पुलिस पैसा खाने,नेताओं,पैसे वालों के सामने नाचने,लाचार को सताने,क्रिमिनल से गहरी सांठगांठ रखने और अपनी अक्षमता,अल्पज्ञता,निर्लज्जता,पशुता को कानून प्रदत शक्तियों की आर में दल बल क्षल से ढकने के सिवाय अच्छा खासा सैलरी लेती है और घंटा कुछ नहीं करती है l
@ajeetbharti@bihar_police
प्रिय @SaranPolice सार्वजनिक तौर पर धमकी देना बंद करो और बार-बार प्रेस विज्ञप्ति मिटानी न पड़े, ऐसा काम करो। मीडिया का काम है हर पक्ष की बात को रिपोर्ट करना। आपकी अपनी प्रेस विज्ञप्ति दो कौड़ी की है और उसमें तार्किक समस्याएँ हैं। इसलिए, पहले स्वयं को समेटो, ठंढे दिमाग से सोचो कि लड़की का चरित्र हनन करना है या उसको न्याय दिलाना है।
यदि SSP विनीत कुमार को लगता है कि मीडियाकर्मियों या अन्य लोगों को ऐसी धमकी देने से या FIR करने से कुछ साबित हो जाएगा तो आप वह भी कर के देख लीजिए। जरूरत पड़ी तो गाँव जा कर भी रिपोर्ट कर लेंगे।
मादरचोदो को दिखाई नहीं देता है क्या ?
फ्री की पैदावार को और क्या चाहिए?
जिनपे भी scst act लगे उनको चाहिए कि कुछ ऐसा करे कि जेल जाने का धारा बदल जाए। मुफ्तख़ोरो को तुरंत न्याय मिलना चाहिए ।
शर्म नहीं आती इनके घरवालों को इनके जैसे बच्चे पैदा करते हुए?🥹
माननीय @narendramodi जी क्या इस बार भी आपका इनको माफ़ करने का इरादा है?🥹
यदि भारत सरकार ने समय रहते @Cockroachisback नाम की बीमारी को नहीं रोका तो यह लोग नासूर बन जाएँगे।🥹
EWS आरक्षण में वर्गीकरण होना चाहिए। मुझे शक है कि एक जाति दूसरी जातियों के हिस्से का आरक्षण का रही है।
अब आप कहेंगे कि मैं इनके फटे में टांग क्यों अङा रहा हूं तो जवाब सुनिये ।
बहुसंख्यक समुदाय की जिम्मेदारी है कि अल्पसंख्यकों कि ख्याल रखे। सवर्ण इस देश में बहुजनों के मुकाबले अल्पसंख्यक हैं , इसलिए मुझे इनकी चिंता है ।
मेरे साथ आखिरी के 2 डिबेट में सुधांशु त्रिवेदी की पोल इस तरह से खुली थी:
पहली वाली में तोता जी ने VP Singh जी को अपशब्द बोले उसके बाद इसे महीने भर डिबेट में नहीं भेजा गया!
दूसरी वाली में ये वक़्फ़ की जमीन खोज रहे थे, मैं लाइव डिबेट में इनके कई बैंक खाते की डिटेल सामने ले आई, 2 राज्यों में 3 घर, 26 करोड़ से ज्यादा की घोषित संपत्ति निकाल लाई और इन्हें इसे गरीबों में बांटने को कहा।
इस दोनों फजीहत के बाद तोता त्रिवेदी मेरे साथ बैठने से भागने लगे है!
