🚨 #गोरखपुर में #CHOs के वेतन पर मनमानी क्यों??
बाकी #NHM कर्मचारियों का वेतन आ गया, लेकिन CHO का वेतन जानबूझकर एक फॉर्मेट के नाम पर रोककर रखा गया है!
आखिर #CHO के साथ ही यह अलग नियम क्यों?
एक ही विभाग, एक ही मिशन, एक ही मेहनत—फिर वेतन के भुगतान में यह दोहरा मापदंड क्यों?
🚨 यदि वास्तव में जानबूझकर भुगतान में देरी की जा रही है, तो यह केवल वेतन में देरी नहीं बल्कि CHO के अधिकारों के साथ सीधा खिलवाड़ है।
CMO/DCPM जवाब दें—
❓ बाकी NHM कर्मचारियों का भुगतान हो सकता है तो CHO का क्यों नहीं?
❓ CHO के लिए अलग नियम किस आदेश के तहत बनाया गया?
❓ आखिर CHO के वेतन को कब तक रोका जाएगा?
✊ अब बहाने नहीं चलेंगे!
✊ अब CHO चुप नहीं बैठेंगे!
✊ काम CHO करें और वेतन के लिए भीख मांगें—यह व्यवस्था स्वीकार नहीं होगी!
वेतन रोककर CHO को दबाने की कोशिश बंद करो।
हम अपना हक मांग रहे हैं, किसी की कृपा नहीं! 🔥
#Gorakhpur #CHO_का_वेतन_दो #ReleaseCHOSalary #CHOUnity #NHMEmployees #ACHOUP
@myogiadityanath@brajeshpathakup@JPNadda@PMOIndia@MoHFW_INDIA@nhm_up@UPGovt@BJP4UP@UpNhm@Dm_Gorakhpur@AU_GKPNews@DhsGorakhpur
🚨 धमकी नहीं, जवाब दो!
#लखीमपुर_खीरी में #AMS के नाम पर #CHOs को मानदेय रोकने और संविदा समाप्ति की धमकी दी जा रही है। सवाल है—जब AMS पूरे #NHM के लिए है, तो कार्रवाई सिर्फ CHOs पर क्यों?
यदि नियम सबके लिए है तो पालन भी सब करें। चुनिंदा नोटिस, चुनिंदा कार्रवाई और चुनिंदा उत्पीड़न आखिर किसके इशारे पर?
स्वास्थ्य व्यवस्था का सबसे बड़ा बोझ उठाने वाले स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ #CHOs को बार-बार निशाना बनाना बंद कीजिए।
#OneNHMOneRule #RespectCHOs #CHOEkta #AMS_Hatao_Ya_SabParLagao #NHMUP #JusticeForCHOs #StopDiscrimination
@PMOIndia@JPNadda@myogiadityanath@brajeshpathakup@DMKheri@Dhs_Lakhimpur@Dhs_LakhimpurK@nhm_up@UpNhm
संवाद से समाधान होगा ।
मनमानी नही चलेगा । आदेश निकालना है तो सब पर बराबर निकालो ।।
CHO के लिए दिए गए आदेश से लगता है इनका सबसे बड़ा दुश्मन CHO ही है ।।
ऑनलाइन काम बंद हो गया तो इससे भी बड़ी दिक्कत होगी ।।
इस प्रकार के आदेश मन मे बहुत सवाल पैदा कर रहा है हमारी भी बाते सुनी जाय।
🚨 मथुरा में #CHO सम्मान पर सीधा हमला ?
आयुष्मान आरोग्य मंदिर संकेत पर तैनात #CHO के साथ चिकित्सा अधीक्षक बरसाना द्वारा कथित अभद्रता, धमकी, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत ने पूरे CHO संवर्ग को झकझोर दिया है।
जो CHO दिन-रात जनता की सेवा में लगे हैं, क्या उन्हें बदले में अपमान और धमकियां मिलेंगी?
यदि आरोप सत्य हैं तो यह केवल एक CHO नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के सम्मान पर हमला है। दोषियों को बचाने का कोई प्रयास #CHOs बर्दाश्त नहीं करेंगे।
#ACHOUP ने #CMO मथुरा से निष्पक्ष जांच और दोषी पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
CHO सेवा के लिए हैं, शोषण के लिए नहीं।
सम्मान चाहिए, न्याय चाहिए, जवाबदेही चाहिए।
#RespectCHOs #JusticeForCHO #CHOEkta #NHMUP #Mathura @nhm_up@BrajeshPathakUP@CMOfficeUP@myogiadityanath@MoHFW_INDIA@JPNadda@DMMathura1@dhsmathura@Uppolice@mathurapolice@MathuraKi@mathura@OfficeCdo79039@cdo_mathura
माननीय @CMOfficeUP@brajeshpathakup जी,
जनपद सुल्तानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का लगभग 15 माह से Performance Based Incentive (PBI) लंबित है।
कृपया संज्ञान लेकर लंबित PBI का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की कृपा करें। @SultanpurDm@dhs_sultanpur#CHO#NHM
🚨 #CHOs को चेतावनी, अन्य #NHM कर्मचारियों को छूट?
जब #AMS का आदेश पूरे #NHM के लिए है, तो कार्यवाही केवल CHOs पर क्यों? क्या नियम और अनुशासन सिर्फ CHOs के लिए ही हैं?
