संस्कृत का एक श्लोक है—
"आयु, वित्त, गृहछिद्रम, दान, मान, अपमान, मंत्र, औषध च नव गोपका
अर्थात ये आठ बातें किसी को बतानी नहीं चाहिए। हालाँकि आज लोग इन बातों को पुरातनपंथी या दकियानूसी कह सकते हैं, लेकिन ये आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। आइए एक-एक करके समझते हैं—
1. आयु (उम्र)
यदि आप अपनी उम्र सबको बताते हैं, तो लोग तरह-तरह की तुलना करने लगते हैं। कोई कहेगा कि इतनी कम उम्र में बहुत तरक्की कर ली, तो कोई कहेगा कि आधा जीवन व्यर्थ चला गया। इसलिए अपनी उम्र का अनावश्यक प्रदर्शन न करें।
2. वित्त (आय/धन)
अपनी आय या कमाई किसी को नहीं बतानी चाहिए। इससे लोग तुलना करते हैं, ईर्ष्या करते हैं या आपकी आर्थिक स्थिति का गलत आकलन करने लगते हैं।
3. गृह-छिद्र (घर की बातें)
घर में कोई समस्या, विवाद या कलह हो जाए तो उसे बाहर नहीं बताना चाहिए। लोग बाद में उसी का मज़ाक उड़ाते हैं और आपकी प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
4. दान
अपने दान का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। दिखावे से दान का पुण्य कम हो जाता है और अहंकार बढ़ता है।
5. मान (सम्मान)
यदि कहीं आपका सम्मान हुआ हो, तो उसका स्वयं महिमामंडन नहीं करना चाहिए। अच्छे कार्य का मूल्य लोग स्वयं समझ लेते हैं।
6. अपमान
यदि कहीं आपका अपमान हुआ हो, तो उसे भी हर जगह बताने की आवश्यकता नहीं है। लोग सहानुभूति कम और उपहास अधिक कर सकते हैं।
7. मंत्र
गुरु से प्राप्त मंत्र या साधना को गोपनीय रखा जाता है। उसकी शक्ति और प्रभाव के लिए उसका गुप्त रहना आवश्यक माना गया है।
8. औषध (दवा)
पुराने समय में लोग दवा तो बता देते थे, लेकिन उसका पूरा रहस्य नहीं बताते थे। इसका आशय यह है कि हर उपचार या उपाय का विवेकपूर्ण उपयोग होना चाहिए।
निष्कर्ष:
हमें इन आठ बातों—आयु, वित्त, गृह-छिद्र, दान, मान, अपमान, मंत्र और औषध—को यथासंभव गोपनीय रखना चाहिए। यही नीति, विवेक और जीवन की परिपक्वता का संकेत है।
हर हर महादेव !!!
गोपाल राव का जलवा कायम है। अयोध्या से ताज़ा वीडियो। ट्रस्ट के मुख्यालय पर दनदनाता घूम रहा है राव। किसी की हिम्मत नहीं रोक सके। गोपाल को देखते ही पुलिस ने गेट खोल दिए और वो धड़धड़ाते हुए ट्रस्ट के मुख्यालय में दाखिल। बाहर कुछ साधु महात्मा वेटिंग में लेकिन राव का जलवा बरकरार। राव पर रामधन लूट गबन के आरोप हैं लेकिन ट्रस्ट मुख्यालय जहां बचे खुचे सबूत हैं वहां इनका डायरेक्ट दखल है।
@ShriRamTeerth@LucknowDivision@Igrangelucknow@igrangeayodhya@ayodhya_police
@MuditUpdates कम से कम इसको तो पता कर लो कि एक आम आदमी पास कैसे बनवा पाएगा बेशक निःशुल्क बनता है लेकिन जिसकी बड़े लोगों से पहुंच है वही बनवा पता है एक आम आदमी तो लाईन लगाकर ही दर्शन कर पाता है
उनसे पूछना जरा राम दरबार आज भी सामान्य श्रद्धालुओं के लिए क्यों नहीं खोला गया है
@sureshsinghj@ians_india https://t.co/eJcR0YSX89
बिना पूरा मसला समझे आपको किसी के ऊपर आक्षेप नहीं लगाना चाहिए पहले वीडियो देखें उसके बाद अपनी प्रतिक्रिया दें
जो शहीद भारत भूषण तिवारी जी को पागल और मूर्ख बताते हैं उनके लिए यह आइना है कि भारत भूषण तिवारी आज से ही नहीं विगत वर्षों से जनहित के कार्यों में सक्रिय रूप से लगे हुए थे
शहीद भरत तिवारी जी ने आज से 10 वर्ष पहले यानी 2017 में बिहिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म निर्माण कार्य अच्छे से नहीं होने पर दानपुर रेलवे DRM को पत्र लिखा था,,,,, जिसे DRM ने रिसीव भी किया था और उसके बाद बढ़िया काम भी हुआ था
ऐसे जनहित के मुद्दे को उठाने के कारण ही भरत तिवारी भ्रष्ट SDM के आंख की किरकिरी बन गए थे
Hum aur tum aur yeh saman is not about any vocal acrobatics. The beauty lies in its simplicity. बोलिए न बोलिए, सब सुना सुना सा है। is actually a stage of love when the silence communicates more than speech. Rafi Saheb is soft and magical, Shammi Kapoor at his romantic best.. Love this one.
@UPSRTCHQ@RM_PRG परिवहन विभाग से निवेदन है कि कृपया आप स्पष्ट कर दें कि पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों के किराया को लेकर क्या नियम बनाए गए हैं एवं वह कब से लागू हो रहे हैं किराया शुल्क पूर्ण माफ हुआ है कि आंशिक रूप से माफ हुआ है इसको स्पष्ट कर दीजिए