अभी तो हमें और ज़लील होना है, माना कि यह होना है, पर एक झंडू देश इंग्लैंड से भी अपमानित होना पड़ेगा, यह तो ग़ज़ब ही है.
इंग्लैंड असल में अमेरिका का एक उपनिवेश है. इस मामले में वह बिना माई फ़्रेंड डोलांड से पूछे कुछ नहीं कर सकता है. करना तो दूर, कह भी नहीं सकता है. पर यह सब हो रहा है.
“वो (मोहन भागवत) कह रहे हैं कि हम छुपा के कर रहे हैं क्या ? ‘संघ’ के नाम पर कर रहे हैं !
मैं भी वही पूछ रहा हूँ - ‘संघ’ के नाम पर कर रहे हैं तो संघ क्या है ? कौन है ? संघ का पैसा कहॉं से आता है ? ये जो Security मिली है वो क्या Tax Payer का पैसा नहीं है ?
और ये क्या नाटक है कि 100 साल से किसी मे नहीं पूछा..तो क्या और 100 साल भी नहीं पूछें ?”
@PriyankKharge जी RSS की खटिया खड़ी किए बिना नहीं मानेंगे 🔥🔥🔥
दूध का कारोबार करने वाले भाई ने नितिन गड़करी से प्रभावित होकर M 20 दूध लाने का सोचा है - 20% मिनरल वाटर युक्त दूध 😂😂
यदि आप M-20 और M-80 को उसी रूप में रखना चाहते हैं, तो परिष्कृत पाठ इस प्रकार होगा:
आगे चलकर M-20 दूध को एक साल के भीतर हम M-80 दूध भी देने लगेंगे, यानि 80 प्रतिशत मिनरल वाटर युक्त दूध, इसके कई चमत्कारिक फायदे हैं और ये जेब पर भी काफी हल्का होगा, लगभग 20 रुपये लीटर 😆
@Khurpench_ ये जान बूझ कर किया जा रहा है ताकि रेल वन ऐप की तरह IRCTC को PPP मॉडल के आधार पर लागू किया जा सके जिससे और कंज्यूमर को बहुत नुकसान होने वाला है उसको समय से रिफंड नहीं मिलेगा और ना टिकट और कैंसलेशन चार्ज और बढ़ जाएगा
@Khurpench_ चोरों के सब साथी?ट्रेन में 80 रु की थाली को 120 में बेचने वाले,ताली बजाकर यात्रियों को प्रताड़ित करने,लूटने वाले,स्टेशन पर बने वाशरूम को गंदा/बंद रखने,रिजर्वेशन सिस्टम को हाईजैक करने वालों का ईलाज तो ये करने से रहे,मजबूर जनता नेपाली फॉर्मूला ही समझती है अंतिम विकल्प @RailwaySeva
@Khurpench_ IRCTC ही क्या सरकार की कोई भी वेबसाइट ठीक से चलती ही नहीं है, APY में अकाउंट खुला लिया लेकिन कौन भी login नहीं कर सकता, अपनी डिटेल्स किसी भी तरह से न देख सकता है और ना अपडेट कर सकता है यही हाल परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग का है। सरकारी यूनिवर्सिटीज की वेबसाइट का ही यही हाल है।
आपका नाम अश्विनी वैष्णव है।
आप रेल मंत्री हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर “रील मंत्री” के नाम से ज्यादा फेमस हैं।
अब आपने भरोसा दिलाया है कि IRCTC की खराब वेबसाइट 30 दिनों में अपडेट हो जाएगी।
वही IRCTC, जहां टिकट से पहले यात्री CAPTCHA से कुश्ती लड़ता है।
वही IRCTC, जहां तत्काल बुकिंग 10 बजे शुरू होती है और उम्मीद 10:01 पर दम तोड़ देती है।
वही IRCTC, जहां लॉगिन फेल, OTP लेट, पेमेंट हैंग, पैसा कट और अंत में नतीजा - वेटलिस्ट या रिग्रेट।
पिछले 3,037 दिनों से यात्री वेबसाइट पर बुलेट ट्रेन नहीं मांग रहे।
वे बस इतना चाहते हैं कि टिकट बुक करते समय सिस्टम इंसानों जैसा काम करे , सरकारी दफ्तर जैसा नहीं।
डिजिटल इंडिया में एक ट्रेन टिकट बुक करना अगर UPSC प्रीलिम्स जैसा लगने लगे , तो समस्या यात्री की नहीं , सिस्टम की है।
जो ना समझे वो "अनाड़ी" है...😉
#Slovakia की आबादी महज 54 लाख 20 हज़ार की है. यानी कि अहमदाबाद, सूरत या पुणे के बराबर.
सिर्फ 3 से साढ़े तीन हजार भारतीय वहां रहते हैं. जो आईटी प्रोफेशनल्स हैं या ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में काम करते हैं.
