व्यस्त तो मधुमक्खी भी है और मक्खी भी!
फर्क सिर्फ इतना है एक व्यस्त होकर शहद बनाती है, दूसरी गंदगी फैलाती है!!
इसलिए पहचान व्यस्तता से नहीं, पीछे छोड़े गए परिणामों से होती है!!🙏
जिस क्षण हम बीते हुए कल की यादों और आने वाले कल की चिंताओं से खुद को मुक्त करके वर्तमान में जीना शुरू कर देते हो, उसी क्षण जीवन सच में शुरू होता है। जीवन न तो बीते समय को बदलने में है और न ही भविष्य को अपने अनुसार ढालने की चिंता में, बल्कि उस पल को पूरी तरह महसूस करने में है जो अभी तुम्हारे सामने है। जो हो चुका, वह अनुभव बन चुका है और जो होना है, वह अभी अनिश्चित है; हमारे पास केवल यह वर्तमान क्षण है, जिसमें हम प्रेम कर सकते हैं, मुस्कुरा सकते हैं, सीख सकते हैं और अपने जीवन को अर्थ दे सकते हैं। इसलिए बेहतर है जीवन को किसी बेहतर समय के इंतज़ार में न मत टाला जाए क्योंकि जीवन हमेशा “अभी” में ही घटित होता है।
हर हर महादेव
आज नहीं तो कल, सब कुछ छूटता ही है और यात्री इसका शोक नहीं करते। जो सहयात्री रहा, उसकी भी अपनी यात्रा है, और आपकी अपनी; कोई पहाड़ से होकर जाएगा तो कोई समुद्री त��फान से पर अंततः पहुंचेंगे सब वहीं। अतः मिलने या बिछड़ने के शोक भी, समय के बहाव का हिस्सा भर हैं, जीवन यात्रा ही तो है।
कुछ चीज़ें जबरदस्ती नहीं की जा सकती, मछली पानी के लिए ही बनी है,आकाश पक्षियों के लिए..
आप सिखा सकते हो, उसके भिक्षुक बन सकते ह���, उसकी प्रतीक्षा भी कर सकते हो पर आप मछली को आकाश से प्रेम नहीं करवा पाओगे, तुम्हें चुने जाने के लिए तुम समुद्र को छोटा नहीं कर सकते...!!!
कभी-कभी लगता है, मैं जैसा अपने जीवन के बारे में सोचता हूँ, सब कुछ ठीक उसके विपरीत ही होता चला जा रहा है। जिन चीज़ों को बचाए रखना चाहता हूँ, वही छूट जाती हैं और जिन रास्तों से दूर रहना चाहता हूँ, जिंदगी उन्हीं रास्तों पर ले आती है।
इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं होता। वह समाज की स्मृति भी होता है। वह बताता है कि किसने परिवर्तन का रास्ता चुना और किसने उस रास्ते में काँटे बिछाए।
समय की सबसे बड़ी विडंबना यही है कि जो लोग अपने समय में परिवर्��न के विरोधी होते हैं, वे स्वयं इतिहास के फुटनोट बनकर रह जाते हैं
नाम - काजल मंसूरी
निवासी - जालौन उत्तर प्रदेश
काजल मंसूरी ने अपने पारिवारिक रीति रिवाजों जैसे तीन तलाक हुलाला मुत्ता आदि के डर से अपने प्रेमी ओम ठाकुर से विवाह कर लिया है...
अब उसके ज़ालिम घरवाले उन्हें धमकी दे रहे हैं
प्रशासन.. बेटी को सुरक्षा प्रदान करे ✍️
जीवन मे कुछ व्यथाये ऐसी होती है जिन्हें कभी किसी से सांझा नही किया जा सकता,किसी कीमत पर नही क्योकि कुछ जख्मो को दिखाना स्वयंको पराजित दिखाना होता है,फिरभी कोई है आपके जीवन मे उन तकलीफों को सुनाने योग्य और वो बिना मशवरा और अपनी राय दिये सिर्फ सुनता है तुम्हे,तो खुशकिस्मत हो तुम..!
माँ वह आईना है, जिसमें हम कभी बूढ़े नहीं होते, और जिसकी दुआओं में हम कभी हारते नहीं. किताबों ने हमें ज्ञान दिया, लेकिन सब्र और सहनशीलता का पाठ हमें माँ के व्यवहार से मिला. दुनिया के लिए आप सिर्फ़ एक व्यक्ति हो सकते हैं, मगर माँ के लिए आप उसकी पूरी दुनिया का मरकज़ होते हैं...🤍:)
संसार में जैसे बिना चाहे दुख आता है, वैसे ही बिना प्रयत्न के सुख भी मिलता है।
सुख और दुख तो प्रारब्ध के अनुसार पहले से ही सुनिश्चित हैं।
इस��िए दुख में घबराएं नहीं और सुख में अहंकार न करें, सब विधि का विधान है।
कुछ लोगों के लिए किसी का सरल और सच्चा मन कोई मायने नहीं रखता,वे अक्सर उसी इंसान को सबसे ज़्यादा ठेस पहुँचाते हैं जो बिना किसी छल के उनके साथ खड़ा रहता है शायद इसलिए इस दुनिया में मासूमियत सबसे खूबसूरत होकर भी सबसे ज़्यादा अनदेखी रह जाती है...!
मैं जैसा हूँ वैसा बनने में,और जहाँ हूँ वहाँ तक पहुँचने में मुझे बहुत समय लगा है शायद इसी वजह से मैं थोड़ा ज़्यादा लापरवाह दिखता हूँ मेरा हावभाव भी कुछ ऐसा ही है पर मेरी इस बात को आधे खाली या आधे भरे गिलास की तरह मत देखो मैं सच में परवाह करता हूँ...!
एक बार नहीं कई बार मैं अंत में अकेला रह गया पर उन सभी को आभार जो छोड़ गए मुझे.. उनसे सीखा कि जीवन अकेले ही तय करना होता है, लोग आते जात�� रहते हैं...!!!
टूटना जरूरी है.... बहुत जरूरी.... इसलिए नहीं कि हर बार तुम कुछ और मजबूत बनकर उभर सको... टूटना इसलिए जरूरी है कि एक दिन तुम टूट कर बिखर सको.... और उस दिन तुम्हारे ईश्वर तुम्हें समेटने के लिए आयेंगे। बस उस एक क्षण के लिए टूटना.... हर बार टूटना.... और एक दिन जर्जर बिखरना जरूरी है।
पैसा इंसान के चरित्र की असली परीक्षा लेता है,कई बार जो लोग सच्चे और अच्छे लगते हैं,वो पैसे के सामने खुद को बदल लेते हैं,और वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो पैसा आने के बाद भी अपनी असलियत और इंसानियत नहीं छोड़ते,पैसा इंसान को नहीं बदलता,वो तो सिर्फ उसकी असली पहचान सामने लाता है...!