भाग गए रणछोड़ सभी
देख अभी तक खड़ा हूँ मैं ।।
क्या हुआ विजय न चूम सका
क्षमता भर अपनी लड़ा हूँ मैं।।
ग्लानि जो खुद से हार गए
वैसा बेचारा नहीं हूँ मैं।।
जाके कह दो विषम लक्ष्य से
हारा नही हूँ मैं।।
प्रत्यंचा जो टूट गई तो क्या
फिर से पिनाक को बाँधूंगा मैं।।
#NoNPS_NoUPS_OnlyOPS