हमारा वोट चुराया जा रहा है और ये हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे।
मतदाता सूचियों से नाम काटे गए। नियम-कानून तोड़े गए। और सवाल पूछने वालों पर लाठियां चलीं।
अब जवाब देश देगा।
1 नवंबर - चलो दिल्ली।
वोट बचाओ - देश बचाओ जन मार्च और महारैली।
छात्र, किसान, मज़दूर, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी - जिस-जिस को लोकतंत्र की फ़िक्र है, वो ज़रूर आए।
वोट आपका है। लड़ाई भी आपकी है।
📍 रामलीला मैदान, नई दिल्ली
PS: BJP और उसके साथियों का दिल से धन्यवाद, जो इस कार्यक्रम का इतना ज़ोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
बस अगले 7 दिन भी यही जोश और लगन बनाए रखिए!
#ChaloDilli
#RamlilaMarch
तावड़े मतलब तबाही सिंघम का ये डायलॉग याद है विनोद जी
कल चुनाव आयोग ने कांग्रेस के इन्हीं आरोपों का संज्ञान लेकर दो अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया है लेकिन आप को तो अफ़वाह फैलाने से फुर्सत कहाँ ।
बिहार के बाद अब यूपी की बारी, हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने की कांग्रेस की तैयारी!
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 403 में से सिर्फ 2 सीटें जीती और तब SIR नहीं हुआ था। आज हालत इतनी खराब है कि राज्यसभा और आगामी विधान परिषद चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने तक की उनकी ताकत नहीं है।
1989 के बाद से यूपी में कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं बना।
यदि कांग्रेस तुष्टीकरण और परिवारवाद पर ध्यान न दे रही होती तो चुनाव से पहले अपनी हार मानने की नौबत नहीं आती।
कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की ख़बर बेहद दुखद है। इस हादसे में कई लोगों की जान जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की सूचना है।
मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।
प्रशासन से अपील है कि सभी घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मिले, और इस हादसे की निष्पक्ष जाँच हो ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए।
मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूँ कि वे राहत कार्य में हर संभव मदद करें।
स्पष्टीकरण एवं खेद : ABP नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित एक ख़बर प्रसारित की गई, जो तथ्यों के आधार पर ग़लत पाई गई. इस त्रुटिपूर्ण प्रसारण के लिए हमें खेद है, हम इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं.
सुनो @abp न्यूज़, मैं कोई कॉsल गर्ल या प्रॉस्टिट्यूsट नहीं हूँ.
जब भाजपा का आईटी सेल मेरा हौसला नहीं तोड़ पाया तो तुम जैसे गोदी मीडिया को कमान सौंप दी?
पहले भाजपा के नेता बेटियों की इज्जत ख़राब करते थे, अब तुम लोग भी बेटियों की इज्जत लूटोगे? इतनी हिम्मत? इतनी बेशर्मी? ये बात यहीं खत्म नहीं होगी @abp
बेटियों का सम्मान तुम लोगों के लिए खेल का सामान हो गया है?
@narendramodi@NCWIndia
BJP's record in Goa: 15 years of misrule and loot. 15 years of chori.
Land chori. Paisa chori. Jobs chori. MLA chori. And above all, vote chori.
Together, let's tell the BJP: Goa is not for sale. Goa belongs to its people.
Tomorrow, 18 October, I will walk with you in the Goy Rakhonn (Save Goa) Yatra to defend Goa's identity, dignity and future.
Join me at 3:30 PM at Calconda.
🚨 धमाका🚨
चोरी चोरी,चुपके चुपके ही सही चुनाव आयोग उन नियमों में बदलाव कर रहा है जो मोदी काल में लिए गए थे!
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भनक तो नहीं है लेकिन दबाव वायुमंडलीय दाब से बहुत ज्यादा है। सरकार मझदार में है।
चुनाव आयोग द्वारा बदले जा रहे नियम निम्न है -
👉मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी अब राजनीतिक दलों को ऐसे प्रारूप में दी जाएगी, जिसे आसानी से पढ़ा जा सके।
👉मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन करने से संबंधित सूचियाँ भी राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएँगी।
👉मतदाता सूची की पढ़ने योग्य सॉफ्ट कॉपी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
👉दावों और आपत्तियों की साप्ताहिक सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी।
हालाँकि, भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) में अभी और भी सुधार किए जाने की जरूरत है, लेकिन मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने की दिशा में यह पहला कदम है।
जो पहले नियम में बदलाव किया गया है इसकी मांग राहुल गांधी,कांग्रेस 2018 से कर रही थे लेकिन आयोग बार बार मना कर दे रहा था। इस हद तक अपारदर्शिता थी आयोग में।
अब समझ लीजिए,देश में मुद्दों पर आंदोलन क्यों होते रहने चाहिए।
उनको भी समझाइये जो अभी तक नहीं समझे हैं या ना समझने का नाटक कर रहे हैं क्योंकि इससे उनको भी बेहतर जीवन मिलेगा।
हमारा आपका संघर्ष विरोधियों के भविष्य के लिए भी है।
Mr Rubio has summoned his employee to Mumbai.
Modi ji, your officials in the External Affairs Ministry are confused about what's going on.
You might want to explain.
Unless, of course, you want me to.
ज्ञानू
क्या हुआ पहले तो तुझे मशीन रीडेबल फॉर्मेट में वोटर लिस्ट देने में दिक्कत थी अब क्या हुआ फट के फ्लावर हो गई ।
अभी तू सीसीटीवी फ़ुटेज भी देगा और रेसिग्नेशन भी
Gyanu.. it’s done bro 👊
@RahulGandhi@SupriyaShrinate@INCIndia
Not sure whether the ongoing protests by political parties, students’ organisations and civil societies will culminate in the resignation of CEC Gyanesh Kumar but the impact is already seen in the functioning of the poll body.
Changes in SSR 2027:
1. Soft copy of electoral rolls in readable format to political parties.
2. Additions, depletions and modifications lists will also be shared with political parties.
3. Soft copy of electoral rolls in readable format to be shared with contesting candidates.
4. Weekly list of claims and objections will be shared with political parties.
Though more needs to be reformed in ECI, this is a first step towards greater transparency in the making of electoral rolls.