह हां यह बात अलग है कि अपना अब्दुल जो है बेगानी शादी में दीवाना है तो उसका मैं क्या कर सकता हूं मैं एक मुसलमान हूं सच बोल सकता हूं सच लिख सकता हूं और इसके आगे क्या कर सकता हूं अब्दुल समझे तो समझ ना समझे तो मैं क्या करूं
@s_khan_BSP@yadavakhilesh जहीर तो बस वोट बैंक है वो ना सही यादव हितैषी तो बनातें घर से बाहर लक्ष्मण यादव को ही भेज देते चाचा की जगह। खैर एक सीट बीजेपी नेता जी के बेटा का तो बीजेपी के दबाव में दिए
BSCS के सर्वे ने साफ़ कर दिया है कि यूपी की 88% जनता बहन @Mayawati जी को फिर से मुख्यमंत्री देखना चाहती है
यह आँकड़े विरोधियों की ज़मीनी हकीकत और उनकी खोखली राजनीति को उजागर कर रहे हैं
जनता का यह विश्वास बसपा की जन-कल्याणकारी नीतियों और ईमानदार राजनीति का ही परिणाम है
बहन @Mayawati जी का कुशल नेतृत्व और भाई @AkashAnandBSP जी की बढ़ती राजनीतिक परिपक्वता ने विरोधियों की बोलती बंद कर दी है।
जो लोग आकाश आनंद जी को लेकर बहुजन समाज में भ्रम फैलाकर मिशन को कमजोर करना चाहते थे आज उन्हें उनके काम और जिम्मेदारी से करारा जवाब मिल रहा है।
याद रखो बहुजन मिशन अफवाहों से नहीं विचारधारा संघर्ष और समर्पण से चलता है।
जय भीम जय बसपा जय संविधान
1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री आकाश आनन्द, अपने रिश्तेदार श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति से संन्यास लिये जाने के उपरान्त, अब बी.एस.पी. के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में काफी सूझबूझ व परिपक्वता (मैच्युरिटी) प्रदर्शित करते हुये बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट के कार्यों को, परिवार व रिश्ते-नाते आदि के ऊपर प्राथमिकता देते हुये, अपनी ज़िम्मेदारी को निभाने में काफी मेहनत व तेज़ी से लग गये हैं, जबकि ’बहुजन समाज’ के लोगों को उनसे पूरी अपेक्षा भी है।
2. इसी क्रम में श्री आकाश आनन्द आगामी दिनांक 28 अक्तूबर 2026 को ज़िला बुलन्दशहर में, 02 नवम्बर को जिला सहारनपुर में, 20 नवम्बर को ज़िला अयोध्या में, 22 नवम्बर को ज़िला आगरा में तथा दिनांक 29 नवम्बर 2026 को ज़िला कानपुर नगर में बी.एस.पी. द्वारा आयोजित जनसभा को सम्बोधित करेंगे।
3. साथ ही, आगामी 26 नवम्बर 2026 को ’संविधान दिवस’ के मौक़े पर पंजाब स्टेट में बी.एस.पी. द्वारा आयोजित ’विचार संगोष्ठी समारोह’ में वे मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसके बाद वे देश में दलितों, अति-पिछड़ों व अन्य उपेक्षित बहुजनों के मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण (पुण्यतिथि) दिवस पर आगामी 06 दिसम्बर 2026 को उत्तराखण्ड राज्य के ज़िला हरिद्वार में आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह/जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे।
4. इस प्रकार से श्री आकाश आनन्द द्वारा बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट के कार्यों में पूरे जी-जान से अब लग जाने से एक बार पुनः यह साबित होता है कि पिछले दिनों जो भी अप्रिय घटनाक्रम हुये है तो उसके लिये श्री आकाश आनन्द कम व उनके रिश्तेदार श्री अशोक सिद्धार्थ ज़्यादा ज़िम्मेवार हैं, तभी इनको पार्टी से बाहर करके राजनीति से भी सन्यास लेने की सलाह दी गयी।
5. किन्तु स्वार्थी तत्वों द्वारा लोगों को क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे अपनाकर वरग़लाने का काम अभी भी लगातार जारी है, जिससे पार्टी के सभी लोग ज़रूर सावधान व सतर्क रहें और श्री आकाश आनन्द को साैंपे गये सभी पार्टी कार्यक्रमों को पूरे तन, मन, धन से लग कर उन्हें जरुर सफल बनायें।
