चित भी मेरा, पट भी मेरा!
किताब भी यही बेचेंगे,
पढ़ाएंगे भी यही।
सेटिंग भी यही करेंगे,
सीट भी यही बेचेंगे।
रद्द भी यही करवाएंगे,
फिर आंदोलन में भी यही बैठेंगे।
कोर्ट भी यही दौड़ेंगे,
तस्वीरें भी यही खिंचवाएंगे,
जंतर-मंतर के आंदोलन को भी यही कोसेंगे।
मतलब खेल भी इनका, नियम भी इनके, फैसला भी इनका और फायदा भी इनका।
आप बस तैयार रहिए
भीड़ बनने के लिए। @JmmJharkhand@HemantSorenJMM
जो गैंग लगातार यह अफवाह फैला रहे हैं कि मामले में कोई सीनियर वकील पेश नहीं हुआ, बल्कि केवल जूनियर वकील ही उपस्थित हुए थे।
तो कृपया देख लें और अपना भ्रम दूर कर लें, क्योंकि Sr. AAG अच्युत केशव और संजय पिपरवाल ने पक्ष रखा था।
@JmmJharkhand@HemantSorenJMM@MithileshJMM@JMM_Garhwa
भाजपा का नया तुगलकी फ़रमान
मराठी नहीं आता - तो चालान कटेगा - महाराष्ट्र में रोज़ी रोज़गार नहीं करने दिया जाएगा।
झारखंड समेत अन्य राज्य के निवासी को महाराष्ट्र में अब गाड़ी चलाने के लिए सिर्फ लाइसेंस और परमिट काफी नहीं - मराठी का टेस्ट भी पास करना होगा!
पूरा मराठी आना होगा।
भाजपा की अब अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाषा को भी डर और दंड का औज़ार बना दिया है।
हिंदी का सम्मान कहाँ गया ?
कल तक “एक देश, एक भाषा” की बातें, और आज रोज़गार के लिए आए आम आदमी से भाषा की परीक्षा?
भाजपा बताए - क्या अब देश के हर राज्य में रोज़गार करने के लिए पहले वहाँ की भाषा की परीक्षा होगी?
भाजपा पूरे देश को टुकड़ों में बाँटने की घृणित राजनीति कर रही है।
माननीय मुख्यमंत्री जी, करुणा के स्वरूप लोकप्रिय नेता आपसे निवेदन है कि श्री अनिल रजक एक ऑटो चलाने वाला दिव्यांग की नियुक्ति आपके कर कमलों द्वारा दी गई थी लेकिन आज कोचिंग माफियाओं के भीड़ ने इसकी नौकरी खतरे में ला दी है , इनका कोई नहीं 🥺@JmmJharkhand@HemantSorenJMM@The_FollowUp
झारखंड समेत पूरे देश में पनपे इन फर्जी कोचिंग माफियाओं के आतंक पर नकेल कसना बहुत जरूरी है।
युवाओं को ठगने और दिगभ्रमित करने में इन माफियाओं ने कालाबाजारी की सारी हदें पार कर रखी हैं।
@BJP4Jharkhand ने राज्य भर में फैले इन फर्जी कोचिंग माफियाओं को हमेशा संसाधन प्रदान करने का काम किया है। क्यूं ? यह झारखंड के मेहनती युवा पहचान गए हैं।
झूठ को फैक्ट्री और माफियाओं की जनक तो भाजपा है।
यकीन नहीं होता तो दिनेश बिवाल से पूछ सकते हैं मूढ़ @BJP4Jharkhand
वैसे आज तक जवाब नहीं दिया है भाजपा ने कि 19 राज्यों में जो 110 से अधिक पेपर लीक हुए उनमें कितने राज्यों में भाजपा की सरकारें थी?
और देश भर में फैले इस सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने के लिए भाजपा ने क्या किया?
एक गरीब परिवार के छात्र के लिए सरकारी नौकरी सिर्फ नौकरी नहीं होती। वह उसके माता-पिता के वर्षों के त्याग, उम्मीद और संघर्ष का परिणाम होती है। सरकार को इस दर्द को समझना चाहिए।
भाजप सरकार की बानगी....
देश की राजधानी में सदन के नेता प्रतिपक्ष को उतरना पड़ता है, तब भी Pellet Victim की FIR लिखने पर घंटों की नौटंकी।
आज तक देश को जवाब नहीं मिला कि pellet gun चलाने का ऑर्डर किसने दिया?
@BJP4Jharkhand
भाजपा की तरह ठगी और जालसाजी का दूसरा पर्याय बन चुके हैं फर्जी कोचिंग माफिया। इनके सिंडिकेट को खत्म करना बहुत जरुरी हो गया है।
हेमंत सरकार का धन्यवाद कि कोर्स बेचो...पेपर लीक कराओ...फिर कोर्स बेचो.... के इन सिंडिकेट पर कड़ी कार्रवाई जा रही है।
स्मरण होगा, झारखंड में जब कोचिंग में पढ़ने वाले युवाओं को सुविधा और शिक्षा को लेकर भी कानून बनाया गया तब भी @BJP4Jharkhand ने हाय तौबा मचा रखी थी।
सिंडिकेट कहां से चलता है, यह झारखंड वासियों को जगजाहिर हो रहा है।
माइंस एंड मिनरल्स (डवलपमेंट एंड रेगुलेशन) यानी MMDR Amendment Act में हालिया संशोधनों से झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को अपने खनिज अधिकारों और कर लगाने की स्वायत्तता सीमित होने का खतरा है। राज्य सरकार के अनुसार इससे हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है, जिससे कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होगी।
यह बिल झारखण्ड की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी!
राज्य के साथ सौतेला व्यवहार बंद करें केंद्र सरकार!
@HemantSorenJMM
Writing
झारखंड #JSSCCGL के ऐसे हजारों जेन्युइन बच्चों की मेहनत को सलाम।
मुश्किल हालात के बावजूद इन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।
इनकी सफलता सिर्फ इनकी नहीं, पूरे झारखंड के युवाओं की उम्मीद है।
ऐसे मेहनती बच्चों का हक और भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए। ❤️