मोदी जी की "डंका पीट" लोकप्रियता देखिए कि वो सभी अपना काम काज, नौकरी चाकरी छोड़कर उनके स्वागत में "मोदी मोदी मोदी मोदी" करने पहुंच गए हैं 😂😂
दरअसल क्या है कि अडानी समूह का इस समय सबसे बड़ा फोकस रिन्यूएबल एनर्जी मतलब सौर और पवन ऊर्जा पर है. स्लोवाकिया और पूरा यूरोपीय संघ इस समय ग्रीन एनर्जी और कार्बन-न्यूट्रल तकनीकों की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है.
स्लोवाकिया भौगोलिक रूप से सेंट्रल यूरोप के बिल्कुल बीच में स्थित है, जो इसे पूरे यूरोप के लिए एक बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाता है. अडानी समूह भारत के बाहर अपने पोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार कर रहा है. इसके लिए जरूरी है कि स्लोवाकिया के साथ व्यापार के समझौते किए जाएं ताकि वहां जड़ जमा कर #EU के बाजार में क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी के धंधे के लिए पैर पसार जा सके.
दूसरा है टाटा समूह. जिसके प्रमोटर मोदी जी के साथ स्लोवाकिया गए हैं.
टाटा समूह की कंपनी जगुआर लैंड रोवर पहले ही स्लोवाकिया में लगभग 1.4 बिलियन यूरो यानी करीब 12,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश कर चुकी है. इसी समूह की कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी 'टाटा ऑटोकॉम्प' ने स्लोवाकिया के लोज़ोर्नो में लगभग 300 मिलियन यूरो यानी करीब 2,700 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अधिग्रहित किया है.
टाटा पावर सोलर' और 'अडाणी ग्रीन/सोलर' भारत में क्लीन एनर्जी और सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग के बाजार में नंबर वन बनने के लिए सीधे तौर पर मुकाबला कर रहे हैं. मुंबई जैसे महानगरों में बिजली सप्लाई के नेटवर्क को लेकर 'टाटा पावर' और 'अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस' के बीच सीधा कॉम्पिटिशन है. अब टाटा को इस कॉम्पिटिशन से हटाना है तो भरपाई के लिए उसे किसी दूसरे क्षेत्र में फायदा दिलाना होगा ना..😂
तीसरे हैं Amara Raja Group ke मालिक जयदेव गल्ला. जयदेव गल्ला तेलुगु देशम पार्टी से दो बार सांसद रह चुके हैं. 'अमारा राजा' भी यूरोप में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ती मांग को लेकर स्लोवाकिया में बैटरी सेक्टर में बड़ा निवेश कर रही है.
मोदी सरकार में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी #TDP तीसरा सबसे बड़ा घटक दल है. जयदेव गल्ला ,चंद्रबाबू नायडू के सबसे करीबी लोगों में हैं जो उनकी पार्टी को आर्थिक मदद देते हैं.
चंद्रबाबू नायडू नाराज़ हो जायेंगे तो मोदी सरकार, गिर जाएगी.
मोदी जी ये रिस्क तो लेंगे नहीं तो वे जयदेव गल्ला के लिए भी काम करेंगे ही....
बाकी हम लोग मुदित मंत्रमुग्ध होकर "मोदी जप नाम" में सुध बुध खोये रहें. इसी से पेट भी भर जाएगा और हमारे बच्चों का भविष्य भी रोशन हो जाएगा...😌
हमें बताया जा रहा था कि भारत की बेहाल अर्थव्यवस्था की वजह अमेरिका-ईरान की जंग है। हर महंगाई, हर गिरावट और हर परेशानी का दोष सरकार की नीतियों पर नहीं, पश्चिम एशिया के तनाव पर था।
अब जब जंग खत्म हो गई है, तो मोदी जी का बहाना भी खत्म हो जाना चाहिए।
क्रूड ऑयल के दाम कम होंगे। सप्लाई चेन सामान्य होंगी। मांग स्थिर होगी। स्वाभाविक रूप से, इसका फायदा देश के ग्राहकों को भी मिलना चाहिए।
मतलब यह कि पेट्रोल, डीज़ल, CNG, LPG और LNG के दामों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेकर कटौती की जानी चाहिए।
क्या इस खुशखबरी का ऐलान मोदी जी फ्रांस से ही करेंगे? या फिर देश को उनके वापस लौटने का इंतज़ार करना पड़ेगा?
कवरेज़ तीन प्रकार के होते हैं
प्रचार
समाचार
विचार
विचार -मर चुके हैं या एकपक्षीय हो गए हैं
समाचार -अपनी तथ्यात्मकता खो चुकी है
प्रचार -अब सब पर हावी हो चुका है
#उमासूक्ति
VIDEO | After attending a forum 'Solidarity with Iran: Children beyond geopolitics' in Mumbai, Major General GD Bakshi (Retd) says, "Donald Trump used to think he can win the war with an intelligent software, he would think he would win in 48 hours, but now 48 days have passed, 107 days have passed, the fight is on... People would think Donald Trump is very powerful. They killed three of our seafarers. We can stand with Iran."
