प्रयागराज में सेवा का यह अध्याय अनेक अविस्मरणीय स्मृतियों, चुनौतियों और उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा।
विदाई के इस भावुक अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक सहयोगियों पूरी टीम द्वारा मिला आत्मीय स्नेह, सम्मान, मेरे लिए जीवनभर की अमूल्य धरोहर रहेगा।
धन्यवाद, प्रयागराज।
#Prayagraj
एम्स रायबरेली एवं सेवादान आरोग्य संस्था के मध्य एमओयू का आदान-प्रदान संपन्न
मरीजों एवं उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एम्स रायबरेली एवं सेवादान आरोग्य संस्था के मध्य गुरुवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डाक्टर अमिता जैन की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया।
इस समझौते के अंतर्गत सेवादान आरोग्य संस्था द्वारा एम्स रायबरेली परिसर में मरीजों के तीमारदारों के लिए विश्राम गृह (नाइट शेल्टर) का निर्माण कराया जाएगा। यह सुविधा दूर-दराज़ से उपचार के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराएगी, जिससे उपचार अवधि के दौरान उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में एम्स रायबरेली की ओर से कर्नल अखिलेश सिंह, उप-निदेशक (प्रशासन) एवं सेवादान आरोग्य संस्था की तरफ़ से अमित दास ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए और एमओयू का एक दूसरे से स्थानातंरण किया।
संस्थान की ओर से कार्यकारी निदेशक डॉ अमिता जैन, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यू. एन. राय, अधीक्षण अभियंता श्री हरीश यादव सहित अभियांत्रिकी विभाग से अन्य अधिकारी तथा सेवादान आरोग्य फाउंडेशन की ओर से श्री अमित दास एवं श्री डी डी पाण्डे उपस्थित थे।
MoU Exchanged Between AIIMS Raebareli and Sevadan Arogya Sanstha
In a significant initiative aimed at facilitating patients and their attendants, an exchange of a Memorandum of Understanding (MoU) took place on Thursday between AIIMS Raebareli and Sevadan Arogya Sanstha. The event was held in the distinguished presence of Professor (Dr.) Amita Jain, Executive Director of AIIMS Raebareli.
Under this agreement, Sevadan Arogya Sanstha will construct a rest house (night shelter) for patients' attendants within the AIIMS Raebareli campus. This facility will provide safe, clean, and dignified accommodation to the families of patients arriving from distant areas for treatment, offering them considerable relief during the treatment period.
During the event, Colonel Akhilesh Singh, Deputy Director (Administration), signed the MoU on behalf of AIIMS Raebareli, while Mr. Amit Das signed on behalf of Sevadan Arogya Sanstha; the documents were then exchanged between the two parties.
Executive Director Dr. Amita Jain, Deputy Director (Administration) Colonel Akhilesh Singh, Financial Advisor Colonel U.N. Rai, Superintending Engineer Mr. Harish Yadav, and other officials from the Engineering Department, representing the Institute; Mr. Amit Das and Mr. D.D. Pandey represented the Sevadan Arogya Foundation. @MoHFW_INDIA@Amita2606
वीसी साहब #एलडीए से एक बार जांच करा लीजिये #इमारगोमतीग्रीन आवासीय कालोनी है नियमों के अनुसार व्यवसायिक गतिविधियां नहीं की जा सकती बावजूद यह सब धड़ल्ले से चल रहा है देर रात हुड़दंग के चलते @DCP_South स्थानीय निवासियों को आए दिन परेशानी हो रही है @LkoDevAuthority@lkopolice@LkoCp
⚜️क्या आप जानते हैं?
वैदिक परंपरा में हर जन्म तिथि (तिथि) का एक अधिष्ठाता देवता माना गया है। मान्यता है कि जिस तिथि में आपका जन्म हुआ, उस तिथि के अधिष्ठाता देवता का स्मरण और उपासना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा प्रदान करती है।🛕🚩
🚨परन्तु अधिकांश लोगों को ये पता ही नहीं होता कि उनके अधिष्ठाता देव कौन से हैं, जिस कारण अपने जीवन में शायद उन्होंने कभी उनकी पूजा भी ना की हो।
आज की पोस्ट में जानिए अपने अधिष्ठाता देव के बारे में ;
🕉️ प्रतिपदा – अग्नि देव
🕉️ द्वितीया – ब्रह्मा
🕉️ तृतीया – माता गौरी
🕉️ चतुर्थी – श्री गणेश
🕉️ पंचमी – नाग देवता
🕉️ षष्ठी – भगवान कार्तिकेय
🕉️ सप्तमी – सूर्य देव
🕉️ अष्टमी – भगवान शिव
🕉️ नवमी – माता दुर्गा
🕉️ दशमी – यमराज
🕉️ एकादशी – भगवान विष्णु
🕉️ द्वादशी – भगवान विष्णु
🕉️ त्रयोदशी – कामदेव
🕉️ चतुर्दशी – भगवान शिव
🕉️ पूर्णिमा – चन्द्र देव
🕉️ अमावस्या – पितृगण
यदि बस्ती में बड़े और मध्यम उद्योग स्थापित होते हैं तो इसका सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। उन्हें रोजगार के लिए महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा और जिले की आर्थिक तस्वीर भी बदलेगी। @basti_log
समय की मांग स्पष्ट है—बस्ती को केवल रोजगार खोजने वाला जिला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला जिला बनाना होगा। औद्योगिक विकास ही इस परिवर्तन का सबसे मजबूत माध्यम बन सकता है।
इसी विषय पर प्रतिष्ठित समाचार पत्र #विजयदूत में प्रकाशित एक मेरा लेख।