झारखंड के कोचिंग माफिया का दोहरा चरित्र देखिए 11वीं से 13वीं जेपीएससी में यह कोचिंग माफिया बोलता है कि मेरे यहां से 130 से ज्यादा अधिकारियों का चयन हुआ है और यही कोचिंग माफिया 11वीं से 13वीं जेपीएससी को रद्द करवाने वाली आंदोलन में भी शामिल होते है।
झारखंड के कोचिंग माफिया का दोहरा चरित्र देखिए 11वीं से 13वीं जेपीएससी में यह कोचिंग माफिया बोलता है कि मेरे यहां से 130 से ज्यादा अधिकारियों का चयन हुआ है और यही कोचिंग माफिया 11वीं से 13वीं जेपीएससी को रद्द करवाने वाली आंदोलन में भी शामिल होते है
#jpsc#jharkhand#BiharStudents
झारखण्ड में छात्रों का असली गुनाहगार कौन है असली गुनाहगार कोचिंग माफिया है जो वर्षों के कोर्स बेच कर बस जेब भरना चाहता है परीक्षा होने के बाद भी उसे कैंसिल कराना चाहता है ताकि फिर से कोर्स बेच कर अपनी जेबें भर सके। कोचिंग माफियाओ से विनम्र आग्रह है अपनी दुकान चलाने के लिए भोले भाले छात्रों का इस्तेमाल करना बंद करो।
#save_jharkhandi_students_from_coaching_mafia
#JSSC_CGL
#JPSC
#Jharkhand_protest
https://t.co/x2DYGxfEg4
देख लीजिए कोचिंग माफिया का असली चेहरा।
पॉलिटिकल पार्टी के आड़ में ये अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हैं।
👉पहले कोर्स बेचो
👉फिर एग्जाम में सेलेक्टेड बच्चों के नाम पर वाह वाही लूटो
👉 फिर एग्जाम रद्द कराने के लिए आंदोलन करो
सरकार पर झूठ का दबाव बनाओ।
ये कहां तक न्याय संगत है।
@HemantSorenJMM@JmmJharkhand@aajtak@ndtv@livelagata79748@The_FollowUp@ZeeBiharNews@JharkhandPolice
राष्ट्रगौरव, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर कोटि - कोटि वंदन।
महाराणा प्रताप जी का जीवन अडिग स्वाभिमान, आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और राष्ट्रनिष्ठा की अमर गाथा है। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों, संस्कृति और मातृभूमि की अस्मिता से उन्होंने कभी समझौता नहीं किया।
हल्दीघाटी की रणभूमि से लेकर दिवेर और अरावली की दुर्गम पहाड़ियों तक महाराणा प्रताप जी का जीवन त्याग, धैर्य और अदम्य इच्छाशक्ति का अद्वितीय उदाहरण रहा। उनका शौर्य केवल मेवाड़ या राजस्थान की धरोहर नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष की प्रेरणापुंज विरासत है।
उनकी जयंती पर हम राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और स्वाभिमान के उन आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लें, जिनके लिए महाराणा प्रताप ने अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।
वीरता, सम्मान और स्वतंत्रता के अमर सूर्य को कोटिशः नमन।
वीरता और पराक्रम के अमर प्रतीक, देश के महान योद्धा महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मातृभूमि की आन-बान और शान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके अदम्य साहस और अटूट स्वाभिमान की गाथाएं युगों-युगों तक देशवासियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति का दीप प्रज्वलित करती रहेंगी।
अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और त्याग के सर्वोच्च प्रेरणास्रोत महाराणा प्रताप जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मातृभूमि, धर्म और संस्कृति की रक्षा तथा इनके स्वाभिमान की प्रतिष्ठा के लिए समर्पित कर दिया। विपरीत परिस्थितियों, अभावों और संघर्षों के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
महाराणा प्रताप जी का अद्वितीय शौर्य और मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रज्ज्वलित करता है।
माँ भारती के अमर सपूत, स्वाधीनता के कालजयी स्वर, त्याग व बलिदान की उज्ज्वल कीर्ति पताका, 'हिंदुआ सूर्य' वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पावन जयंती पर नमन।
मातृभूमि के गौरव और स्वाभिमान की रक्षा हेतु आपका अदम्य साहस एवं सर्वस्व समर्पण, युगों-युगों तक भारतीय जनमानस को अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने और राष्ट्रनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
अदम्य साहस, वीरता और स्वाभिमान के साक्षात प्रतीक, मेवाड़ शिरोमणि महाराणा सांगा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!
एक हाथ, एक आँख और एक पैर खोने के बाद भी रणभूमि में शत्रु का काल बनने वाले महान योद्धा की गौरवगाथा पर हर भारतीय को गर्व है।
मेवाड़ के गौरव, महान योद्धा एवं वीर शिरोमणि महाराणा संग्राम सिंह उर्फ राणा सांगा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
उनका अदम्य साहस, पराक्रम और मातृभूमि के प्रति समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
#RanaSanga#MaharanaSanga#Rajputana#VeerYodha#JanmJayanti #Tribute
भारत के गौरव, अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा संग्राम सिंह ‘राणा सांगा’ जी की जयंती पर नमन करता हूँ।
अद्वितीय पराक्रम से उन्होंने मातृभूमि की रक्षा की। त्याग व निष्ठा के लिए समर्पित उनका जीवन युवाओं को देश की सेवा हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।