22545 में सुबह का नाश्ता आज दिनांक 8 नवंबर को मेन्यू के मुताबिक नहीं मिला |जैसे नाश्ते के साथ चाय या कॉफी नहीं मिली, muffin नहीं मिला, दही नहीं मिली |
कृपया समुचित कार्यवाही करें |
22545/C6-30
22545 में सुबह का नाश्ता आज दिनांक 8 नवंबर को मेन्यू के मुताबिक नहीं मिला |जैसे नाश्ते के साथ चाय या कॉफी नहीं मिली, muffin नहीं मिला, दही नहीं मिली |
कृपया समुचित कार्यवाही करें |
22545/C6-30
BSA से मारपीट करने वाले मामले में "रखैल" एंट्री...“रखैल शिक्षिका” पर विवाद से बिगड़ा मामला: सीमा वर्मा बोलीं-बीएसए को पीटा नहीं, बस डराया
सीतापुर जिले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को पीटे जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस विवाद पर अब तक चुप्पी साधे प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के परिवार ने खुलकर बयान दिया है। बृजेंद्र की पत्नी सीमा वर्मा ने मीडिया में बीएसए पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति को एक “रखैल शिक्षिका” की अटेंडेंस लगाने के लिए जबरन दबाव डाला जा रहा था।
सीमा के मुताबिक, पहले तीन साल का स्कूल का ब्यौरा मांगा गया, फिर दस साल का, और आखिरकार बीएसए कार्यालय में बुलाकर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा – “मेरे पति ने गुस्से में बीएसए को सिर्फ डराया था, पिटाई तब मानती जब वह चलने लायक न रहते। उन्होंने कहा कि ऐसे ही रखैलों के कारण देश में बड़े-बड़े युद्ध हो गए हैं और कई रियासत से मिट गई है।” सीमा ने आरोप लगाया कि ज्यादातर बीएसए ऐसी शिक्षिकाओं के कारण प्रधानाध्यापकों को प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अब शिक्षक अपने सम्मान के लिए आवाज नहीं उठा रहे। उन्होंने स्कूल के उन छोटे बच्चों के प्रति दिल से हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिन्होंने यह जानने के बाद कि उनके प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया है स्कूल में ताला लगा दिया और पढ़ाई का बहिष्कार कर दिया। यह किसी भी शिक्षक के जीवन का "नोबेल प्राइज" है।
सूत्रों के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब स्कूल की शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को अटैच किए जाने पर प्रधानाध्यापक ने कागजात मांगे। इसी बात से नाराज बीएसए ने बृजेंद्र को बुलाया और विवाद मारपीट तक पहुंच गया।
सच्चाई जांच में आएगी सामने या चुप्पी के साथ SIT करेगी पूरी मामले की जांच...
राष्ट्रीय पुस्तक मेला लखनऊ में पुस्तक विमोचन समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम सूत्रधार श्री @RohitRamwapuri रहे।
"सनातन कुम्भ" :– https://t.co/5MCftuB1Ju
"सनातन संवाद कथाएं" :– https://t.co/0L7YE3qiFR
@AuthorVishwa
आज विश्व दुग्ध दिवस है. यह बड़े गौरव की बात है कि हमारा देश भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है. भारत में साल भर में करीब 208,984,430 टन दूध उत्पादन होता है. इसमें भैंस का दूध 94,383,692 और गाय का दूध 108,300,000 है. वैश्विक स्तर पर, दूध उत्पादन प्रति वर्ष 2% की दर से बढ़ रहा है, लेकिन भारत में इसकी वृद्धि दर 5.7% है.
हर साल एक जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है. इस दिन की शुरुआत साल 2001 में संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन द्वारा की गई थी. विश्व दुग्ध दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को दूध के लाभों के बारे में बताना है. दूध उत्पादन से स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं और समुदायों को अनेक प्रकार से लाभ होते हैं.
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएँ लागू की जा रही हैं.
