वैसे भी कच्ची घानी तेल का इस्तेमाल खाने में कम अधिकारी और नेताओं की मालिश में ज़्यादा होता है,
भाई ने थोड़ा नहा लिया तो क्या गुनाह कर दिया।
है ना @fssaiindia ??
@crahul04@sameer_kasture Reverse fake one sided history written by politicians on the basis of their affiliations not on facts or on accepted logical approach
Tata Motors retired officer Anil Oak playing the mouth organ on hymn of ‘Goddess of Liberty' in Savarkar cell—Cellular Jail, Andaman written by Swatantryaveer Savarkar.
जयोऽस्तुते श्रीमहन्मंगले, शिवास्पदे शुभदे |
स्वतंत्रते भगवती, त्वामहं यशोयुतां वंदे ||
“आप हमको चाइनीज़ बोलने से बहुत गुस्सा होता है, बहुत दुखी होता है। प्लीज़ हमको ऐसे मत बोलो। हमको इंडिया बोलो इंडिया, हमको चाइनीज़ मत बोलो…”
- ईटानगर से प्यारी छोटी इंडियन की फ़रियाद
आजकल सोशल मीडिया पर यह लिखा जा रहा है कि "चंद्रशेखर आजाद" जी की माँ "जगरानी देवी" शाहजहाँपुर में भीख माँगते हुए स्वर्गवासी हुई थीं।
देशभक्त ब्राह्मण से लोग यही उम्मीद करते हैं कि 5000 साल तक दलितों का शोषण करने वाला ब्राह्मण भीख ही माँगेगा..
"चंद्रशेखर आजाद" के माता-पिता परम स्वाभिमानी थे। क्रांतिकारी पुत्र और पति सीताराम तिवारी के गुजर जाने के बाद "जगरानी देवी" नितांत अकेली पड़ गईं, पर उन्होंने भीख नहीं माँगी। उनका शाहजहाँपुर से कोई नाता नहीं था। वह भाबरा गाँव में ही रहीं।
लोग कहते थे कि तुम्हारा बेटा चंदू चोर-डाकू था, पुलिस ने मार दिया। वह मानिनी स्त्री अपमान का घूँट पीकर जीती रहीं। जंगल से कंडे और लकड़ी लातीं, किसी तरह दो रोटी खाकर गुजारा करती थीं लेकिन भीख उन्होंने कभी नहीं माँगी।
आजादी के बाद "चंद्रशेखर आजाद" के प्रिय साथी क्रांतिकारी भगवानदास माहौर और सदाशिव मलकापुरकर उन्हें अपने घर ले आए थे। वहीं उनकी मृत्यु हुई।
झाँसी में उनकी समाधि है।
वह रत्नगर्भा और महान स्त्री थीं। अंटशंट लिखकर उनका अपमान मत करो!
@ajeetbharti 😂😂😂कहाँ से लाए ये पैसा साबुन ख़रीदने का या कुछ बिज़नेस करने का । ख़ानदानी हुनर ख़त्म हो गया और आधुनिक कॉलेज के ज्ञान से आरक्षण होने पर भी नौकरी नहीं है या फिर आरक्षण इतना है कि नौकरी कहाँ मिलेगी ।