#USIranWar
भारत में हम लोग सब कुछ यूं ही स्वीकार कर लेते हैं। जब खाने की चीज़ों में मिलावट पर चुप्पी है तो ईंधन की मिलावट पर कौन बोले?
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर कीमत और माइलेज से लेकर इंजन की सेहत पर असर को लेकर सरकार ने कोई संतोषजनक जवाब दिया है?
अगर कोई रिसर्च आर्टिकल हो तो ज़रूर साझा करें। अख़बारों में कुछ एक्सप्लेनर ज़रूर आये हैं। इंडियन एक्सप्रेस का एक लिंक शेयर कर भी रहा हूं पर अधिक स्पष्टता चाहिए।
मैं ज़्यादातर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चलता हूं। लेकिन यह नहीं कह सकता कि निजी वाहन बिल्कुल नहीं चलाता। लेकिन बहुत सारे मध्यवर्ग के लोगों के लिए स्कूटर, मोटरसाइकिल और कार भी केवल विलासिता नहीं ज़रूरत बन जाती है। विशेषकर महिलाओं के लिए।
नये वाहनों के लिए यह ईंधन नीति सही भी हो तो पुराने वाहन मालिक क्या करेंगे?
https://t.co/8XzqQ9bZgq
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
शिवानंद चौरसिया मेरे शहर के थे। ओमान को खाड़ी में अमरीकी हमलों में मारे जाने वालों में से एक। उनकी पत्नी का विलाप हृदयविदारक है।
एक विदेशी चैनल पहुँच गया वहाँ, देशी चैनल अबतक PM का कार्यकाल गिनने में व्यस्त हैं।
#America इतना असंवेदनशील है कि उसे बेगुनाह भारतीयों की मौत का कोई खेद नहीं है. वो ताकत के मद में चूर, अहंकार से भरी एक ऐसी महाशक्ति है जिसे अपनी नाक के आगे कुछ नहीं दिखता. उसने तीन निर्दोष भारतीयों को मारा लेकिन वो कोई संवेदना तक ज़ाहिर नहीं कर रहा. लगता है जैसे भारतीयों की ज़िन्दगी की कोई कीमत ही नहीं है.
#Trump भारत को अपना दोस्त बताते हैं, महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हैं लेकिन ये कैसी दोस्ती है कि निर्दोषों को मारने के बाद अमेरिका हेकड़ी दिखा रहा है.
दरअसल अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर विदेश मंत्री #Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध जताया. जयशंकर ने कहा कि कॉमर्शियल जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाई किसी भी तरह से उचित नहीं है.
जवाब में #MarcoRubio ने कहा कि अमेरिका होर्मुज पर अपनी नाकाबंदी के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा. यानी अमेरिका ने जो किया वो सही था. रूबियो ने साफ़ कहा कि #StraitOfHormuz में सभी जहाज़ों को अमेरिकी सेना के निर्देशों को मानना होगा. चोरी छिपे ईरान से तेल निकालने की कोशिश नहीं करें. मतलब हमले के लिए जहाज़ को ज़िम्मेदार ठहराया गया.
भारत के विदेश मंत्री बड़े गर्व से कह रहे हैं कि अमेरिका ने कहा था इसलिए हमने रूस से तेल खरीद लिया, फिर अमेरिका ने हम पर टैरिफ लगा दिया।
कोई बिना रीढ़ वाले विदेश मंत्री और दंडवत मोदी सरकार से यह नहीं पूछ रहा है कि अमेरिका के आदेश का पालन आपने किया क्यों? अमेरिका ने जो कहा, आपने वही क्यों किया?
आप अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र क्यों नहीं हैं? रूस से भारत का 75 साल पुराना संबंध अमेरिका क्यों निर्धारित कर रहा है?
विहिप के चंपत राय का चेला टुन्नू यादव जो ड्राइवरी करता था पांच साल में करोड़पति हो गया। जो घर बनवाया है उसमें लिफ्ट लगवाया है। आरएसएस और बीजेपी की लूट की ग़ज़ब कहानी बता रहा है यह भगवाधारी।
@AnumaVidisha मोदी जी अपने आपको राजा महाराजा से कम थोड़े ही समझते हैं, और रही मोदी जी को शर्म आने कि बात तो जो मोदी जी 2014 में 1 डालर 56 रुपये का होने पर कहते थे कि जब रूपया गिरता है तो देश और प्रधानमंत्री कि साख गिरती है,वहीं मोदी जी अब 1 डालर 96 रूपए का होने पर खुद पर शर्म नहीं करते है