ठीक एक वर्ष पूर्व 20 मई 2024 की फेसबुक स्मृतिका से:–
"महादेव सभी का कल्याण करें। संतप्त को धैर्य, तप्त को करुणा, तृप्त को संवेदना, अतृप्त को शांति, प्रबुद्ध को विनम्रता एवं अल्पबुद्धि को अनुशासित होने की प्रेरणा भगवान अविमुक्तेश्वर महादेव से प्राप्त हो" इस प्रार्थना के साथ जो मुमुक्षु ‘काशी अविमुक्तेश्वर महादेव’ का स्मरण कर आराधना करते हैं, उनकी प्रवृत्ति सांसारिक विकारों यथा ईर्ष्या, घृणा, क्रोध, लोभ, अज्ञानता, मोह एवं लिप्सा से शनै: शनै: निर्लिप्त हो जाती है अतः नवीन कर्म के बंधनों से वह आबद्ध होने में प्रवृत्त नहीं होते। निरंतर यह साधना करते रहने से समस्त संचित कर्मफल के क्षय हो जाने पर ऐसे मनुष्यों को ही अविमुक्त हो काशी प्रवास का फल प्राप्त होता है।
दिनांक 17 मई 2025 को ‘भारत विकास परिषद’ काशी के दायित्व परिवर्तन कार्यक्रम में प्रतिभाग का सुअवसर प्राप्त हुआ। यह राष्ट्रीयता को समर्पित लोक कल्याणकारी संस्थाएं ही हमारे नागरिक समाज की जीवन धाराएं हैं।
अम्बेडकरनगर: पूर्व सांसद रितेश पांडेय ने पेश की मानवता की मिसाल ❤️🚑
🚨 सड़क हादसे में घायल 2 युवकों को किया अस्पताल पहुंचाया
🕒 काफी देर से सड़क पर तड़प रहे थे दोनों घायल युवक
🚗 क्षेत्र भ्रमण पर निकले पूर्व सांसद रितेश पांडेय ने गाड़ी से पहुंचाया जिला अस्पताल
🎥 मदद करते रितेश पांडेय का वीडियो हुआ वायरल
📍 घटना स्थल: अहिरौली के मिझोड़ा तिवारीपुर मोड़ के पास
#RiteshPandey #Humanity #RoadAccident #AmbedkarNagar #HelpingHand #SocialWork #Inspiration #ViralVideo @mpriteshpandey
आज मुझे भोपाल से दिल्ली आना था, पूसा में किसान मेले का उद्घाटन, कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती मिशन की बैठक और चंडीगढ़ में किसान संगठन के माननीय प्रतिनिधियों से चर्चा करनी है।
मैंने एयर इंडिया की फ्लाइट क्रमांक AI436 में टिकिट करवाया था, मुझे सीट क्रमांक 8C आवंटित हुई। मैं जाकर सीट पर बैठा, सीट टूटी और अंदर धंसी हुई थी। बैठना तकलीफदायक था।
जब मैंने विमानकर्मियों से पूछा कि खराब सीट थी तो आवंटित क्यों की? उन्होंने बताया कि प्रबंधन को पहले सूचित कर दिया था कि ये सीट ठीक नहीं है, इसका टिकट नहीं बेचना चाहिए। ऐसी एक नहीं और भी सीटें हैं।
सहयात्रियों ने मुझे बहुत आग्रह किया कि मैं उनसे सीट बदल कर अच्छी सीट पर बैठ जाऊं लेकिन मैं अपने लिए किसी और मित्र को तकलीफ क्यों दूं, मैंने फैसला किया कि मैं इसी सीट पर बैठकर अपनी यात्रा पूरी करूंगा।
मेरी धारणा थी कि टाटा प्रबंधन के हाथ में लेने के बाद एयर इंडिया की सेवा बेहतर हुई होगी, लेकिन ये मेरा भ्रम निकला।
मुझे बैठने में कष्ट की चिंता नहीं है लेकिन यात्रियों से पूरा पैसा वसूलने के बाद उन्हें खराब और कष्टदायक सीट पर बैठाना अनैतिक है। क्या ये यात्रियों के साथ धोखा नहीं है?
क्या आगे किसी यात्री को ऐसा कष्ट न हो, इसके लिए एयर इंडिया प्रबंधन कदम उठाएगा या यात्रियों की जल्दी पहुंचने की मजबूरी का फायदा उठाता रहेगा।
@airindia