क्या मध्यप्रदेश में RTI के तहत समय पर सटीक जानकारी दी जा रही है?
Is accurate information being given on time under RTI(Right to Information Act 2005) in Madhya Pradesh?
RT and comment you opinion.
@rtiindia@ChouhanShivraj@rahulreports
मप्र राज्य सूचना आयोग में मा0 श्री राहुल सिंह @rahulreports के सहयोग से सत्र की 11 वीं #zoom मीटिंग वेबीनार का आयोजन किया गया इसी के विषय में मप्र एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न अखबारों में समय-समय पर न्यूज़ प्रकाशित होती रहती हैं। आरटीआई एवं सहकारिता पर आयोजित वेबीनार के विषय में
सूचना आयोग में सुनवाई के लाइव प्रसारण की कार्यवाही लगातार जारी है। आयोग के कामकाज़ में पारदर्शी व्यवस्था के लिए ये एक बेहद उपयोगी कदम है। मेरे द्वारा की जा रही लाइव सुनवाई FB page पर उपलब्ध है। 👇
https://t.co/0FncghTfQC
-ऐतहासिक कार्रवाई के लिए आप तीनों की जितनी तारीफ़ की जाए उतनी कम है।@rahulreports@SpeakingShiva@Swatantra_media
प्रदेश सूचना आयुक्त राहुल सिंह जी ने जो RTI को लेकर जो कीर्तिमान रचे है वह ऐक्टिविस्ट का सदैव हौसला बढ़ाते रहगें ."
आरंभ है प्रचंड..!
1 मेरा सवाल उन लोगो से, जो सिर्फ़ बाते करते है ब्लैकमेल की RTI को बदनाम करने की नीयत से। अगर वे दूध के धुले है तो उनको किसने रोका है पुलिस में शिकायत करने से
2 RTI के तहत जो जानकारी मांगी है वो देदे, ब्लैकमेल किस बात का
3 भ्रष्टाचार भी करो और कोई सवाल भी ना करे ये तो नहीं चलेगा
मध्य प्रदेश के सूचना आयुक्त @rahulreports ने उन लोगों को सटीक जवाब दिया है जो कहते हैं कि आरटीआई का इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए हो रहा है. जो ईमानदार हैं उन्हें कैसे आरटीआई के तहत प्राप्त सूचना के आधार पर ब्लैकमेल किया जा सकता है. ये दलील सिर्फ आरटीआई को बदनाम करने के लिए है.
ये एक महत्वपूर्ण तथ्य है। इससे साफ़ पता चलता है कि कागज़ो पर जानबूझकर जगह छोड़ कर रखा जाता है ताकि बैकडेट में एंट्री कर लीपा-पोती की जा सके। लेकिन ये चालाकी ज्यादा काम नहीं आती है क्योंकि जिस कार्यालय में पत्र भेजना बताया गया है वहा के आवक रजिस्टर में एंट्री नहीं होती है।
Watch this short clip depicting #life's #ThreeGoldenlessons :
1. Never poke a person/thing lying peacefully
2. Never argue with a fool
3. Never try to prove your point to a fool
#SaturdayThoughts