@NirajSingh156 सभी राज्यों से समर्थन लेते हुए राष्ट्रीय स्तर पर हड़ताल, स्थायीकरण की मांग के साथ साथ मनरेगाकर्मियों को कंटीजेंसी से बाहर रखने की मांग। दिल्ली में सभी राज्याध्यक्षों की बैठक एवं प्रदर्शन।
हमारी मांग सरकार से हो, और इसका फायदा सिर्फ मनरेगाकर्मियों को मिले, किसी पार्टी को नहीं।
दुहाई सरकार, @HemantSorenJMM जी त्राहिमाम!
झारखण्ड के मनरेगा कर्मी पिछले 5 - 10 महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण दुर्गा पूजा नहीं मना पाए हैं। निवेदन है :-
1. सेवा स्थायीकरण की जाय
2. गत वार्ता में बनी सहमति को लागू किया जाय।
3. लंबित वेतन का भुगतान किया जाय।
Inclusion of all MGNREGA employees under the Employees' State Insurance (ESI) scheme. Given the very low remuneration of MGNREGA employees, they are unable to cope with financial crises arising from illness, accidents, or death, making it essential to provide them with
The Central Government should prepare a model HR policy for MGNREGA employees and direct states to implement it, enabling MGNREGA employees to receive benefits similar to those of government employees
झारखंड राज्य में मनरेगा कर्मियों का 5 से लेकर 7 मा ह तह का मानदेय बाकी हैं आखिर 5 से 7 महीना किस मद् से मनरेगा के कर्मी और उनके परिवारों का पालन पोषण हो रही होगी यह भी एक प्रश्न चिन्ह ही है कर्मीगण नौकरी जाने के डर से मानदेय नहीं मिलने पर चुप्पी साधै हुए हैं संबंधित विभाग भी मौन
@epanchjanya CAA और NRC
ये दोनों कानून कब लागू होंगे
आप वैध रूप से रह रहे पाकिस्तानियों को तो निकाल दे रहे हो
पर अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानियों को कब निकलोगे
असली खतरा तो इनसे है
"मैं पहले हिन्दू थी, मैंने मुस्लिम से शादी की और अब मुसलमान बन गई हूं।"
ये महिला पहले खुद मुसलमान बनी और अब कोचिंग की हिन्दू छात्राओं का ब्रेनवाश करती है।
हिन्दू लड़कियों पर मुस्लिम लड़कों से दोस्ती करने का दबाव बनाती है।
मुसलमान बनने और मुस्लिम से शादी करने के लिए उकसाती है।
हिंदू लड़कियों को जानबूझकर मुस्लिम लड़कों के साथ ग्रुप में रखती है।
लैक्मे एकेडमी के नाम से इंस्टिट्यूट चलाती है रक्शंदा खान।
रक्शंदा खान ने हिंदू छात्राओं को माथे पर बिंदी, टीका, सिंदूर और गले में मंगलसूत्र पहनने पर भी प्रतिबंध लगा रखा है।
लेकिन मुस्लिम छात्रों और मुस्लिम ट्रेनर्स को एकेडमी में ही नमाज पढ़ने की छूट देती है।
मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का है, कई छात्राओं ने DM से की शिकायत।