6. साथ ही, इन अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें कि श्री आकाश आनन्द की तरह श्री अशोक सिद्धार्थ को भी पूर्व की तरह पार्टी में पुनः वापस ले लिया जायेगा। ऐसी अफवाहों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है अर्थात् अब श्री अशोक सिद्धार्थ को किसी भी स्थिति में व किसी भी क़ीमत पर फिर से पार्टी में पुनः वापिस नहीं लिया जायेगा।
7. यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि श्री आनन्द कुमार के छोटे बेटे श्री ईशान आनन्द, जो वकालत की अपनी पढ़ाई लंदन से पूरी कर चुके हैं, वे भी मेरे (पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के) दिशा-निर्देशन में, एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में बी.एस.पी. के दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय में ख़ासकर पार्टी के चुनाव व अन्य पेपरवर्क आदि से सम्बंधित कार्यों में भी सहयोग करेंगे।
1. उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड एवं पंजाब राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा आमचुनाव में पार्टी के अच्छे व दमदार उम्मीदवारों के चयन सहित सघन ज़मीनी तैयारियों आदि के बीच यहाँ जातिवादी मीडिया/सोशल मीडिया द्वारा भी, अभी से ही षडयंत्र के तहत धनबल के दुरुपयोग के सहारे फेक व ध्यान भटकाने वाला, सर्वे/सर्वेक्षण आदि का मिथ्या प्रचार शुरू कर दिया गया है, जिसमें स्वाभाविक तौर पर बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) को निशाना बनाया जाना यह अति-दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।
2. वैसे यहाँ यह कड़वी वास्तविकता भी उल्लेखनीय है कि जातिवादी मीडिया द्वारा चुनाव के दौरान बी.एस.पी. के विरुद्ध हमेशा ही मिथ्या व अनर्गल प्रचार किया जाता है तथा फेक व प्रायोजित सर्वे/सर्वेक्षण आदि में हमेशा कम व कमज़ोर करके आँका जाता रहा है। यहाँ तक कि सन 2007 में भी इनका बर्ताव ऐसा ही जातिवादी व द्वेषपूर्ण रहा था जबकि बी.एस.पी. ने तमाम लोगों के क़यासों व उम्मीदों पर पानी फेरते हुये पूर्ण बहुमत की अपनी सरकार बनायी थी और फिर यूपी में सबके साथ न्याय करने हेतु ’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’ कायम करने सहित ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के नये संवैधानिक कल्याणकारी युग की शुरूआत हुई थी।
3. इसीलिय यूपी में पहले सपा और अब भाजपा राज से त्रस्त सर्वसमाज से तथा ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों से यही अपील है कि वे विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों सहित सभी प्रकार के मिथ्या व दुष्प्रचार आदि से ज़रूर सावधान रहें और अपनी मा. बहनजी के नेतृत्व में पाँचवीं बार बी.एस.पी. की सरकार बनाने में पूरे जी-जान से लगातार लगे रहें, जिसमें ही सबका हित निहित व सुरक्षित भी है।
नवनीत प्रियदर्शी के गृह जनपद, वीरों की धरती आजमगढ़ में आज के डेट में 4 सीट कन्फर्म है।
मै दावे के साथ कह सकता हूं कि बहन जी और आकाश आनंद के रैली के बाद 5-6 हो सकती है।
वैसे 2022 में भी हर सीट पर 45000+ वोट पाई थी जब एकदम बुरा दौर था।
2017 में 19 में 4 सीट आजमगढ़ में ही जीती थी
ब्रेकिंग न्यूज़ :-
➡️ यूथ आइकन आकाश आनंद की रैली से पहले बदला आजमगढ़ का माहौल
➡️सपा-बीजेपी से टिकट लेने से लोग कर रहे इंकार
➡️ नवंबर में देंगे आकाश आजमगढ़ की धरती पर दस्तक