कुंदन के नाम से फैलाया जा इस शख्स की प्रतिष्ठा को धूमिल किया जा रहा है इसलिए जितने भी लोग इस पोस्ट को देखें सभी से आग्रह है कि ऐसे भ्रामक जानकारी की भर्त्सना करें और उन लोगों के लिए 2-4 शब्द जरूर लिखें जिनके माता-पिता दिन रात सपना देखते हैं कि उनका बेटा बेटी पढ़ाई करने घर ��े बाहर हैं और बेटा-बेटी सोशल मीडिया पर भ्रामक ख़बर फैलाने में लगे हुए हैं...सायद उन्हें ये पता नहीं है कि सोशल मीडिया के जरिए उनके जीवन की कुंडली सामने निकल सकती है और उन्हें कानूनी दाव-पेंच से गुजरना हो सकता है,इसलिए भ्रामक जानकारी से दूर रहने की सलाह देने का कष्ट करें ☝️
#jssccgl दोषियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले,लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जो निर्दोष है उनके साथ किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं हो, किसी और की गलती की सजा निर्दोष को ना मिले,तभी सही न्याय होगा @KunalSarangi@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren
याद रहे—वापसी केवल श्रीराम की नहीं होगी…
कुछ लक्ष्मण और शत्रुघ्न भी मंथरा के पास लौटेंगे !
जिन्होंने छल को चतुराई, षड्यंत्र को आंदोलन और निर्दोषों के उत्पीड़न को विजय समझ लिया है—वे मौन को कमजोरी समझने की भूल न करें।
वनवास व्यक्ति को तोड़ता नहीं, उसे सच्चे साथियों की पहचान कराता है; धैर्य, एकता और आत���मविश्वास सिखाता है। और जब वनवास समाप्त होता है, तब श्रीराम अकेले नहीं लौटते—उनके साथ सत्य, न्याय और धर्म भी लौटता है।
इस युग के लक्ष्मण और शत्रुघ्न अस्त्र या प्रहार से नहीं, बल्कि तथ्यों, संविधान और न्यायालय के निर्णयों से उत्तर देंगे।
मंथराएँ तैयार रहें—प्रश्न भी होंगे, हिसाब भी होगा और सत्य से सामना भी! 🚩
#jssc #jssccgl #selected #cdpo #fso #jpsc #jharkhand #merit
🎶 ये दोस्ती हम नहीं काटेंगे…
काटेंगे—बस कोई बढ़िया ऑफर तो मिल जाए!
🪷✂️😄
जनता भावुक होकर दोस्ती निभाती रही,
और नेताजी बेहतर अवसर मिलते ही कैंची चलाने को तैयार हो गए। ✂️
राजनीति में दोस्ती स्थायी नहीं होती—
बस ऑफर अच्छा, पद बड़ा और फूल कमाल का होना चाहिए! 🪷😂
@kunalpratap86 तुम सोशल मीडिया में ही रद्दी को चुनर देते रहो।🤣
कोर्ट में तो हवा टाइट हो जाती है तुम्हारी 😂
और इस बार अपने वकील को जज के सामने दलीलें रखने बोलना, वो क्या है कि जज मीडिया में कही गई बात पर फैसला नहीं लेती है 🤣
फिर से हारने के बाद तुम जज पर ही आरोप लगाने लगते हो 😂
कुणाल प्रताप सिंह@kunalpratap86द्वारा माननीय झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान एवं पूरी न्यायपालिका को लेकर दिए गए कथित बयान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक मंच से यह दावा करता है कि “हाईकोर्ट बिक गया है”, तो यह केवल एक सामान्य टिप्पणी नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की ��िष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
ऐसे गंभीर आरोपों के साथ ठोस प्रमाण और तथ्य भी सामने रखे जाने चाहिए। सवाल यह है कि इस दावे का आधार क्या है? कौन-से तथ्य या दस्तावेज इस आरोप को प्रमाणित करते हैं?
लोकतंत्र में सरकार, प्रशासन और न्यायपालिका से सवाल पूछने का अधिकार सभी को है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाते समय शब्दों के साथ जिम्मेदारी और प्रमाण भी जरूरी हैं।
इस��िए संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट करना चाहिए कि—
आरोप का आधार क्या है? प्रमाण क्या हैं? और यह दावा किन तथ्यों के आधार पर किया गया?
न्यायपालिका की आलोचना हो सकती है, लेकिन उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर आरोप बिना प्रमाण के नहीं लगाए जाने चाहिए।
#JharkhandHighCourt #Judiciary @kunalpratap86
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@yourBabulal
@HemantSorenJMM
नीचे दिखाया गया page JSSC CGL मामले में high court के जजमेंट में उल्लेख paper 3 का minimum marks है, जिसपर छात्रों को DV के लिए शॉर्टलिस्टेड किया गया था।
22 सितंबर के paper 3 पर leak का आरोप है ।
21 सितंबर के exam पर कोई आरोप नहीं है जिसमें UR का cut off marks 450 में मात्र 275 यानी कि 57% और 22 सितंबर जिस दिन के exam पर आरोप है उसमें UR का 450 में मात्र 236 यानी 52% cut off है।
अब मेरा सवाल ए है कि Railway का group d का exam जो level 1 का exam है, जिसपर किसी प्रकार की कोई धांधली का आरोप नहीं है उसमें 80% cut off जा रहा है तो फिर JSSC CGL में मात्र 52% marks पर selection कैसे हो गया।
जिस प्रकार से कुछ कोचिंग वाले पार्टी पोषित एजेंट द्वारा आरोप लगाया जाता है कि बृहद स्तर पर paper leak हुआ है तो क्या संभव है कि अगर बृहद स्तर पर paper leak हो जाए तो इतना कम marks पर selection हो जाएगा?
@GaganPratapMath@abhinaymaths@adityaranjan108@ajitanjum@shubhankrmishra@abhisar_sharma