चुनिंदा नोटिस, चुनिंदा दबाव और चुनिंदा कार्रवाई स्पष्ट रूप से दोहरे मापदंड को दर्शाती है। स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी CHOs निभाएं और जवाबदेही भी केवल उन्हीं से मांगी जाए?
यदि AMS अनिवार्य है तो सभी NHM कर्मियों पर समान रूप से लागू हो, अन्यथा यह भेदभाव तत्काल बंद किया जाए।
"एक NHM – एक नियम"
#OneNHMOneRule #EkNhmEkNiyam #JusticeForCHOs #AMS_हटाओ_या_सबपर_लागू_करो
@nhm_up@brajeshpathakup@myogiadityanath@JPNadda@MoHFW_INDIA@PMOIndia@Achoup2023@dmhardoi@dhs_hardoi
⚠️ अंतिम चेतावनी...!
#CHOs को टारगेट करना बंद करें।
यदि #AMS नियम है, तो @nhm_up की MD मैडम के आदेशानुसार #NHM के हर कर्मचारी पर समान रूप से लागू किया जाए।
केवल CHOs पर दबाव और बाकी संवर्गों को छूट देना स्पष्ट भेदभाव और दोहरा मापदंड है, जिसे अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदेशभर के CHOs इस भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर भारी आक्रोश है। यदि "One NHM, One Rule" का सिद्धांत तत्काल लागू नहीं किया गया, तो CHOs अपने संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों के तहत प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी और जवाबदेही उन अधिकारियों की होगी, जिन्होंने समान नियम लागू करने के बजाय भेदभावपूर्ण व्यवस्था को बनाए रखा।
"एक NHM – एक नियम"
"सम्मान चाहिए, भेदभाव नहीं"
"नियम सबके लिए, या किसी के लिए नहीं"
#OneNHMOneRule #JusticeForCHOs #RespectCHOs
@PMOIndia@myogiadityanath@JPNadda@brajeshpathakup@nhm_up@Achoup2023@DevToma91442321
इस तरीके के मामले को तुरंत सज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करनी चाहिए और निष्पक्ष जांच के दायरे में रखना चाहिए दोषियों को बख्शा नही जाना चाहिए ।।
CHO को अब किस हद तक प्रताड़ित किया जाएगा ।।
🚨 #CMO बस्ती का पत्र गंभीर सवाल खड़ा करता है।
पत्र की प्रतिलिपि के बिंदु-8 में प्रतिदिन Zoom/वीडियो कॉल के माध्यम से केवल #CHOs की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
सवाल यह है—क्या बाकी #NHM कर्मचारी इस व्यवस्था से बाहर हैं?
यदि Zoom निगरानी आवश्यक है, तो वह सभी NHM कर्मियों पर लागू होनी चाहिए, केवल CHOs पर नहीं।
एक ही विभाग में दो तरह की व्यवस्था स्वीकार नहीं होगी।
चुनिंदा निगरानी, चुनिंदा कार्रवाई और चुनिंदा उत्पीड़न बंद होना चाहिए।
एक NHM – एक नियम।
#OneNHMOneRule #JusticeForCHOs #NHMUP
@PMOIndia@myogiadityanath@JPNadda@brajeshpathakup@nhm_up@UpNhm@dmbas_@dhs_basti
🚨 अब साफ़ हो गया है— हमेशा की तरह CHOs को दबाने की कोशिश की जा रही है!
धमकी पर धमकी, नोटिस पर नोटिस... लेकिन सवाल वही है—क्या #AMS का नियम सिर्फ #CHOs के लिए है?
अगर नियम सबके लिए हैं, तो कार्रवाई भी सब पर हो।
चुनिंदा उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं होगा।
"एक NHM—एक नियम"
#JusticeForCHOs #Stop_AMS #NHMUP
@PMOIndia@myogiadityanath@JPNadda@brajeshpathakup@nhm_up@SultanpurDm@dhs_sultanpur
आदेश सबके लिए, कार्रवाई सिर्फ CHOs पर?
हरदोई CMO जवाब दें— AMS यदि अनिवार्य है तो सभी NHM कर्मियों के लिए लागू करें, अन्यथा केवल CHOs को प्रताड़ित करना बंद करें।
भेदभाव नहीं चलेगा, दोहरा मापदंड नहीं चलेगा!
@JPNadda@brajeshpathakup@nhm_up@Sen2Partha@dmhardoi@dhs_hardoi
AMS Boycott! Boycott! Boycott!
AMS का बहिष्कार, अधिकार हमारा!
जब तक न्याय नहीं, तब तक AMS Boycott!
समान कार्य, समान वेतन – AMS Boycott!
रेगुलराइजेशन दो, AMS Boycott रोको!
CHO एकता ज़िंदाबाद – AMS Boycott ज़िंदाबाद!
आवाज़ दो – हम एक हैं! AMS Boycott!
हक़ लेकर रहेंगे – AMS Boycott
@nhm_up@DyCMofficeBP@CMOfficeUP@UPGovt@dmayodhya@AyodhyaCDO प्रश्न यह है— ✅ 2 डिवाइस की सीमा किस शासनादेश/SOP में निर्धारित है? ✅ मोबाइल बदलने, Factory Reset या App Reinstall की तकनीकी स्थिति का परीक्षण किए बिना स्पष्टीकरण क्यों? ✅ बिना स्पष्ट नियम के कर्मचारियों को मानसिक एवं प्रशासनिक रूप से परेशान क्यों किया जा रहा है?
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