साहिल का फर्स्ट ईयर में 80% मार्क्स आया था। सेकंड ईयर में आते ही साहिल फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को पढ़ाने लगा था। साहिल के इंस्टीट्यूशनल मर्डर में डायरेक्टर, डीन और फैकल्टी—सबकी जाँच होने के बजाय, जातिवादी दरिंदे साहिल को कमजोर आरक्षण वाला, दिमाग की कमी वाला साबित करने लगे। जबकि उसी सेम हॉस्टल में कई सुसाइड हो चुके हैं।
ये जातिवादी कीड़े-मकोड़े, धूर्त, मक्कार पहले इंस्टीट्यूशंस में OBC, SC, ST को घुसने नहीं देते हैं। एक बार कोई अपनी मेहनत के दम पर आ जाए, तो उसे इस हद तक टॉर्चर करते हैं कि वह सुसाइड तक पहुँच जाए। यह और कुछ नहीं बल्कि इंस्टीट्यूशनल मर्डर है।
इन जातिवादी धूर्तों की जाँच होनी चाहिए और इन्हें सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए।
तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में स्वर्ण मंदिर के बाहर गश्त पर पुलिस कर्मी ने साधु पर बेवजह धार्मिक गुस्सा निकाला
साधु के गाल पर थप्पड़ जड़ने वाला मुस्लिम SI नसीम
वर्दी की आड़ में धार्मिक हिंसा @VellorePolice
यही अगर कोई मौलाना होता हिंदू पुलिस वाला थप्पड़ मारता तो देश में हंगामा हो गया होता
हिंदुओं पुलिस पर करवाई होने तक शेयर करते रहो
अंबेडकर ने कहा था जब मेरिट ही जरूरी है देश के लिए तो अंग्रेजों का शासन सबसे अच्छा था- चंद्रशेखर
अंबेडकर ने ऐसा कहा था क्या कोई पुष्टि कर सकता है।
@grok के अनुसार तो अंबेडकर ने कही ऐसा लिखित या मौखिक रूप में नहीं कहा।
बिलकुल सहमत, पर उसकी न्यायिक जाँच (पूर्णतः सच) हो और आरोप सही मिले तो आरोपी को कठोर से कठोर सजा हो और आरोप गलत साबित होने पर आरोप लगाने वाले को सजा दोगुना हो ।
क्या कहते हो हंसराज भाय @HansrajMeena
Free का सबकुछ मिल ही रहा है पर थोड़ा सा पढ़ाई करना पड़ता है जिससे बचने के लिए ये हो रहा है।
जन्म लेते ही Phd और बालिग होते ही Ias बना दो मुफ्तखोरो को और बीच बीच में विदेश भ्रमण के लिए शाल भर में 2,4 Scst act का पैसा Free free free।
क्या बोलते हो लक्ष्मण भाय @DrLaxman_Yadav
“इस इंस्टीट्यूट में जातिवाद होता है” - साहिल वाकोड़े की मौत के बाद IIT मुंबई के छात्रों का यह आरोप बेहद गंभीर है। परिवार भी कह रहा है कि साहिल महीनों से जातिगत उत्पीड़न झेल रहा था। देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक पर ऐसे सवाल उठें, तो उन्हें दबाया नहीं - निष्पक्षता से जाँचा जाना चाहिए।
तुम एकलव्य नहीं हो क्योंकि वो कर्तव्यनिष्ठ थे तुम शिशुपाल हो जो बस गलती पे गलती करती जा रही हो और समाज तुम्हे माफ करता जा रहा है।
तुम बस दूसरों के दया पर हो @priyanka2bharti
इस देश केे तमाम यूनिवर्सिटी कैंपस में SC ST OBC प्रोफेसर की संख्या नगण्य है।
वजह? कैंपस में बैठे द्रोणाचार्य, हम जैसे एकलव्यों का अंगूठा काटने में लगे हुए है!
2019 में जो मांग उठा रही थी आज भी वही मांग उठानी पड़ रही है, मगर ये मनुवादी सुधरने का नाम नहीं लेते!
मोदी सरकार अपने विभागों में SC ST OBC समाज के अफसरों को देखना नहीं चाहते, हमें संस्थाओं से लुप्त किया जा रहा है!
लिख के दे सकता हूं तुमको ना तो एकलव्य के बारे में पता है कुछ और ना ही द्रोणाचार्य के बारे में।
जहां बात ज्ञान,तर्क और मर्यादा की होगी वहां से तुम्हारा क्या वास्ता,तुम्हे तो सिर्फ अल्पज्ञता का प्रदर्शन करना है बक बक करके @priyanka2bharti@RJDforIndia को बरबाद कर ही रही हो ।
एक एक्ट और लाओ जिसमें ये प्रावधान हो कि 87% Scst केस जो फॉल्स होता है उसमें केस करने वाले को गवाह को पुलिस वाले को और जज सभी को फांसी दे दिया जाय और झूठा केस करने वाले की सभी अपनी और पुस्तैनी संपत्ति जप्त कर ली जाय।जिससे धन उगाही का साधन बंद हो जाए हरामखोरो के लिए।
महोदया,
इस मामले से अपनी गंदी मानसिकता को दूर रखें, कोई छात्र इतना कमजोर नहीं कि केवल चिंटींग करते हुए पकड़े जाने पर अपने प्राण त्याग दें !
SC/ST Act में जांच होगी और जरुर होगी, यह देश अब मनोहर कहानियों और लीपा-पोती से नहीं चलेगा।
एक जिंदगी खत्म हो गई है, यह मज़ाक नहीं है।
सहरसा डॉक्टर/पत्रकार प्रकरण में आपके द्वारा लिया गया एक्शन सही नहीं है @BiharHealthDept उसे कुत्ता बना के सड़क पर छोड़ना था।
सदर अस्पताल सहरसा में सिर्फ नशेड़ी और दलाल ही दिखते हैं,नशा का अड्डा मात्र बना दिया है।ये लुटेरे नशेड़ी हड़ताल पर हैं,इन्हें सिर्फ जूता परना चाहिए